HP Politics: अनुराग ठाकुर बोले- पंजाब की दुर्दशा के लिए कांग्रेस और आप जिम्मेदार
सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की तानाशाही से वहां के कई सांसद और विधायक स्वयं को मुक्त महसूस कर रहे हैं।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की तानाशाही से वहां के कई सांसद और विधायक स्वयं को मुक्त महसूस कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के अनेक जनप्रतिनिधि अब उस पार्टी के माहौल से बाहर निकलना चाहते हैं और भाजपा की नीतियों पर विश्वास जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये जनप्रतिनिधि कांग्रेस में जाने के इच्छुक नहीं हैं और भाजपा को बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं। वहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि पंजाब को ड्रग्स, बढ़ते कर्ज और गैंगस्टर संस्कृति ने गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने पंजाब को देश का अग्रणी अन्नदाता बताते हुए कहा कि राज्य की जनता ने हमेशा देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अपने-अपने शासनकाल में पंजाब के विकास की बजाय राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में पंजाब को प्रगति के मार्ग पर ले जाने के बजाय अपराध और अव्यवस्था की ओर धकेला गया। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की जनता समय आने पर इन मुद्दों का उचित जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
शिक्षा व्यवस्था को समाप्त करने का अभियान चला रही कांग्रेस सरकार : विनोद
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उसे समाप्त करने का अभियान चला रही है। सरकार ने अपने कार्यकाल में अब तक 2000 से अधिक शैक्षणिक और जनहित संस्थानों को बंद कर दिया है। विनोद कुमार ने वीरवार को जारी बयान में कहा कि जिस सरकार को नए स्कूल, कॉलेज और संस्थान खोलने चाहिए थे, वह लगातार ताले लगाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे प्रदेश के दूरदराज, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। पहले स्कूल बंद किए गए, फिर कॉलेजों के विलय और बंद करने के आदेश जारी हुए। अब एक बार फिर स्कूलों को बंद और मर्ज करने का सिलसिला जारी है। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए छात्र संख्या का बहाना बना रही है।
यदि स्कूलों में छात्र संख्या कम हुई है, तो इसके लिए सरकार की शिक्षा नीतियां जिम्मेदार हैं। सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने, शिक्षकों की नियुक्तियां करने और सुविधाएं बढ़ाने के बजाय संस्थानों को बंद करने का आसान रास्ता चुन रही है। विनोद कुमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार का यह निर्णय विशेष रूप से गरीब, किसान, मजदूर और ग्रामीण परिवारों के बच्चों को प्रभावित करेगा। छोटे बच्चों को अब लंबी दूरी तय कर स्कूल जाना पड़ेगा। इससे ड्रॉपआउट की संभावना बढ़ेगी। अनेक परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई महसूस करेंगे। कुमार ने कहा कि सरकार बार-बार गुणवत्ता सुधार की बात करती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि यदि सरकार की नीतियां इतनी सफल हैं, तो तीन वर्षों में 1350 से अधिक स्कूलों को बंद अथवा मर्ज करने की नौबत क्यों आई। यह अपने आप में सरकार की असफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब समझ चुकी है। कांग्रेस सरकार विकास के नाम पर केवल घोषणाएं करती है। धरातल पर स्कूल, कॉलेज, स्वास्थ्य संस्थान और अन्य जनहित सुविधाओं को समाप्त किया जा रहा है।