Shimla: कंकरीट का शहर बन रहा शिमला, नहीं गिर रही बर्फ, फरवरी में पेश होगा बजट
शिमला के मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए पहली बार नगर निगम शिमला भी क्लाइमेट टूल बजट पेश करने की तैयारी कर रहा है।
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कंकरीट में बदल रहे शिमला शहर में लगातार हरियाली बर्फबारी भी साल दर साल घटती घट रही है। इसके अलावा यहां जा रही है। शिमला के मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए पहली बार नगर निगम शिमला भी क्लाइमेट टूल बजट पेश करने की तैयारी कर रहा है। फरवरी में नगर निगम का वार्षिक बजट पेश होगा। इसमें शिमला शहर में हरियाली बढ़ाने, भवन निर्माण के नियम सख्त करने, स्वच्छता बढ़ाने जैसे मुद्दों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर निगम का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए क्लाइमेट टूल बजट पेश किया जाएगा। इसमें शहर में होने वाले विकासकार्य इस तरह से लागू होंगे कि इनसे पर्यावरण को नुकसान न हो।
क्लाइमेट टूल बजट के जरिये अन्य नगर निकायों को भी संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। नगर निगम के अनुसार क्लाइमेट टूल बजट के तहत उन योजनाओं और परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो कार्बन उत्सर्जन घटाने, घटाने, जल संरक्षण, हरित क्षेत्र बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग में सहायक होंगी। इसके लिए विभिन्न विभागों से प्रस्ताव मांगें जा रहे हैं। जल्द ही इन प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाएगा। शिमला जैसे पहाड़ी शहर के लिए जलवायु परिवर्तन एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। अनियमित बारिश, भूस्खलन और जलसंकट जैसी समस्याओं से निपटने के लिए योजनाबद्ध बजट की जरूरत है। निगम के अनुसार बजट तैयार करने से पहले संबंधित विशेषज्ञों और विभागों से सुझाव भी लिए जाएंगे। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर शहर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाया जाएगा।
अपर ग्वाही में मिलेगी एबुलेंस रोड की सुविधा
नगर निगम के अनाडेल वार्ड के तहत मिडल स्कूल से अपर ग्वाही तक लोगों को जल्द एबुलेंस रोड की सुविधा मिलेगी। दो महीनों के भीतर डेढ़ किलोमीटर लंबा रोड बनकर तैयार हो जाएगा। अनाडेल वार्ड की पार्षद उर्मिला कश्यप ने यह जानकारी दी। मिडल स्कूल से अपर ग्वाही तक एबुलेंस रोड बनाया जा रहा है। भाजपा शासित नगर निगम के कार्यकाल में इस रोड को बनाने की कवायद शुरू की गई थी, लेकिन बिना एफआरए की अनुमति के चलते इसका काम बीच में रोक दिया गया था। अनुमति मिलने के बाद दोबारा से काम शुरू कर दिया गया है।
कसुम्पटी को तहसील बनाने की तैयारी, सरकार को भेजा प्रस्ताव
कसुम्पटी को नई तहसील बनाने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। वर्तमान में कसुम्पटी क्षेत्र शिमला ग्रामीण क्षेत्र के तहत आता है। नए प्रस्ताव के अनुसार कसुम्पटी में मौजूदा पटवार सर्किल के अलावा चार नए पटवार सर्किल बनाए जाएंगे। दो फील्ड कानूनगो सर्किल होंगे। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि कसुम्पटी में नई तहसील बनाना आवश्यक है। इस दिशा में प्रदेश सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि शिमला ग्रामीण के तहत अभी 32 पटवार सर्किल हैं। तीन विधानसभा क्षेत्र कसुम्पटी, शिमला ग्रामीण और शिमला शहरी का काफी हिस्सा इसमें आता है। ऐसे में शिमला शहर के आसपास भारी जनसंख्या, राजस्व मामलों की बढ़ती संख्या, कोर्ट मामले, फील्ड वैरिफिकेशन आदि के कारण काफी दिक्कतें पेश आती हैं। नए प्रस्ताव के अनुसार 17 पटवार सर्किल और चार फील्ड कानूनगो सर्किल होंगे। इसके तहत कुल 17,032.29 हेक्टेयर भूमि होगी और 86983 कुल खसरा नंबर होंगे। 12,080 खतौनी नंबर होंगे। इसके साथ ही इस तहसील के तहत 91924 जनसंख्या को कवर किया जाएगा। चार नए पटवार सर्किल चमियाना, रझाना, डुम्मी और जनोल बनाए जाएंगे। इसके साथ ही दो फील्ड कानूनगो कसुम्पटी/चमियाना और शोधी में प्रस्तावित हैं।