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Shri Khand Yatra 2026: भीमडवारी-पार्वती बाग मार्ग हाई रिस्क, श्रीखंड महादेव यात्रा पर संशय

संजय ठाकुर, पतलीकूहल (कुल्लू)। Published by: Ankesh Dogra Updated Thu, 25 Jun 2026 10:05 AM IST
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सार

श्रीखंड महादेव यात्रा 2026 पर फिलहाल संशय के बादल छा गए हैं। विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने भीमडवारी से पार्वती बाग तक के मार्ग को भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और चट्टानें गिरने के खतरे के कारण हाई रिस्क बताया है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा है कि यात्रा पर अंतिम फैसला विशेषज्ञों की रिपोर्ट और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।

Experts Warn of Landslide Risk Shrikhand Mahadev Yatra Faces Uncertainty
श्रीखंड महादेव - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

अगले महीने प्रस्तावित श्रीखंड महादेव यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं लेकिन विशेषज्ञों की रिपोर्ट ने यात्रा पर संशय खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों ने इस बार भीमडवारी से पार्वती बाग मार्ग को असुरक्षित बताया है।


 

बुधवार को श्रीखंड महादेव ट्रस्ट की बैठक अध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 2026 की प्रस्तावित यात्रा के आयोजन, मार्ग की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। प्रदेश मिल्कफेड के अध्यक्ष एवं ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य बुद्धि सिंह ठाकुर समेत सरकारी और गैर-सरकारी सदस्यों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया। उपायुक्त ने बताया कि यात्रा मार्ग की सुरक्षा और व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों और अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान मनाली के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम गठित की गई थी। टीम ने 8 और 18 जून को यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपी है।

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रिपोर्ट के अनुसार भीमडवारी से पार्वती बाग तक का मार्ग मौजूदा परिस्थितियों में अत्यंत संवेदनशील और जोखिमपूर्ण पाया गया है। विशेषज्ञों ने आगामी मानसून के दौरान भूस्खलन, चट्टानों के गिरने, अचानक जलस्तर बढ़ने, फ्लैश फ्लड और मलबे के बहाव की आशंका जताई है।  पर्वतारोहण संस्थान मनाली के स्की इंस्ट्रक्टर अंकुश कुमार और ट्रैकिंग गाइड गोपाल सिंह ने बैठक में स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में श्रीखंड महादेव यात्रा को सुरक्षित नहीं माना जा सकता और इसकी अनुशंसा नहीं की जाती।
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भीमडवारी और पार्वती बाग के बीच मौजूदा मार्ग के साथ-साथ प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग भी इस समय सुरक्षित नहीं हैं। किसी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में इस क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य चलाना भी बेहद कठिन होगा। विशेषज्ञों ने भीमडवारी के कैंपिंग क्षेत्र को भी उच्च जोखिम वाला बताया है। जहां बढ़ते जल प्रवाह, फ्लैश फ्लड और मलबे के बहाव से गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

संस्थान ने इस प्रभावित हिस्से को हाई रिस्क जोन घोषित करने की अनुशंसा की है। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन और श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मौजूदा स्थिति और विशेषज्ञों की रिपोर्ट को देखते हुए यात्रा का आयोजन जोखिम भरा हो सकता है। ट्रस्ट के सदस्यों से कहा गया है कि यदि उन्हें रिपोर्ट पर कोई आपत्ति या सुझाव हो तो वे अपना लिखित पक्ष तहसीलदार के माध्यम से प्रस्तुत करें। यात्रा को लेकर अंतिम निर्णय सुरक्षा मानकों और पहलुओं के गहन परीक्षण के बाद ही लिया जाएगा।

लंगर सेवा की तैयारियों में जुटी कमेटियां : गैर सरकारी सदस्य चायल के प्रधान देवी सिंह ठाकुर, रंजीत ठाकुर, रोशन ठाकुर और नयाल ठाकुर का कहना है कि यात्रा शुरू होने से पहले करीब 10 हजार यात्री महादेव के दर्शन कर लौट आए हैं। कई लंगर कमेटी यात्रा के दौरान लंगर सेवा के लिए तैयारियों में जुट गए हैं। सैकड़ों टेंट कारोबारियों ने टेंट लगाने का कार्य पूरा कर दिया है। एक टेंट कारोबारी ने 5 लाख से ज्यादा की खाद्य सामग्री अपने गंतव्य तक पहुंचा दी है।
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