{"_id":"6a846de694be7200af0d3047","slug":"chandra-grahan-2026-lunar-eclipse-2026-date-time-impact-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandra Grahan 2026: 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण, क्या भारत में दिखाई देगा यह आखिरी ग्रहण, जानिए सबकुछ","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
Chandra Grahan 2026: 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण, क्या भारत में दिखाई देगा यह आखिरी ग्रहण, जानिए सबकुछ
Tue, 18 Aug 2026 08:10 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 18 Aug 2026 08:10 PM IST
सार
Chandra Grahan 2026: 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा है और इस दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण होगा। लेकिन इस चंद्रग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा जिसके चलते इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
विज्ञापन
इस साल रक्षाबंधन पर रहेगा चंद्र ग्रहण का साया
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Chandra Grahan 2026: इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषशास्त्र और धार्मिक नजरिए से चंद्र ग्रहण को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 28 अगस्त को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा। आइए जानते हैं साल के इस आखिरी चंद्र ग्रहण के बारे में सभी जानकारियां...
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कब ?
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि को लगने वाला है। चंद्रग्रहण के साथ सावन का महीना भी खत्म होगा। यह चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा। जिसमें चांद लालिमा के साथ दिखाई देगा।
कितने बजे शुरू होगा चंद्र ग्रहण ?
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण सुबह 08 बजकर 04 मिनट से शुरू होकर 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इस दौरान सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर ग्रहण अपने चरम पर होगा।
क्या यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखेगा ?
28 अगस्त 2026 को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा सकेगा।
कहां-कहां दिखाई देगा यह चंद्र ग्रहण ?
साल का यह आखिरी चंद्रग्रहण यूरोप, उत्तर, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में देखा जाएगा।
विज्ञापन
चंद्र ग्रहण का सूतक काल मान्य हो या नहीं?
ग्रहण के शुरू होने से पहले सूतक काल लग जाता है, जिसे अच्छा नहीं माना जाता है। चंद्र ग्रहण लगने के 9 घंटे पर पहले सूतककाल शुरू हो जाता है। जो ग्रहण के खत्म होने के साथ समाप्त हो जाता है। साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं क्योंकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
- सूतक काल के दौरान मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं और इस दौरान पूजा-पाठ करना वर्जित होता है।
- सूतक काल में भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना भी वर्जित होता है।
- सूतक काल के दौरान किसी भी तरह की नुकीली चीजों के प्रयोग से बचना चाहिए।
- ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कब ?
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि को लगने वाला है। चंद्रग्रहण के साथ सावन का महीना भी खत्म होगा। यह चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा। जिसमें चांद लालिमा के साथ दिखाई देगा।
विज्ञापन
कितने बजे शुरू होगा चंद्र ग्रहण ?
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण सुबह 08 बजकर 04 मिनट से शुरू होकर 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इस दौरान सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर ग्रहण अपने चरम पर होगा।
क्या यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखेगा ?
28 अगस्त 2026 को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा सकेगा।
कहां-कहां दिखाई देगा यह चंद्र ग्रहण ?
साल का यह आखिरी चंद्रग्रहण यूरोप, उत्तर, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में देखा जाएगा।
Raksha Bandhan 2026: चंद्र ग्रहण के बीच मनाया जाएगा रक्षाबंधन, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
विज्ञापन
ग्रहण के शुरू होने से पहले सूतक काल लग जाता है, जिसे अच्छा नहीं माना जाता है। चंद्र ग्रहण लगने के 9 घंटे पर पहले सूतककाल शुरू हो जाता है। जो ग्रहण के खत्म होने के साथ समाप्त हो जाता है। साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं क्योंकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को रक्षाबंधन और चंद्र ग्रहण का संयोग, जानें कब लगेगा सूतक और किस समय बांधे राखी
सूतकाल में क्या ना करें ?- सूतक काल के दौरान मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं और इस दौरान पूजा-पाठ करना वर्जित होता है।
- सूतक काल में भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना भी वर्जित होता है।
- सूतक काल के दौरान किसी भी तरह की नुकीली चीजों के प्रयोग से बचना चाहिए।
- ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।