Himachal News: सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट, मंडी के जितेन्दर राजपूत पर SC/ST एक्ट के तहत एफआईआर
लाहौल-स्पीति पुलिस ने मंडी जिले के जितेन्दर राजपूत के खिलाफ सोशल मीडिया पर जनजातीय समुदाय और अनुसूचित वर्गों के संबंध में कथित आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के आरोप में SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अधिवक्ता सुदर्शन जस्पा की शिकायत पर केलांग थाना में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।
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लाहौल-स्पीति पुलिस ने मंडी जिले के जितेन्दर राजपूत के खिलाफ अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और विशेष रूप से लाहौल के जनजातीय समुदाय के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट साझा करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। यह शिकायत अधिवक्ता एवं लाहौल पोटेटो सोसायटी के चेयरमैन सुदर्शन जस्पा द्वारा पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला को सौंपी गई थी।
शिकायत में लगाए गए आरोप
शिकायत के अनुसार, आरोपी जितेन्दर राजपूत अपने फेसबुक/सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से लगातार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और विशेषकर लाहौल के जनजातीय समुदाय के विरुद्ध अपमानजनक, भड़काऊ और मानहानिकारक सामग्री साझा कर रहा था। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबंध में भी कथित रूप से आपत्तिजनक पोस्ट प्रकाशित की, जिससे जनजातीय समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
शिकायत प्राप्त होने के बाद, केलांग थाने में एफआईआर नंबर 23/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधित 2015) की धारा 3(1)(u) के तहत मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पोस्ट सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह मामला सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी और समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के प्रयासों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।