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Ganesh Visarjan 2019: गणेश विसर्जन शुभ मुहूर्त और अनंत चतुर्दशी पूजा विधि

धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 12 Sep 2019 10:28 AM IST
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Ganesh Visarjan 2019 know visarjan timing and importance

आज यानी 12 सितंबर को अनंत चतुर्दशी है और इसी दिन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। गणेश जी की विदाई के साथ ही पिछले 10 दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव का समापन हो जाएगा। अनंत चतुर्दशी का बहुत ही महत्व है। एक ओर जहां इस दिन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होता है तो वहीं इस अनंत चतुर्दशी का पौराणिक महत्व है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन क्यों किया जाता है। आइए जानते है विसर्जन की कहानी और अनंत चतुर्दशी का पौराणिक महत्व। 



 

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Ganesh Visarjan 2019 know visarjan timing and importance
गणेश विसर्जन की यात्रा - फोटो : अमर उजाला
विसर्जन क्यों
10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव के बाद गणेशजी की प्रतिमा का विसर्जन कर दिया जाता है। पुराणों के अनुसार महर्षि वेदव्यास ने गणेश चतुर्थी के दिन से भगवान गणेश को महाभारत की कथा सुनाना आरंभ किया था। लगातार दस दिनों तक वेदव्यास आंखे बंद कर भगवान गणेश को कथा सुनाते रहे और गणेशजी उसे बिना आराम किए उसे लगातार लिखते रहे।

 
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गणेश जी - फोटो : social media

दस दिनों के बाद जब महाभारत की कथा पूरी हुई तो वेदव्यास जी ने आंखे खोली तो देखा कि लगातार लिखते हुए गणेशजी के शरीर का तापमान काफी बढ़ गया था, तब गणेशजी के तापमान को कम करने के लिए वेदव्यास ने तालाब में गणेश जी को स्नान कराया। जिसके बाद उनके शरीर का तापमान सामान्य हुआ। जिस दिन उन्होंने गणेश जी को स्नान कराया गया था उस दिन अनंत चर्तुदशी थी इसलिए इस दिन को गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाने लगा।

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गणेश भगवान - फोटो : अमर उजाला

गणपति विसर्जन का शुभ मुहुर्त
इस बार गणेश विसर्जन 12 सितंबर गुरुवार के दिन है। गणेश विसर्जन 12 सितंबर को सुबह 7 बजे से शुरू होकर 1 बजकर 30 मिनट तक चलेगा। इसके बाद दोपहर को 3 बजे से रात के 12  बजे तक चलेगा। अगर आप घर पर ही गणेश जी का विसर्जन करना चाहते है तो एक गमले में पानी भरकर उसमें गणेश जी की प्रतिमा को विसर्जित करें और उसके बाद उसमें मिट्टी डालकर पौधा लगा दें, लेकिन उस गमले मे कभी तुलसी का पौधा न लगाएं क्योंकि तुलसी भगवान गणेशजी को नहीं चढ़ाई जाती है।

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