Shimla: कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए जल्द बनाया जाए ओपीएस कानून, संघ ने सीएम से उठाई मांग
महासंघ के महासचिव भरत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष कर्मचारियों से जुड़ी शेष महत्वपूर्ण मांगों को भी प्रमुखता से उठाया। महासंघ ने मांग की कि एनएसडीएल में जमा लगभग 12,000 करोड़ की राशि शीघ्र हिमाचल प्रदेश को वापस लाई जाए।
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हिमाचल प्रदेश नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिला। संघ ने 15 मई 2003 से पूर्व विज्ञापित पदों के विरुद्ध नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्रदान करने संबंधी अधिसूचना जारी करने पर मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त किया। महासंघ के महासचिव भरत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष कर्मचारियों से जुड़ी शेष महत्वपूर्ण मांगों को भी प्रमुखता से उठाया। महासंघ ने मांग की कि एनएसडीएल में जमा लगभग 12,000 करोड़ की राशि शीघ्र हिमाचल प्रदेश को वापस लाई जाए।
साथ ही 1 जनवरी 2004 को आधार तिथि मानते हुए केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुरूप सभी पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। महासंघ ने यह भी मांग रखी कि एचपीएसईबीएल, जिला परिषद तथा अन्य ओपीएस से वंचित कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना के दायरे में लाया जाए। भविष्य में कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओपीएस कानून शीघ्र बनाया जाए तथा कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभ, महंगाई भत्ता (डीए), एरियर, पदोन्नतियां एवं अन्य लंबित सेवा संबंधी मामलों का भी शीघ्र निस्तारण किया जाए।
प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने विश्वास व्यक्त किया कि कर्मचारी हितैषी प्रदेश सरकार शेष मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय लेकर सभी पात्र कर्मचारियों को न्याय प्रदान करेगी। यह रहे उपस्थित लेख राज, विजय क़दारी, अरविंद मेहता, धर्मेंद्र कुमार, भूपेंद्र कंवर, नारायण हिमराल, अमर त्यागी, जय प्रकाश, मोहन वर्मा, नरेंद्र कुमार, मीरा शर्मा, देवेंद्र शर्मा, नीरज शर्मा, संदीपना नलवा, विद्यासागर सहित अन्य माैजूद रहे।