{"_id":"69ac23affd6e7aa6c7001992","slug":"work-on-installing-unique-qr-codes-outside-buildings-stalled-shimla-news-c-19-sml1002-687076-2026-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: भवनों के बाहर यूनिक क्यूआर \nकोड लगाने का काम अटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: भवनों के बाहर यूनिक क्यूआर कोड लगाने का काम अटका
विज्ञापन
विज्ञापन
निगम ने शहर के वार्डों में देनी थी सुविधा
क्यूआर कोड स्कैन करके हो सकेगा टैक्स का भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में बने हजारों भवनों के बाहर यूनिक क्यूआर कोड प्लेट लगाने का काम लटक गया है। शहरी विकास विभाग के ताजा निर्देशों के बाद नगर निगम ने यह काम रोक दिया है।
शहर में करीब 66 हजार घरों के बाहर यह प्लेट लगनी हैं। नगर निगम ने शहर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शहर के अपर ढली, पटियोग, न्यू शिमला, कंगनाधार और भराड़ी वार्ड में इसे शुरू करना था। इसके बाद बाकी वार्डों में इसकी सुविधा देनी थी। नगर निगम का कहना था कि लोगों से महज इसको लेकर सौ रुपये लिए जाने थे। निगम के अनुसार अब शहरी विकास विभाग ही इस डिजिटल क्यूआर कोड प्लेट को लगाने जा रहा है। यह पूरे प्रदेश में लगनी हैं। यही वजह है कि शिमला के लोगों काे इस सुविधा के लिए अब लंबा इंतजार करने को मजबूर होना पड़ सकता है।
हालांकि नगर निगम का कहना है कि शहरी विकास विभाग अगर उन्हें बजट मुहैया करवा देता है तो वह जल्द इस सुविधा को लोगों को दे सकता है। इस कोड के लगने के बाद लोग प्राॅपर्टी टैक्स के अलावा कूड़े का शुल्क घर से ही जमा कर सकेंगे। नगर निगम का कहना है कि इसको लेकर शहरी विकास विभाग के साथ बात चल रही है। हालांकि यह बात कब तक सिरे चढ़ पाती है इसको लेकर आने वाले दिनों में ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
नगर निगम ने शहर में इसी महीने से यह सुविधा उपलब्ध करवानी थी। इसके अलावा बारकोड ट्रैकिंग सिस्टम के लागू होने से भवन की पूरी जानकारी नगर निगम के पास एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। वार्ड से कितने बजे और किन-किन घरों से कूड़ा उठा है आदि की पूरी जानकारी निगम के पास रहेगी। इसके अलावा गारबेज कलेक्टर की हाजिरी भी इससे ही लगनी थी।
Trending Videos
क्यूआर कोड स्कैन करके हो सकेगा टैक्स का भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में बने हजारों भवनों के बाहर यूनिक क्यूआर कोड प्लेट लगाने का काम लटक गया है। शहरी विकास विभाग के ताजा निर्देशों के बाद नगर निगम ने यह काम रोक दिया है।
शहर में करीब 66 हजार घरों के बाहर यह प्लेट लगनी हैं। नगर निगम ने शहर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शहर के अपर ढली, पटियोग, न्यू शिमला, कंगनाधार और भराड़ी वार्ड में इसे शुरू करना था। इसके बाद बाकी वार्डों में इसकी सुविधा देनी थी। नगर निगम का कहना था कि लोगों से महज इसको लेकर सौ रुपये लिए जाने थे। निगम के अनुसार अब शहरी विकास विभाग ही इस डिजिटल क्यूआर कोड प्लेट को लगाने जा रहा है। यह पूरे प्रदेश में लगनी हैं। यही वजह है कि शिमला के लोगों काे इस सुविधा के लिए अब लंबा इंतजार करने को मजबूर होना पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालांकि नगर निगम का कहना है कि शहरी विकास विभाग अगर उन्हें बजट मुहैया करवा देता है तो वह जल्द इस सुविधा को लोगों को दे सकता है। इस कोड के लगने के बाद लोग प्राॅपर्टी टैक्स के अलावा कूड़े का शुल्क घर से ही जमा कर सकेंगे। नगर निगम का कहना है कि इसको लेकर शहरी विकास विभाग के साथ बात चल रही है। हालांकि यह बात कब तक सिरे चढ़ पाती है इसको लेकर आने वाले दिनों में ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
नगर निगम ने शहर में इसी महीने से यह सुविधा उपलब्ध करवानी थी। इसके अलावा बारकोड ट्रैकिंग सिस्टम के लागू होने से भवन की पूरी जानकारी नगर निगम के पास एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। वार्ड से कितने बजे और किन-किन घरों से कूड़ा उठा है आदि की पूरी जानकारी निगम के पास रहेगी। इसके अलावा गारबेज कलेक्टर की हाजिरी भी इससे ही लगनी थी।