{"_id":"697f6b6420a647db290062a2","slug":"survey-completed-in-shimla-shimla-news-c-19-sml1002-671708-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: राजधानी में लिडार सर्वे पूरा, आपदा से निपटने और विकास योजनाएं बनाने में होगी आसानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: राजधानी में लिडार सर्वे पूरा, आपदा से निपटने और विकास योजनाएं बनाने में होगी आसानी
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में तय मानकों से अधिक और नियमों के खिलाफ हुए निर्माण आसानी से किए जा सकेंगे चिह्नित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर में आपदा प्रबंधन और अवैध निर्माण पर निगरानी को मजबूत करने के लिए करवाया गया लिडार सर्वे का काम पूरा हो गया है। इस नई तकनीक से अब अधिकारी कार्यालय में बैठकर शहर की सटीक थ्रीडी डाइमेंशनल जानकारी देख सकेंगे। वहीं सचिवालय में इसको लेकर जानकारी भी दी गई है।
नगर निगम के अनुसार लिडार तकनीक से भवनों की ऊंचाई, ढलान, नालों और संवेदनशील क्षेत्रों की डिजिटल मैपिंग संभव होगी, जबकि आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों की योजनाएं भी तेजी से बनाई जा सकेंगी। बीते कई सालों में बरसात से हुई आपदा के समय भारी क्षति हुई थी। ऐसे में सटीक जानकारी के अभाव में राहत काम तेजी से शुरू नहीं किया जा सके थे। नगर निगम का दावा है कि शहर में तय मानकों से अधिक या नियमों के खिलाफ हुए निर्माण भी आसानी से चिह्नित किए जा सकेंगे। इसके अलावा लिडार डाटा का उपयोग भविष्य में शहर की प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और पर्यावरण संरक्षण में भी किया जाएगा। यह सर्वे शहर के लिए तकनीकी रूप से एक अहम माना जा रहा। नगर निगम का कहना है कि सर्वे के पूरा होने के बाद अवैध निर्माण को रोकने में भी आसानी होगी।
इनसेट
यह भी होगा लाभ
शहर में जो सर्वे करवाया गया था वह टू डायमेंशनल सर्वे था लेकिन अब हर संपत्ति का थ्रीडी रिकॉर्ड तैयार करने के लिए लिडार सर्वेक्षण करवाया गया है। इस सर्वेक्षण से तैयार होने वाले रिकॉर्ड से हर विभाग के पास शहर में स्थित संपत्तियों का सटीक ब्योरा रहेगा। संपत्तियों के एक-एक इंच की जानकारी, बिजली, पानी का रिकॉर्ड होगा। वहीं टैक्स वसूली की रिकवरी बढ़ाने में भी इससे मदद मिलेगी।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर में आपदा प्रबंधन और अवैध निर्माण पर निगरानी को मजबूत करने के लिए करवाया गया लिडार सर्वे का काम पूरा हो गया है। इस नई तकनीक से अब अधिकारी कार्यालय में बैठकर शहर की सटीक थ्रीडी डाइमेंशनल जानकारी देख सकेंगे। वहीं सचिवालय में इसको लेकर जानकारी भी दी गई है।
नगर निगम के अनुसार लिडार तकनीक से भवनों की ऊंचाई, ढलान, नालों और संवेदनशील क्षेत्रों की डिजिटल मैपिंग संभव होगी, जबकि आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों की योजनाएं भी तेजी से बनाई जा सकेंगी। बीते कई सालों में बरसात से हुई आपदा के समय भारी क्षति हुई थी। ऐसे में सटीक जानकारी के अभाव में राहत काम तेजी से शुरू नहीं किया जा सके थे। नगर निगम का दावा है कि शहर में तय मानकों से अधिक या नियमों के खिलाफ हुए निर्माण भी आसानी से चिह्नित किए जा सकेंगे। इसके अलावा लिडार डाटा का उपयोग भविष्य में शहर की प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और पर्यावरण संरक्षण में भी किया जाएगा। यह सर्वे शहर के लिए तकनीकी रूप से एक अहम माना जा रहा। नगर निगम का कहना है कि सर्वे के पूरा होने के बाद अवैध निर्माण को रोकने में भी आसानी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनसेट
यह भी होगा लाभ
शहर में जो सर्वे करवाया गया था वह टू डायमेंशनल सर्वे था लेकिन अब हर संपत्ति का थ्रीडी रिकॉर्ड तैयार करने के लिए लिडार सर्वेक्षण करवाया गया है। इस सर्वेक्षण से तैयार होने वाले रिकॉर्ड से हर विभाग के पास शहर में स्थित संपत्तियों का सटीक ब्योरा रहेगा। संपत्तियों के एक-एक इंच की जानकारी, बिजली, पानी का रिकॉर्ड होगा। वहीं टैक्स वसूली की रिकवरी बढ़ाने में भी इससे मदद मिलेगी।
