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Shimla News: आत्महत्या मामले में अधिकारियों और कर्मचारियों से फिर पूछताछ
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नगर निगम लेखा अधिकारी ने लगाया था फंदा
पुलिस टीम ने निगम के कई विभागाध्यक्षों से की पूछताछ
एक महीने बाद भी अनसुलझी है आत्महत्या की गुत्थी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम के उपनियंत्रक एवं लेखा अधिकारी रामेश्वर शर्मा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने निगम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों से फिर पूछताछ की है। इनमें कई विभागाध्यक्ष भी हैं जिनसे नगर निगम कार्यालय में जाकर पुलिस टीम ने पूछताछ की है।
विभागाध्यक्षों से पूछा कि लेखा अधिकारी को किस तरह से विभिन्न शाखाओं की फाइलें भेजी जाती थीं। घटना वाले दिन या उससे पहले क्या किसी फाइल या प्रस्ताव पर लेखा अधिकारी से चर्चा चल रही थी या नहीं। लेखा अधिकारी किसी तनाव या टेंशन में थे। विभाग किस प्रक्रिया से अपनी फाइलें बजट की मंजूरी के लिए भेजते थे। सूत्रों के अनुसार इसे भी कलमबद्ध किया है। विभागाध्यक्षों से लंबी पूछताछ की है और इनके बयान रिकॉर्ड में दर्ज किए हैं। कई कर्मचारियों खासतौर पर लेखा शाखा के कर्मियों से भी फिर से पूछताछ की गई है। पुलिस ने पहले भी इस मामले पर नगर निगम के कई कर्मचारियों से पूछताछ की है। इन्हें थाने बुलाया था। इस बार पुलिस की एक टीम खुद नगर निगम कार्यालय पहुंची है और यहां विभागाध्यक्षों के साथ कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है।
नगर निगम लेखा अधिकारी रामेश्वर शर्मा के सुसाइड की गुत्थी एक महीने बाद भी अनसुलझी है। आठ मई को लेखा अधिकारी ने मैहली स्थित अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके कमरे से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला था। इसमें अधिकारी ने अत्यधिक मानसिक तनाव का जिक्र किया है। हालांकि, अपनी आत्महत्या के लिए अधिकारी ने किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया था। नगर निगम में अभी भी लेखा अधिकारी कार्यालय बंद रखा है। यहां किसी नए अधिकारी की तैनाती भी नहीं हुई है।
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पुलिस टीम ने निगम के कई विभागाध्यक्षों से की पूछताछ
एक महीने बाद भी अनसुलझी है आत्महत्या की गुत्थी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम के उपनियंत्रक एवं लेखा अधिकारी रामेश्वर शर्मा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने निगम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों से फिर पूछताछ की है। इनमें कई विभागाध्यक्ष भी हैं जिनसे नगर निगम कार्यालय में जाकर पुलिस टीम ने पूछताछ की है।
विभागाध्यक्षों से पूछा कि लेखा अधिकारी को किस तरह से विभिन्न शाखाओं की फाइलें भेजी जाती थीं। घटना वाले दिन या उससे पहले क्या किसी फाइल या प्रस्ताव पर लेखा अधिकारी से चर्चा चल रही थी या नहीं। लेखा अधिकारी किसी तनाव या टेंशन में थे। विभाग किस प्रक्रिया से अपनी फाइलें बजट की मंजूरी के लिए भेजते थे। सूत्रों के अनुसार इसे भी कलमबद्ध किया है। विभागाध्यक्षों से लंबी पूछताछ की है और इनके बयान रिकॉर्ड में दर्ज किए हैं। कई कर्मचारियों खासतौर पर लेखा शाखा के कर्मियों से भी फिर से पूछताछ की गई है। पुलिस ने पहले भी इस मामले पर नगर निगम के कई कर्मचारियों से पूछताछ की है। इन्हें थाने बुलाया था। इस बार पुलिस की एक टीम खुद नगर निगम कार्यालय पहुंची है और यहां विभागाध्यक्षों के साथ कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है।
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नगर निगम लेखा अधिकारी रामेश्वर शर्मा के सुसाइड की गुत्थी एक महीने बाद भी अनसुलझी है। आठ मई को लेखा अधिकारी ने मैहली स्थित अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके कमरे से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला था। इसमें अधिकारी ने अत्यधिक मानसिक तनाव का जिक्र किया है। हालांकि, अपनी आत्महत्या के लिए अधिकारी ने किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया था। नगर निगम में अभी भी लेखा अधिकारी कार्यालय बंद रखा है। यहां किसी नए अधिकारी की तैनाती भी नहीं हुई है।