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शिमला मनीषा मित्तल हत्याकांड: करोड़ों की संपत्ति बनी बहन की हत्या की वजह, दो शूटरों समेत चार पर चार्जशीट
Mon, 10 Aug 2026 10:36 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 10 Aug 2026 10:36 AM IST
सार
शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस जांच के अनुसार हत्या के पीछे भाई-बहन के बीच चल रहा संपत्ति विवाद था। आरोपी भाई हिमांक और गोविंद पर साजिश रचने, जबकि दीपक और आशीष अहलावत पर हत्या को अंजाम देने का आरोप है। जांच में 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर और फर्जी पहचान से होटल में ठहरने की बात सामने आई।
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संजौली मनीषा मित्तल हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल संजौली की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस के अनुसार, करोड़ों की संपत्ति को लेकर चल रहा भाई-बहन का विवाद हत्या की साजिश की मुख्य वजह बना। मामले में मनीषा के भाई हरियाणा के रोहतक निवासी हिमांक, उसके पार्टनर गोविंद और दो कथित शूटरों दीपक व आशीष अहलावत को आरोपी बनाया गया है।
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पुलिस जांच के अनुसार हिमांक और मनीषा के बीच शिमला और हरियाणा स्थित संपत्तियों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद में गोविंद की भी एंट्री हुई। हिमांक ने रोहतक के बाबरा मोहल्ला माता दा दरवाजा चौक स्थित करीब 150 गज की संपत्ति गोविंद को लगभग 86 लाख रुपये में बेची थी। मनीषा ने इस सौदे को लेकर स्थानीय अदालत में दीवानी मुकदमा दायर किया था।
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रजिस्ट्री और वसीयत को लेकर भी था विवाद
पुलिस के मुताबिक मनीषा का आरोप था कि संपत्ति की रजिस्ट्री गलत तरीके से की गई है। साथ ही उनका आरोप था कि हिमांक ने संपत्ति की वसीयत भी अपने नाम फर्जी तरीके से करवाई थी। इसी संपत्ति विवाद को पुलिस ने हत्या की साजिश के पीछे की अहम कड़ी माना है।
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जांच के दौरान गोविंद ने पुलिस को बताया कि मनीषा ने उससे कहा था कि खरीदी गई संपत्ति पर कदम रखने पर उसे इसके बुरे परिणाम भुगतने होंगे। पुलिस के अनुसार, लंबे समय से चल रहे विवाद से परेशान होकर हिमांक और गोविंद ने मनीषा की हत्या की साजिश रची।
भाई पर भी हुआ था जानलेवा हमला
मनीषा की हत्या की साजिश सामने आने से पहले एक जून को हिमांक पर भी जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि संपत्ति विवाद के बीच दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा था।
मामा के बेटे से संपर्क कर शूटर बुलाया
पुलिस के अनुसार गोविंद का रिश्ता कथित शूटर दीपक से है। गोविंद, दीपक के मामा का बेटा है। इसी रिश्ते के चलते गोविंद ने दीपक से संपर्क किया और मनीषा की हत्या को अंजाम देने के लिए उसे तैयार किया।
जांच के अनुसार हिमांक ने गोविंद के बैंक खाते में 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद गोविंद ने दोनों कथित शूटरों के लिए किराये की गाड़ी की व्यवस्था की। यह गाड़ी झज्जर के एक व्यक्ति से ली गई थी। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को फर्जी नंबर प्लेट, मोबाइल फोन और खर्च के लिए 50 हजार रुपये भी दिए गए।
होटल में फर्जी नाम से ठहरे थे दोनों शूटर
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मनीषा मित्तल की हत्या से पहले दोनों कथित शूटर शिमला के शनान इलाके के एक होटल में ठहरे थे। अपनी पहचान छिपाने के लिए उन्होंने होटल के रजिस्टर में मनीष नाम से एंट्री करवाई थी।
पुलिस ने जांच के बाद हिमांक, गोविंद, दीपक और आशीष अहलावत के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। अब मामले में अदालत की कार्यवाही के दौरान आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों और पुलिस की जांच पर सुनवाई होगी।
पुलिस के अनुसार गोविंद का रिश्ता कथित शूटर दीपक से है। गोविंद, दीपक के मामा का बेटा है। इसी रिश्ते के चलते गोविंद ने दीपक से संपर्क किया और मनीषा की हत्या को अंजाम देने के लिए उसे तैयार किया।
जांच के अनुसार हिमांक ने गोविंद के बैंक खाते में 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद गोविंद ने दोनों कथित शूटरों के लिए किराये की गाड़ी की व्यवस्था की। यह गाड़ी झज्जर के एक व्यक्ति से ली गई थी। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को फर्जी नंबर प्लेट, मोबाइल फोन और खर्च के लिए 50 हजार रुपये भी दिए गए।
होटल में फर्जी नाम से ठहरे थे दोनों शूटर
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मनीषा मित्तल की हत्या से पहले दोनों कथित शूटर शिमला के शनान इलाके के एक होटल में ठहरे थे। अपनी पहचान छिपाने के लिए उन्होंने होटल के रजिस्टर में मनीष नाम से एंट्री करवाई थी।
पुलिस ने जांच के बाद हिमांक, गोविंद, दीपक और आशीष अहलावत के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। अब मामले में अदालत की कार्यवाही के दौरान आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों और पुलिस की जांच पर सुनवाई होगी।