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Shimla News: बरसात से पहले की खोदाई बनी आफत, दरकने लगा शिमला शहर

Mon, 13 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2026 11:59 PM IST
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Pre-monsoon digging spells trouble; Shimla city begins to develop cracks.
मानसून के 13 दिन में शिमला में 154 मिलीमीटर बारिश, कई कॉलोनियों पर मंडराया खतरा
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कार्ट रोड, कुफ्टाधार और संजौली में हो चुका है भूस्खलन
सभी जगहों पर बरसात से पहले हुई खोदाई बनी कारण

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मानसून सीजन से ठीक पहले की गई खोदाई के कारण राजधानी के पहाड़ दरकने लगे हैं। मानसून के 13 दिन में अब तक शिमला में 154 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद कार्ट रोड समेत दो प्रमुख सड़कें और दो रिहायशी कॉलोनियां खतरे की जद में आ गई हैं।

शहर में अब तक 10 से अधिक मकान खतरे की जद में आ चुके हैं। इनमें आठ मकान संजौली और रुल्दूभट्ठा क्षेत्र के हैं। दोनों जगहों पर बरसात से ठीक पहले रिहायशी भवनों से सटे इलाकों में खोदाई की थी। अब बारिश शुरू होते ही यहां भूस्खलन होने लगा है। राहत के नाम पर प्रभावित स्थानों पर तिरपाल तो बिछाए हैं, लेकिन मानसून के अगले दो महीने स्थानीय लोगों के लिए चिंता और परेशानी बढ़ाने वाले साबित हो सकते हैं। संजौली के बॉथवेल क्षेत्र में चार मकानों को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार उनके मकानों से सटी खाली जमीन पर एक व्यक्ति कई दिनों से खोदाई कर रहा था। गलत तरीके से की गई कटिंग के कारण अब वहां भूस्खलन हो गया है। लोगों ने भूमि मालिक के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया है। इसी तरह रुल्दूभट्ठा के कुफ्टाधार क्षेत्र में भी चार मकान खतरे की जद में हैं। यहां मकानों की नींव के पास की जमीन धंस रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसकी वजह भी बरसात से पहले की गई हिल कटिंग है।
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सड़कों पर भी मंडरा रहा है खतरा
शहर में निजी भूमि के अलावा सरकारी विभागों की ओर से की गई खोदाई भी लोगों के लिए आफत बन गई है। सर्कुलर रोड पर लिफ्ट के पास लोक निर्माण विभाग ने गर्मियों में काम शुरू नहीं किया। बरसात से कुछ दिन पहले ही पहाड़ी की कटिंग शुरू कर दी गई। इसका परिणाम यह हुआ कि अब पूरा इलाका खतरे की जद में आ गया है और लगातार पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। चमियाना सड़क के चौड़ीकरण का काम भी लोक निर्माण विभाग ने बरसात से ठीक पहले शुरू किया। गर्मियों में टेंडर प्रक्रिया के नाम पर काम टलता रहा। अब यहां भी पहाड़ी से मलबा सड़क पर गिर रहा है, जिससे रिहायशी मकानों तक को खतरा पैदा हो गया है।
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निगम ने देरी से लगाई रोक
नगर निगम ने अब शहर में खोदाई के कार्यों पर रोक लगा दी है, लेकिन यह फैसला देर से लिया गया। निजी भूमि मालिकों से लेकर सरकारी विभागों तक ने बरसात से पहले खोदाई तो कर दी, लेकिन सुरक्षा और राहत के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। अब इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।



अब खोदाई की तो रद्द होगा नक्शा : मेयर
नगर निगम ने शहर में अब खोदाई के सभी कार्यों पर रोक लगा दी है। यदि कोई व्यक्ति नियमों के विपरीत हिल कटिंग करता पाया गया और उससे नुकसान हुआ, तो संबंधित भवन मालिक का नक्शा तक रद्द कर दिया जाएगा। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेयर ने लोगों से भी अपील की है कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की खोदाई न करें।
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