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Himachal Monsoon: किन्नौर में दरका पूरा पहाड़, कुल्लू में बह गईं दो पुलियां; फिर लौट रहा भारी बारिश का दौर
Thu, 16 Jul 2026 09:35 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 16 Jul 2026 09:35 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और किन्नौर में बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सैंज घाटी में दो पुलियां बहने से संपर्क टूट गया, जबकि किन्नौर के याशंग गांव में पहाड़ी दरकने से सड़क, खेत और पेयजल पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने 18 और 19 जुलाई के लिए येलो तथा 20 और 21 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश की चेतावनी दी है। पढ़ें पूरी खबर...
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कुल्लू के देहुरीधार में भारी बारिश से तबाह मक्की की फसल।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मानसून के बीच बुधवार को मौसम भले ही अधिकांश क्षेत्रों में साफ रहा, लेकिन कुल्लू और किन्नौर में बारिश और भूस्खलन ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। कुल्लू की सैंज घाटी में मूसलाधार बारिश से दो पुलियां बह गईं, जबकि किन्नौर के याशंग गांव में पहाड़ी दरकने से खेत, बाग और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने 18 और 19 जुलाई के लिए भारी बारिश का येलो तथा 20 और 21 जुलाई के लिए बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
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सैंज घाटी में दो पुलियां बहीं, संपर्क टूटा
कुल्लू जिले की सैंज घाटी में मंगलवार रात हुई भारी बारिश के बाद देहुरीधार पंचायत के धाटा नाले में अचानक जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव में धाटा और गुहिड़ी वार्ड को जोड़ने वाली दो पुलियां बह गईं, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया।
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बारिश से न्यूली-शैंशर मार्ग भी प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नाले में आए उफान से किसानों की कृषि भूमि, बागवानों के बगीचे और फसलें भी प्रभावित हुई हैं। धाटा के पास स्थित ब्रह्मा देवता की सौह (मैदान) का लगभग आधा हिस्सा भी बह गया।
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याशंग गांव पर भूस्खलन का खतरा
उधर, किन्नौर जिले की चगांव पंचायत के याशंग गांव में बुधवार सुबह लौदांग पहाड़ का बड़ा हिस्सा दरक गया। भूस्खलन से खेतों, बगीचों और स्थानीय बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। गांव को जोड़ने वाली संपर्क सड़क बंद हो गई है, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
भूस्खलन की चपेट में आने से पेयजल की मुख्य पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में चल रही जलविद्युत परियोजनाओं के कारण पहाड़ कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से वैज्ञानिक जांच, प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ, उमस से लोग परेशान
बुधवार को राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश मैदानी और मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान किया। वहीं मनाली, सोलंगनाला और अटल टनल के आसपास शाम के समय हल्की बारिश दर्ज की गई।
18 से फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 17 जुलाई को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद 18 से 21 जुलाई के बीच मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। विभाग ने 18 और 19 जुलाई के लिए कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, जबकि 20 और 21 जुलाई के लिए कई जिलों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
बुधवार को राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश मैदानी और मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान किया। वहीं मनाली, सोलंगनाला और अटल टनल के आसपास शाम के समय हल्की बारिश दर्ज की गई।
18 से फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 17 जुलाई को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद 18 से 21 जुलाई के बीच मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। विभाग ने 18 और 19 जुलाई के लिए कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, जबकि 20 और 21 जुलाई के लिए कई जिलों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।