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Shimla News: राजधानी में न थीमेटिक पार्क बने, न ही डिजिटल लाइब्रेरी
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बजट घोषणाओं का सच-1
कॉमन इंट्रो...
साल 2023 में प्रचंड बहुमत के साथ शिमला नगर निगम पर कब्जा जमाने वाली कांग्रेस ने अब तक दो बजट पेश किए हैं। दोनों बजट में शिमला की जनता को कई सपने दिखाए गए हैं लेकिन ये अब धरातल पर नहीं उतर रहे। शहर की जनता इनका इंतजार कर रही है लेकिन निगम इन्हें पूरा करने की बजाय अब अगले बजट की तैयारी में जुट गया है। ज्यादातर बजट घोषणाएं अभी भी फाइलों में ही बंद है। पेश है ये रिपोर्ट:
नगर निगम के पहले बजट में तीन थीमेटिक पार्क बनाने के दिखाए थे सपने, आज तक धरातल पर नहीं उतरे
शहर में 25 डिजिटल लाइब्रेरी बनाने का था दावा, आज तक एक भी नहीं बनी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला में तीन थीमेटिक पार्क बनाने की नगर निगम शिमला की पहली घोषणा अब तक फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई है। तीन तो दूर, शहर में एक भी थीमेटिक पार्क तैयार नहीं हो सका। बजट की कमी और प्रशासनिक गंभीरता के अभाव में ये घोषणाएं कागजों तक ही सीमित रह गईं।
इस महीने नगर निगम तीसरा बजट पेश करने जा रहा है। उधर जनता सवाल उठा रही है कि जब पिछली घोषणाएं पूरी नहीं हो पाईं तो नई घोषणाओं का क्या औचित्य है। वर्ष 2024 में पेश पहले बजट में महापौर सुरेंद्र चौहान ने शहर में थीमेटिक पार्क बनाने की घोषणा की थी। निगम के अनुसार, इसके लिए भूमि चिह्नित करने, डिजाइन और लागत को लेकर प्रारंभिक चर्चाएं जरूर हुईं, लेकिन अनुमानित खर्च अधिक होने के कारण परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
इसी तरह वार्डों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की घोषणा भी अमल में नहीं आ सकी। पार्षदों ने इसके लिए बाकायदा प्रस्ताव तैयार कर भेजे थे। निगम प्रशासन का कहना है कि इन डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण केंद्रीय बजट से होना था और पहले चरण में 25 लाइब्रेरी बनाई जानी थीं, लेकिन वित्तीय संसाधन उपलब्ध न होने के कारण यह योजना भी ठंडे बस्ते में चली गई।
अब पार्षदों के साथ-साथ आम जनता भी सवाल उठा रही है कि ये दोनों योजनाएं शिमला के लिए बेहद अहम थीं। थीमेटिक पार्क से पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता था, वहीं डिजिटल लाइब्रेरी से हजारों युवाओं को लाभ मिलना था, लेकिन निगम इन्हें साकार करने में नाकाम रहा।
इन वार्डों से भेजे थे डिजिटल लाइब्रेरी के प्रस्ताव
केंद्र सरकार की योजना के तहत नगर निकायों से डिजिटल लाइब्रेरी के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। नगर निगम को इसके लिए कमरे या हॉल उपलब्ध कराने थे, जिनमें केंद्र से मिलने वाले बजट से कंप्यूटर लगाए जाने थे। अनाडेल, मज्याठ, समरहिल और पटयोग वार्ड के पार्षदों ने इसमें रुचि दिखाई और प्रस्ताव भेजे। इसके बावजूद योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
घोषणाओं को अमलीजामा नहीं पहना पाए मेयर
नगर निगम के मेयर बजट में की घोषणाओं को धरातल पर उतारने में असफल रहे हैं। थीमेटिक पार्क और डिजिटल लाइब्रेरी तो दूर, पूर्व भाजपा शासित निगम के समय शुरू किए गए कई प्रोजेक्ट भी पूरे नहीं हो सके। खलीनी फ्लाईओवर का काम आज तक शुरू नहीं हुआ है। देरी के कारण इन परियोजनाओं की लागत बढ़ती जा रही है।
-राकेश शर्मा, पूर्व डिप्टी मेयर
डिजिटल शिक्षा से रखा वंचित
डिजिटल लाइब्रेरी शुरू न हो पाना गंभीर विषय है। नगर निगम ने इसे युवाओं के लिए बड़ी सुविधा बताकर प्रचार किया था, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी यह योजना जमीन पर नहीं उतरी। आज भी युवाओं को निजी लाइब्रेरी में शुल्क देकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
-सुभाष वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
जल्द पूरा होगा पार्क का वादा
थीमेटिक पार्क को लेकर बजट में किया वादा जल्द पूरा किया जाएगा। पार्क में लगाए जाने वाले पुतलों का निर्माण किया जा रहा है, जिन्हें शहर के दो पार्कों में स्थापित किया जाएगा। डिजिटल लाइब्रेरी को लेकर भी काम चल रहा है और अधिकारियों को स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
-सुरेंद्र चौहान, महापौर, नगर निगम शिमला
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कॉमन इंट्रो...
साल 2023 में प्रचंड बहुमत के साथ शिमला नगर निगम पर कब्जा जमाने वाली कांग्रेस ने अब तक दो बजट पेश किए हैं। दोनों बजट में शिमला की जनता को कई सपने दिखाए गए हैं लेकिन ये अब धरातल पर नहीं उतर रहे। शहर की जनता इनका इंतजार कर रही है लेकिन निगम इन्हें पूरा करने की बजाय अब अगले बजट की तैयारी में जुट गया है। ज्यादातर बजट घोषणाएं अभी भी फाइलों में ही बंद है। पेश है ये रिपोर्ट:
नगर निगम के पहले बजट में तीन थीमेटिक पार्क बनाने के दिखाए थे सपने, आज तक धरातल पर नहीं उतरे
शहर में 25 डिजिटल लाइब्रेरी बनाने का था दावा, आज तक एक भी नहीं बनी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला में तीन थीमेटिक पार्क बनाने की नगर निगम शिमला की पहली घोषणा अब तक फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई है। तीन तो दूर, शहर में एक भी थीमेटिक पार्क तैयार नहीं हो सका। बजट की कमी और प्रशासनिक गंभीरता के अभाव में ये घोषणाएं कागजों तक ही सीमित रह गईं।
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इस महीने नगर निगम तीसरा बजट पेश करने जा रहा है। उधर जनता सवाल उठा रही है कि जब पिछली घोषणाएं पूरी नहीं हो पाईं तो नई घोषणाओं का क्या औचित्य है। वर्ष 2024 में पेश पहले बजट में महापौर सुरेंद्र चौहान ने शहर में थीमेटिक पार्क बनाने की घोषणा की थी। निगम के अनुसार, इसके लिए भूमि चिह्नित करने, डिजाइन और लागत को लेकर प्रारंभिक चर्चाएं जरूर हुईं, लेकिन अनुमानित खर्च अधिक होने के कारण परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
इसी तरह वार्डों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की घोषणा भी अमल में नहीं आ सकी। पार्षदों ने इसके लिए बाकायदा प्रस्ताव तैयार कर भेजे थे। निगम प्रशासन का कहना है कि इन डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण केंद्रीय बजट से होना था और पहले चरण में 25 लाइब्रेरी बनाई जानी थीं, लेकिन वित्तीय संसाधन उपलब्ध न होने के कारण यह योजना भी ठंडे बस्ते में चली गई।
अब पार्षदों के साथ-साथ आम जनता भी सवाल उठा रही है कि ये दोनों योजनाएं शिमला के लिए बेहद अहम थीं। थीमेटिक पार्क से पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता था, वहीं डिजिटल लाइब्रेरी से हजारों युवाओं को लाभ मिलना था, लेकिन निगम इन्हें साकार करने में नाकाम रहा।
इन वार्डों से भेजे थे डिजिटल लाइब्रेरी के प्रस्ताव
केंद्र सरकार की योजना के तहत नगर निकायों से डिजिटल लाइब्रेरी के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। नगर निगम को इसके लिए कमरे या हॉल उपलब्ध कराने थे, जिनमें केंद्र से मिलने वाले बजट से कंप्यूटर लगाए जाने थे। अनाडेल, मज्याठ, समरहिल और पटयोग वार्ड के पार्षदों ने इसमें रुचि दिखाई और प्रस्ताव भेजे। इसके बावजूद योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
घोषणाओं को अमलीजामा नहीं पहना पाए मेयर
नगर निगम के मेयर बजट में की घोषणाओं को धरातल पर उतारने में असफल रहे हैं। थीमेटिक पार्क और डिजिटल लाइब्रेरी तो दूर, पूर्व भाजपा शासित निगम के समय शुरू किए गए कई प्रोजेक्ट भी पूरे नहीं हो सके। खलीनी फ्लाईओवर का काम आज तक शुरू नहीं हुआ है। देरी के कारण इन परियोजनाओं की लागत बढ़ती जा रही है।
-राकेश शर्मा, पूर्व डिप्टी मेयर
डिजिटल शिक्षा से रखा वंचित
डिजिटल लाइब्रेरी शुरू न हो पाना गंभीर विषय है। नगर निगम ने इसे युवाओं के लिए बड़ी सुविधा बताकर प्रचार किया था, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी यह योजना जमीन पर नहीं उतरी। आज भी युवाओं को निजी लाइब्रेरी में शुल्क देकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
-सुभाष वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
जल्द पूरा होगा पार्क का वादा
थीमेटिक पार्क को लेकर बजट में किया वादा जल्द पूरा किया जाएगा। पार्क में लगाए जाने वाले पुतलों का निर्माण किया जा रहा है, जिन्हें शहर के दो पार्कों में स्थापित किया जाएगा। डिजिटल लाइब्रेरी को लेकर भी काम चल रहा है और अधिकारियों को स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
-सुरेंद्र चौहान, महापौर, नगर निगम शिमला