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Nirjala Ekadashi 2026: गुरुवार और निर्जला एकादशी का संयोग आज, जानिए सुख-समृद्धि के लिए क्या करें

धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 25 Jun 2026 09:45 AM IST
सार

आज साल की सबसे बड़ी एकादशी है जिससे निर्जला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार गुरुवार और एकादशी का शुभ संयोग बन रहा है।

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nirjala ekadashi today importance significance tips for nirjala ekadashi vishnu puja
एकादशी पर नियमों का पालन करें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी है। सभी एकादशी में इस निर्जला एकादशी का विशेष महत्व होता है। इस बार यह व्रत गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसका काफी महत्व बढ़ गया है। गुरुवार के का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दिन विशेष पूजा करने का विधान होता है ऐसे में गुरुवार के दिन एकादशी का संयोग बहुत ही शुभ माना जाता है। निर्जला एकादशी को साल की सबसे बड़ी एकादशी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी पर बिना जल ग्रहण किए व्रत करने पर सभी एकादशियों के व्रत के बराबर का पुण्य लाभ मिलता है। निर्जला एकादशी को भीमसेनी और पांडव एकादशी भी कहते हैं। आइए जानते हैं आज इस एकादशी पर कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं। 
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1- आज गुरुवार और एकादशी के शुभ संयोग के चलते भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का अभिषेक करें। इस दिन जल और दूध से अभिषेकर करना अच्छा माना जाता है। इसके अलावा आज भगवान विष्णु को पीले रंग के वस्त्र, अक्षत, पीली मिठाई और पीले फल अर्पित करें। साथ ही ऊं नमो भगवते वासुतदेवाय मंत्र का जाप करें। 
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2- आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ एकादशी व्रत का संकल्प लें और पूरे दिन बिना जल और निराहार रहें। निर्जला एकादशी पर बिना जल और कुछ खाए व्रत करने की मान्यता है लेकिन जो लोग इस कठिन व्रत को नहीं कर सकते हैं वे आज के दिन सामान्य एकादशी का व्रत रख सकते हैं। 
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3- गुरुवार और एकादशी का संयोग बहुत ही अच्छा माना जाता है। ज्योतिष में गुरु ग्रह को गुरुवार का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में आज के दिन बेसन के लड्डू का भोग लगाएं और गुरु के मंत्रों का जाप करें। 

4-जो लोग घर पर बाल गोपाल रखे हैं और उनकी नियमित रूप से पूजा करते हैं उनको पीले रंगे वस्त्रों और फूलों से उनका श्रृंगार करें। कान्हा को माखन और मिश्री का भोग लगाएं और उसमें तुलसी के पत्तों को जरूर शामिल करें। 

5- आज निर्जला एकादशी पर सुबह और शाम दोनों ही समय भगवान विष्णु की पूजा करें। साथ ही भगवान विष्णु के मंत्र ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। 

6- आज निर्जला एकादशी की शाम को सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास दीपक जलाएं और सात बार परिक्रमा करें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि तुलसी का स्पर्श नहीं होने पाए।

7- एकादशी के दिन जहां भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है वहीं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान के साथ पूजा करने का खास महत्व होता है। इस एकादशी पर भगवान शिव बेलपत्र, धूतरा और गंगाजल अर्पित करें और ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। 


8- एकदाशी के दिन आज जरूरतमंदों को धन, कपड़े और अनाज का दान करना चाहिए। इस दिन दान करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है। 
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। इस सूचना और तथ्यों की सटीकता एवं संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।


 
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