सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News 20 years rigorous imprisonment 10000 rupees fine for misdoing a minor

Shimla News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास, 10 हजार रुपये जुर्माना

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: शिमला ब्यूरो Updated Mon, 16 Feb 2026 10:29 AM IST
विज्ञापन
सार

हिमाचल प्रदेश में अदालत ने 15 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।  पढ़ें पूरी खबर...

Shimla News 20 years rigorous imprisonment 10000 rupees fine for misdoing a minor
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार

शिमला की फास्ट ट्रैक (पोक्सो) अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विवेक शर्मा की अदालत ने 15 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10,000 रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर दोषी को छह महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

Trending Videos


इसके अलावा अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए 4 लाख रुपये मुआवजे की सिफारिश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजी है। मामला जिला शिमला के रोहड़ू क्षेत्र क्षेत्र का है। 17 अगस्त 2019 को 15 साल की नाबालिग को राजीव ब्रागटा नाम का युवक शादी का झांसा देकर अपने ननिहाल ले गया। जब पीड़िता का भाई कमरे में पहुंचा, तो उसने सोचा कि वह अपनी सहेली के घर गई होगी लेकिन अगले दिन भी जब वह नहीं लौटी तो उसने इसकी सूचना परिजनों को दी। इसके बाद परिजन कमरे में पहुंचे और अपने स्तर पर नाबालिग को तलाश करने की कोशिश की लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चला।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने 18 अगस्त की शाम को इस संबंध में लिखित शिकायत संबंधित पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग की तलाश शुरू की। 22 अगस्त 2019 को पुलिस ने आरोपी के ननिहाल से नाबालिग को बरामद किया। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नाबालिग को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पीड़िता ने पुलिस को बयान दिया कि आरोपी ने 17 से 22 अगस्त तक कई बार उसके साथ बलपूर्वक शारीरिक संबंध बनाए।

फोरेंसिक रिपोर्ट में डीएनए और सिमन मैच होने के बाद आरोपी के खिलाफ मजबूत सुबूत पेश किए गए। स्कूल के एडमिशन रजिस्टर और पंचायत प्रमाणपत्र के आधार पर लड़की की उम्र 15 वर्ष साबित हुई। पुलिस ने मामले की जांच पूरी होने के बाद चालान अदालत में पेश किया। अदालत ने आईपीसी की धारा-376 और धारा-6 पोक्सो के तहत दोषी करार दिया। हालांकि आईपीसी की धारा-363 और 366 अपहरण में बरी कर दिया गया। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि पीड़िता की गवाही विश्वसनीय थी, परिवार और स्वतंत्र गवाहों से पुष्टि हुई। फोरेंसिक सबूत ने मामले को और मजबूत बनाया। वहीं अदालत ने बचाव पक्ष के दावे खारिज कर दिए। अदालत ने कहा कि भले ही आरोपी युवा (घटना के समय महज 19 वर्ष) का था और उसने शादी का इरादा होने का दावा किया लेकिन नाबालिग से सहमति कानूनी रूप से अमान्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed