फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal weather yellow alert heavy rain five districts imd rain alert july 2026

Himachal Weather Update: पांच जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, 11 जुलाई तक बरसेंगे बादल; IMD की चेतावनी

Wed, 08 Jul 2026 09:37 AM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Wed, 08 Jul 2026 09:37 AM IST
सार

IMD Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में 11 जुलाई तक मौसम खराब बने रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने भूस्खलन, जलभराव और फिसलन की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। 

विज्ञापन
himachal weather yellow alert heavy rain five districts imd rain alert july 2026
शिमला के रिज मैदान पर बारिश के दौरान छाता लिए गुजरते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। प्रदेश में 11 जुलाई तक मौसम के खराब बने रहने का पूर्वानुमान है।

विज्ञापन


विज्ञापन

विस्तृत मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, मंडी और शिमला के कुछ क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। अगले कुछ दिनों तक कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर सहित कई जिलों में रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी रहने की उम्मीद है। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
 

बीते 24 घंटों की बारिश का विवरण
पिछले 24 घंटों के दौरान, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 50 मिलीमीटर वर्षा कांगड़ा जिले के गुलेर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा, शिमला जिले के सराहन और मंडी के सुंदरनगर में 30-30 मिलीमीटर, तथा हमीरपुर के नादौन और सुजानपुर टीहरा में 20-20 मिलीमीटर बारिश हुई। राजधानी शिमला, नाहन, जोगिंद्रनगर और अन्य कई क्षेत्रों में भी वर्षा दर्ज की गई।
 
विज्ञापन

भारी बारिश से जुड़ी चेतावनियां और सावधानियां
मौसम विभाग ने भारी बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, कच्ची ढलानों के धंसने, निचले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है। फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा टालने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

तापमान और अन्य मौसमी प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, अधिकतम तापमान में पहले हल्की बढ़ोतरी और उसके बाद दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए, प्रदेश में आगामी दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

मानसून से निपटने को पीडब्ल्यूडी तैयार 15,500 कर्मी और 1,156 मशीनें तैनात
लोक निर्माण विभाग ने मानसून सीजन के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयार रहे।

मंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में लगभग 15,500 कर्मचारी सड़क संपर्क बहाल करने के लिए तैनात हैं। इनमें 11,137 बेलदार और 4,228 मल्टी टास्क वर्कर शामिल हैं। इनके साथ 1,156 विभागीय और निजी मशीनें भी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी। इनमें जेसीबी, डोजर, रोबोट और टिप्पर जैसी मशीनें शामिल हैं। आपात परिस्थितियों में त्वरित संपर्क बहाली के लिए छह बेली ब्रिज भी तैयार रखे गए हैं।

विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि बरसात शुरू होने से पहले विभाग ने कई कार्य पूरे कर लिए हैं। इसमें 155.95 किलोमीटर सड़कों पर रीसर्फेसिंग शामिल है। 924.94 किलोमीटर सड़कों पर पैचवर्क का कार्य भी पूरा किया गया है। विभाग ने 8,893.58 किलोमीटर ड्रेनेज चैनलों की सफाई की है। 

9,414 किलोमीटर लंबाई के कलवर्टों की सफाई का कार्य भी संपन्न हो गया है। मंत्री ने अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों, शिक्षण संस्थानों, अग्निशमन केंद्रों, पंपिंग स्टेशनों और विद्युत केंद्रों तक निर्बाध सड़क संपर्क बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशील सड़कों और पुलों की सूची तैयार करने को कहा। 

कुल्लू में सुबह से झमाझम बारिश, जनजीवन प्रभावित
जिला मुख्यालय कुल्लू में बुधवार सुबह से शुरू हुई बारिश ने जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी। सुबह करीब सात बजे से लगातार हो रही वर्षा के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामकाज के लिए घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के चलते सड़कों पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ी।

सुबह के समय स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को बारिश के बीच सफर करना पड़ा। वहीं कार्यालयों की ओर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों को भी भीगते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। कई स्थानों पर लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और शेड का सहारा लेते नजर आए।

लगातार बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। हालांकि बारिश ने लोगों को उमस से राहत जरूर दी, लेकिन दैनिक गतिविधियों पर इसका असर साफ दिखाई दिया। बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में चहल-पहल कम रही और सड़कें भी अपेक्षाकृत खाली नजर आईं।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कुल्लू सहित प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे नहीं जाने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

 

पंडोह बांध से पानी छोड़े जाने के बाद ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ा, नदी किनारे न जाने की चेतावनी
पंडोह बांध से पानी छोड़े जाने के बाद मंडी शहर और ब्यास नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का बहाव भी तेज हो गया है। इसे देखते हुए प्रशासन और बीबीएमबी ने लोगों से सतर्क रहने और नदी के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।



मंगलवार सुबह पांच बजे तक के आंकड़ों के अनुसार पंडोह बांध में 28,030 क्यूसेक पानी की आमद दर्ज की गई। वहीं, बांध के स्पिलवे से 28,625 क्यूसेक पानी ब्यास नदी में छोड़ा गया। इसके बाद नदी के बहाव में तेजी आई और कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ गया।

बीबीएमबी पंडोह के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) चंद्रमणी ने लोगों से ब्यास नदी और उसके किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने लोगों से नदी में नहाने, मछली पकड़ने, सेल्फी लेने या किसी भी प्रकार की गतिविधि के लिए नदी के किनारे नहीं जाने की सलाह दी है। साथ ही अभिभावकों से विशेष आग्रह किया गया है कि वे बच्चों को नदी के आसपास जाने से रोकें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे जारी चेतावनी का पालन करें और नदी किनारे जाने से बचें। मानसून के दौरान जलस्तर में अचानक बदलाव की संभावना बनी रहती है, इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

दुर्गेठी के पास भूस्खलन से भरमौर-पठानकोट हाईवे बंद, एक घंटे बाद बहाल हुआ यातायात
चंबा जिले में बुधवार सुबह भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्गेठी के पास भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित हो गया। पहाड़ी से अचानक मलबा और पत्थर गिरने के कारण हाईवे सुबह करीब 7 बजे बंद हो गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।



घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम मशीनरी और कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंची। राहत कार्य तुरंत शुरू किया गया और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सड़क से मलबा हटाकर सुबह लगभग 8 बजे यातायात दोबारा सुचारु कर दिया गया।

मार्ग बंद रहने के दौरान कई वाहन हाईवे पर फंस गए। यात्रियों ने बताया कि अचानक सड़क बंद होने से उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि समय रहते मार्ग बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली और यातायात सामान्य हो गया।

एनएचएआई के अधिकारी साहिल ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया था। मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया और सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।

मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि बारिश के दौरान यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें और संवेदनशील इलाकों में सावधानी बरतें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed