{"_id":"6a301536a1e3be507f019e12","slug":"opium-smuggler-sentenced-to-18-months-imprisonment-shimla-news-c-19-sml1002-738710-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: अफीम तस्करी के दोषी को \n18 माह का कारावास कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: अफीम तस्करी के दोषी को 18 माह का कारावास कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत का फैसला
ठियोग पुलिस ने पावाच में पकड़ी थी 643 ग्राम अफीम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी की विशेष एनडीपीएस अदालत ने सात साल पुराने अफीम तस्करी के मामले में अहम फैसला सुनाया है। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. परविंद्र सिंह अरोड़ा की अदालत ने कार चालक को दोषी करार देते हुए 18 माह के कठोर कारावास और 15,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष अनुसार 13 अक्तूबर 2019 को ठियोग पुलिस स्टेशन की टीम पावाच स्थान पर नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी कर रही थी। तभी ठियोग की तरफ से आई गाड़ी को जांच के लिए रोका गया। कार को कोटखाई निवासी आरोपी सुरेश कुमार चला रहा था जबकि पिछली सीट पर दो अन्य व्यक्ति बैठे थे। संदेह होने पर जब गाड़ी की तलाशी ली गई तो पिछली सीट पर बैठे आरोपी के पैरों के पास एक कैरी बैग बरामद हुआ जिसमें 643.432 ग्राम अफीम पाई गई। पुलिस ने मौके पर तीनों को गिरफ्तार किया था। मामले के दो आरोपी प्रेम बहादुर थापा निवासी नेपाल और कमल शर्मा निवासी नेपाल अदालत से जमानत मिलने के बाद से फरार हो गए थे।
अदालत ने इन दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इसके बाद अदालत ने केवल कार चालक दोषी सुरेश कुमार के खिलाफ ही मुकदमे की कार्रवाई को आगे बढ़ाया। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी थी कि दोषी सिर्फ कार चला रहा था और उसने अन्य आरोपियों को महज लिफ्ट दी थी। इसका अफीम से कोई लेना-देना नहीं था। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने पुलिस गवाहों के बयानों को बेहद ठोस और विश्वसनीय बताते हुए इसे साबित किया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पाया कि दोषी सुरेश कुमार आपराधिक साजिश के तहत प्रतिबंधित पदार्थ को ले जाने में बराबर का संलिप्त था।
विज्ञापन
ठियोग पुलिस ने पावाच में पकड़ी थी 643 ग्राम अफीम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी की विशेष एनडीपीएस अदालत ने सात साल पुराने अफीम तस्करी के मामले में अहम फैसला सुनाया है। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. परविंद्र सिंह अरोड़ा की अदालत ने कार चालक को दोषी करार देते हुए 18 माह के कठोर कारावास और 15,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष अनुसार 13 अक्तूबर 2019 को ठियोग पुलिस स्टेशन की टीम पावाच स्थान पर नाकाबंदी कर वाहनों की तलाशी कर रही थी। तभी ठियोग की तरफ से आई गाड़ी को जांच के लिए रोका गया। कार को कोटखाई निवासी आरोपी सुरेश कुमार चला रहा था जबकि पिछली सीट पर दो अन्य व्यक्ति बैठे थे। संदेह होने पर जब गाड़ी की तलाशी ली गई तो पिछली सीट पर बैठे आरोपी के पैरों के पास एक कैरी बैग बरामद हुआ जिसमें 643.432 ग्राम अफीम पाई गई। पुलिस ने मौके पर तीनों को गिरफ्तार किया था। मामले के दो आरोपी प्रेम बहादुर थापा निवासी नेपाल और कमल शर्मा निवासी नेपाल अदालत से जमानत मिलने के बाद से फरार हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने इन दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इसके बाद अदालत ने केवल कार चालक दोषी सुरेश कुमार के खिलाफ ही मुकदमे की कार्रवाई को आगे बढ़ाया। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी थी कि दोषी सिर्फ कार चला रहा था और उसने अन्य आरोपियों को महज लिफ्ट दी थी। इसका अफीम से कोई लेना-देना नहीं था। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने पुलिस गवाहों के बयानों को बेहद ठोस और विश्वसनीय बताते हुए इसे साबित किया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पाया कि दोषी सुरेश कुमार आपराधिक साजिश के तहत प्रतिबंधित पदार्थ को ले जाने में बराबर का संलिप्त था।