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Shimla News: एचपीयू पेंशनधारकों को नवंबर में जमा करना होगा जीवन प्रमाणपत्र
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रजिस्ट्रार ने जारी किए आदेश, डिजिटल जीवन प्रमाण को प्राथमिकता
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से पेंशन और पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशनधारकों के लिए वार्षिक जीवन प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ज्ञान सागर नेगी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार पेंशन की निर्बाध अदायगी सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पेंशनधारक और पारिवारिक पेंशनधारक को तय समय सीमा में जीवन प्रमाणपत्र जमा करना होगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डिजिटल इंडिया पहल के तहत केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की जीवन प्रमाण पोर्टल सुविधा को विश्वविद्यालय स्तर पर लागू किया गया है। इसके माध्यम से पेंशनधारक आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे। इससे कार्यालयों में व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता नहीं रहेगी और प्रक्रिया अधिक सरल होगी।
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर जीवन प्रमाण फेस एप, आधिकारिक जीवन प्रमाण पोर्टल या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से बनाया जा सकता है। इसके लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पीपीओ नंबर, बैंक खाता विवरण और भुगतान एजेंसी का नाम अपडेट होना जरूरी होगा। प्रमाणपत्र बनने के बाद प्रमान आईडी मोबाइल पर भेजी जाएगी, जिससे इसकी स्थिति की जांच की जा सकेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनधारक एक अक्तूबर से जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं, जबकि 80 वर्ष से कम आयु के पेंशनधारकों को नवंबर में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। नवंबर के बाद जीवन प्रमाणपत्र जमा न करने पर पेंशन भुगतान प्रभावित हो सकता है। डिजिटल सुविधा के साथ भौतिक जीवन प्रमाणपत्र जमा करने का विकल्प भी जारी रहेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से पेंशन और पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशनधारकों के लिए वार्षिक जीवन प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ज्ञान सागर नेगी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार पेंशन की निर्बाध अदायगी सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पेंशनधारक और पारिवारिक पेंशनधारक को तय समय सीमा में जीवन प्रमाणपत्र जमा करना होगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डिजिटल इंडिया पहल के तहत केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की जीवन प्रमाण पोर्टल सुविधा को विश्वविद्यालय स्तर पर लागू किया गया है। इसके माध्यम से पेंशनधारक आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे। इससे कार्यालयों में व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता नहीं रहेगी और प्रक्रिया अधिक सरल होगी।
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डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर जीवन प्रमाण फेस एप, आधिकारिक जीवन प्रमाण पोर्टल या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से बनाया जा सकता है। इसके लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पीपीओ नंबर, बैंक खाता विवरण और भुगतान एजेंसी का नाम अपडेट होना जरूरी होगा। प्रमाणपत्र बनने के बाद प्रमान आईडी मोबाइल पर भेजी जाएगी, जिससे इसकी स्थिति की जांच की जा सकेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनधारक एक अक्तूबर से जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं, जबकि 80 वर्ष से कम आयु के पेंशनधारकों को नवंबर में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। नवंबर के बाद जीवन प्रमाणपत्र जमा न करने पर पेंशन भुगतान प्रभावित हो सकता है। डिजिटल सुविधा के साथ भौतिक जीवन प्रमाणपत्र जमा करने का विकल्प भी जारी रहेगा।