नगर निकाय चुनाव: दो-दो नगर निगमों पर काबिज भाजपा, कांग्रेस में बढ़त के लिए जोरआजमाइश
चार नगर निगमों में कांग्रेस और भाजपा दो-दो के साथ अभी बराबरी पर हैं। 29 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही सियासी दलों के पत्ते खुलने भी शुरू हो जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश के जिन चार नगर निगमों में चुनाव हो रहा है, उनमें कांग्रेस और भाजपा दो-दो के साथ अभी बराबरी पर हैं। सोलन और पालमपुर में कांग्रेस और मंडी व धर्मशाला में भाजपा की सरदारी है। आगामी चुनावों में अपने किलों को बचाने के साथ ही दोनों दल विपक्षी खेमे में सेंध लगाने की कोशिश करेंगे।
पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस समर्थित मेयर, डिप्टी मेयर काबिज थे, जबकि सोलन नगर निगम में कांग्रेस का मेयर और भाजपा का डिप्टी मेयर था। धर्मशाला और मंडी नगर निगम पूरी तरह भाजपा के कब्जे में रहे। ऐसे में चारों नगर निगमों में दोनों दलों के बीच संतुलन बना हुआ था। अब दो-दो के मुकाबले को तीन-एक या चार-शून्य करने के लिए दोनों प्रमुख राजनीतिक दल एड़ी-चोटी का जोर लगाने को तैयार हैं।
29 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही सियासी दलों के पत्ते खुलने भी शुरू हो जाएंगे। दोनों दल न केवल अपने कब्जे वाले नगर निगम बचाने की कोशिश करेंगे, बल्कि विरोधी दल के कब्जे वाले क्षेत्रों में सेंध लगाकर बढ़त हासिल करने की रणनीति पर भी काम करेंगे।
नगर निगम चुनावों को लेकर दोनों दलों में टिकट वितरण सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। हर वार्ड में मजबूत उम्मीदवार उतारने के लिए पार्टी स्तर पर गहन मंथन चल रहा है। दावेदारों की लंबी कतार और अंदरूनी खींचतान भी सामने आने लगी है। संभावित है कि मंगलवार या बुधवार को भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी तय हो जाएंगे।
इस बार चुनावों में स्थानीय मुद्दे जैसे शहरों का विकास, सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट और ट्रैफिक मुख्य भूमिका निभाएंगे। कांग्रेस जहां अपनी सरकार के विकास कार्यों को जनता के सामने रखेगी, वहीं भाजपा इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है। चारों नगर निगमों में मुकाबला करीबी रहने के आसार हैं। वार्ड स्तर पर छोटी-सी बढ़त भी पूरे नगर निगम की सत्ता का समीकरण बदल सकती है। हिमाचल के चार नगर निगमों में होने जा रहे चुनाव इस बार केवल स्थानीय निकाय का चुनाव नहीं, बल्कि कांग्रेस और भाजपा के बीच प्रतिष्ठा की सीधी लड़ाई बनते जा रहे हैं, जहां जीत-हार आने वाले राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगी।
हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनावों का बिगुल बजते ही सियासी पारा चढ़ गया है। पिछले चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर बेहद रोचक बनती है। कुल 27 नगर परिषदों में भाजपा समर्थित 14 और कांग्रेस समर्थित 13 अध्यक्ष रहे, जिससे दोनों दलों के बीच सीधी और कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। एक-एक सीट का महत्व बढ़ गया है और छोटे अंतर ने चुनावी मुकाबले को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है। उधर, भाजपा इन चुनावों को विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल मानकर चल रही है। सिरमौर, ऊना, हमीरपुर और चंबा में मजबूत पकड़ के दम पर भाजपा ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर राजनीतिक बढ़त हासिल करना चाहेगी, ताकि आगामी चुनावों के लिए माहौल अपने पक्ष में किया जा सके।
नगर परिषद में जिलावार स्थिति
नगर परिषद में जिलावार स्थिति इस प्रकार है। कांगड़ा जिला में 6 में से पांच सीटें कांग्रेस और 3 भाजपा के पास रहीं। सोलन में दो में से दोनों ही सीटें कांग्रेस के पास थीं। बिलासपुर में तीन में से कांग्रेस के पास दो और भाजपा के पास एक और शिमला में तीन में से तीनों ही सीटें कांग्रेस समर्थित अध्यक्षों के कब्जे में थीं। दूसरी ओर सिरमौर, ऊना, हमीरपुर और चंबा जैसे जिलों में भाजपा का दबदबा साफ नजर आया, जहां अधिकांश या सभी परिषदों पर भाजपा समर्थित अध्यक्ष रहे। चंबा में दो में से दो, सिरमौर में दो में से दो, हमीरपुर में दो में से दो और ऊना में भी दो में से दो नगर परिषदों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी अध्यक्ष थे। बिलासपुर में दो सीटों में से एक कांग्रेस और एक भाजपा जबकि मंडी में चार सीटों में से दो में कांग्रेस और दो में भाजपा समर्थित प्रत्याशी अध्यक्ष थे। कांगड़ा में कांग्रेस 5 और भाजपा 3, मंडी में कांग्रेस 3 और भाजपा 1, सोलन में दोनों परिषदें कांग्रेस के पास रहीं, जबकि बिलासपुर में कांग्रेस 2 और भाजपा 1 पर रही। कुल्लू में दोनों प्रमुख्र दलों में 1-1 ले बराबरी की स्थिति रही।
मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस सत्ता में है, ऐसे में पार्टी के लिए यह चुनाव अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका भी है और चुनौती भी। कांग्रेस पार्टी का कांगड़ा, मंडी, सोलन और बिलासपुर जैसे जिलों में अपने गढ़ को बचाने के साथ बढ़त बढ़ाने पर फोकस रहेगा। चुनावों की रणनीति बनाने के लिए भाजपा-कांग्रेस दोनों दलों को केंद्रीय नेता हिमाचल पहुंच गए हैं।
कांग्रेस आज घोषित करेगी नगर निगम धर्मशाला और पालमपुर के प्रत्याशी
नगर निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस मंगलवार को नगर निगम धर्मशाला और पालमपुर के प्रत्याशियों की घोषणा कर देगी। सोमवार देर रात चुनाव समिति की बैठक में चर्चा के बाद ये फैसला ले लिया है।
सोमवार देर शाम मुख्यमंत्री के धर्मशाला पहुंचने के बाद यह बैठक आयोजित हुई। बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल के अलावा चुनाव समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
निर्णय लिया गया है कि 29 अप्रैल को मंडी और सोलन नगर निगम के प्रत्याशियों की भी घोषणा कर दी जाएगी। प्रदेश कांग्रेस महासचिव विनोद जिंटा ने इसकी पुष्टि की है। 29 अप्रैल को धर्मशाला में प्रस्तावित चुनाव समिति की बैठक के बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। 30 अप्रैल को जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में राहुल गांधी के धर्मशाला दौरे को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व एक दिन पहले प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया पूरी करना चाहता है। सोमवार को आयोजित बैठक में धर्मशाला, पालमपुर, सोलन और मंडी नगर निगम चुनावों के लिए नियुक्त प्रभारियों ने अपनी रिपोर्ट पेश की।
सोलन का जिम्मा संभाल रहे उद्योग मंत्री ने सोमवार को सोलन में बैठक कर फीडबैक लिया।

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