शिमला मनीषा हत्याकांड: शूटर गिरफ्तार, लेकिन साजिशकर्ता अब भी पुलिस की पकड़ से दूर; 11 दिन बाद पहेली अनसुलझी
शिमला के सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के 11 दिन बाद भी पुलिस साजिशकर्ताओं तक नहीं पहुंच पाई है। दोनों शूटर गिरफ्तार हैं और उनसे कई दौर की पूछताछ हो चुकी है, लेकिन हत्या की असली साजिश अब भी रहस्य बनी हुई है। एसआईटी कई राज्यों में जांच कर रही है, जबकि स्कूल का संचालन फिलहाल जिला प्रशासन के अधीन जारी है।
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सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल के गेट पर संचालिका मनीषा की गोलियां मारकर हत्या के मामले की पहेली 11 दिन के बाद भी सुलझ नहीं पाई है। पुलिस ने वारदात के 39 घंटे के भीतर हत्याकांड में शामिल दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन हत्या की साजिश रचने वालों से पुलिस अभी तक दूर है।
मनीषा मित्तल की 13 जून को शाम 6:00 बजे के करीब स्कूल के गेट पर कई गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने दो शूटरों हरियाणा के झज्जर निवासी आशीष अहलावत और रोहत निवासी दीपक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को रोहतक से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। दोनों आरोपियों से हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल भी बरामद कर ली गई है। इसके बावजूद अभी भी हत्या की वारदात की गुत्थी पहेली बनी हुई है जिसे सुलझाने के लिए एसआईटी लगातार छानबीन कर रही है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से छानबीन कर रही है।
राजधानी के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल के पूर्व चेयरमैन हिमांक मित्तल ने भी जिला प्रशासन को रिकॉर्ड सौंप दिया है। मित्तल के अधिवक्ता ने बुधवार को जिला प्रशासन को स्कूल और गवर्निंग बॉडी से जुड़ा रिकॉर्ड सौंपा है। इससे पहले स्कूल प्रबंधन भी सारा रिकॉर्ड प्रशासक को सौंप चुका है। अब यह स्कूल पूरी तरह से जिला प्रशासन के नियंत्रण में चल रहा है। स्कूल प्रशासक एवं एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा ने स्कूल को सुचारु रूप से चलाने के लिए कमेटियों का गठन भी किया है। इसमें स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए शिक्षा उपनिदेशक की अगुवाई में कमेटी बनाई गई है। स्कूल के वित्तीय लेन-देन का लेखा-जोखा अब उपायुक्त कार्यालय के वित्त अधिकारी देखेंगे।