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Shimla News: कार्टरोड पर भूस्खलन, सब्जी मंडी सड़क बंद, कुफ्टाधार में भी चार मकानों को खतरा
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बरसात में पहाड़ियों की कटिंग बनी आफत, राजधानी में कई जगह भूस्खलन
कार्टरोड पर एक हफ्ते से लोक निर्माण विभाग कर रहा कटिंग
भूस्खलन से आजीविका भवन को भी खतरा, प्रशासन ने बंद करवाई सब्जी मंडी सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में बरसात के बीच पहाड़ियों की हुई कटाई अब लोगों के लिए मुसीबत बनती नजर आ रही है। रविवार सुबह कार्ट रोड पर कांग्रेस मुख्यालय के समीप पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। भूस्खलन में देवदार का एक पेड़, बिजली का खंभा और आजीविका भवन के बाहर का हिस्सा भी मलबे के साथ सड़क पर आ गिरा। घटना के कारण करीब एक घंटे तक कार्ट रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
लोक निर्माण विभाग ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाया और सड़क पर यातायात बहाल कराया। हालांकि दिनभर मलबा हटाने का काम चलता रहा। असके चलते इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही वन-वे व्यवस्था के तहत संचालित की गई। भूस्खलन से सब्जी मंडी को जाने वाली सड़क में भी दरारें आ गई हैं। सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है।
लोगों का कहना है कि जहां भूस्खलन हुआ, वहां लोक निर्माण विभाग ने पिछले सप्ताह सड़क चौड़ीकरण के लिए पहाड़ी की कटाई की जा रही थी। उनका आरोप है कि बरसात से पहले ढलान को सुरक्षित करने के लिए न तो पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए और न ही तिरपाल लगाए गए। पहले सब्जी मंडी सड़क के किनारे भूस्खलन हुआ और करीब एक घंटे बाद आजीविका भवन के सेल्फी प्वाइंट वाला हिस्सा भी धंस गया। इससे आजीविका भवन और आसपास के क्षेत्र पर भी खतरा मंडराने लगा है। भवन की सीढ़ियां कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि सौंदर्यीकरण के लिए लगाई भगवान शिव और भगवान बुद्ध की कलाकृतियां भी मलबे में दब गईं। एहतियात के तौर पर सड़क किनारे खड़े अन्य बिजली के खंभे भी हटा दिए गए हैं।
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लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता प्रदीप बाली अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर सड़क को यातायात के लिए खोल दिया।
कुफ्टाधार में चार बहुमंजिला भवन खतरे की जद में
रुल्दूभट्ठा वार्ड के कुफ्टाधार क्षेत्र में भी देर रात हुए भूस्खलन से चार बहुमंजिला भवनों पर खतरा पैदा हो गया है। नगर निगम का पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दिन पहले मकानों के नीचे की खोदाई के कारण यह स्थिति बनी है। उनका कहना है कि सुरक्षा के लिए लगाया डंगा पर्याप्त नहीं था। इससे बारिश में मकानों की नींव के पास भूस्खलन हो गया। वार्ड पार्षद सरोज ठाकुर ने मौके का निरीक्षण कर बताया कि चार भवन खतरे की जद में हैं। आगे भी भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र में तिरपाल लगाए जा रहे हैं।
संजौली में खोदाई के मामले में केस दर्ज
उधर, संजौली के बॉथवेल क्षेत्र में शनिवार तड़के भूस्खलन के बाद चार मकानों पर खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी डॉ. पारस प्रकाश की शिकायत पर लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया है कि नरेश जिंटा एक वर्ष से अपने प्लॉट के लिए पहाड़ी की कटाई कर रहा था। इसके कारण भूस्खलन हुआ और आसपास के मकानों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आगे भूस्खलन रोकने के लिए प्रभावित ढलान पर तिरपाल बिछाए गए हैं।
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कार्टरोड पर एक हफ्ते से लोक निर्माण विभाग कर रहा कटिंग
भूस्खलन से आजीविका भवन को भी खतरा, प्रशासन ने बंद करवाई सब्जी मंडी सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में बरसात के बीच पहाड़ियों की हुई कटाई अब लोगों के लिए मुसीबत बनती नजर आ रही है। रविवार सुबह कार्ट रोड पर कांग्रेस मुख्यालय के समीप पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। भूस्खलन में देवदार का एक पेड़, बिजली का खंभा और आजीविका भवन के बाहर का हिस्सा भी मलबे के साथ सड़क पर आ गिरा। घटना के कारण करीब एक घंटे तक कार्ट रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
लोक निर्माण विभाग ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाया और सड़क पर यातायात बहाल कराया। हालांकि दिनभर मलबा हटाने का काम चलता रहा। असके चलते इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही वन-वे व्यवस्था के तहत संचालित की गई। भूस्खलन से सब्जी मंडी को जाने वाली सड़क में भी दरारें आ गई हैं। सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है।
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लोगों का कहना है कि जहां भूस्खलन हुआ, वहां लोक निर्माण विभाग ने पिछले सप्ताह सड़क चौड़ीकरण के लिए पहाड़ी की कटाई की जा रही थी। उनका आरोप है कि बरसात से पहले ढलान को सुरक्षित करने के लिए न तो पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए और न ही तिरपाल लगाए गए। पहले सब्जी मंडी सड़क के किनारे भूस्खलन हुआ और करीब एक घंटे बाद आजीविका भवन के सेल्फी प्वाइंट वाला हिस्सा भी धंस गया। इससे आजीविका भवन और आसपास के क्षेत्र पर भी खतरा मंडराने लगा है। भवन की सीढ़ियां कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि सौंदर्यीकरण के लिए लगाई भगवान शिव और भगवान बुद्ध की कलाकृतियां भी मलबे में दब गईं। एहतियात के तौर पर सड़क किनारे खड़े अन्य बिजली के खंभे भी हटा दिए गए हैं।
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लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता प्रदीप बाली अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर सड़क को यातायात के लिए खोल दिया।
कुफ्टाधार में चार बहुमंजिला भवन खतरे की जद में
रुल्दूभट्ठा वार्ड के कुफ्टाधार क्षेत्र में भी देर रात हुए भूस्खलन से चार बहुमंजिला भवनों पर खतरा पैदा हो गया है। नगर निगम का पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दिन पहले मकानों के नीचे की खोदाई के कारण यह स्थिति बनी है। उनका कहना है कि सुरक्षा के लिए लगाया डंगा पर्याप्त नहीं था। इससे बारिश में मकानों की नींव के पास भूस्खलन हो गया। वार्ड पार्षद सरोज ठाकुर ने मौके का निरीक्षण कर बताया कि चार भवन खतरे की जद में हैं। आगे भी भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र में तिरपाल लगाए जा रहे हैं।
संजौली में खोदाई के मामले में केस दर्ज
उधर, संजौली के बॉथवेल क्षेत्र में शनिवार तड़के भूस्खलन के बाद चार मकानों पर खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी डॉ. पारस प्रकाश की शिकायत पर लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया है कि नरेश जिंटा एक वर्ष से अपने प्लॉट के लिए पहाड़ी की कटाई कर रहा था। इसके कारण भूस्खलन हुआ और आसपास के मकानों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आगे भूस्खलन रोकने के लिए प्रभावित ढलान पर तिरपाल बिछाए गए हैं।