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4 जुलाई से शुरू होगा मृत्यु पंचक, जानिए इन 5 दिनों का महत्व और क्या करें क्या ना करें
Fri, 03 Jul 2026 05:42 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 03 Jul 2026 05:42 PM IST
सार
शास्त्रों में पंचक को अच्छा नहीं माना जाता है। इस दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य करना वर्जित होता है। जब शनिवार के दिन पंचक लगता है तो उसे मृत्यु पंचक कहते हैं।
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4 जुलाई से मृत्यु पंचक
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
हिंदू धर्म में पंचक का विशेष महत्व होता है। पंचक के दौरान किसी भी तरह का कोई भी शुभ कार्य करने से वर्जित होता है। शास्त्रों के अनुसार, पंचक के दौरान कोई भी नया काम, गृहप्रवेश और नए काम की शुरुआत करना अच्छा नहीं माना जाता है। पंचक जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट होता है कि पांच दिन का समय। इन पांच दिनों में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है। पंचक हर महीने लगता है और इसके नाम भी अलग-अलग होते हैं। आइए जानते हैं जुलाई माह में कब लगेगा पंचक और इसका महत्व।
जुलाई में पंचक
इस महीने जुलाई में पंचक की शुरुआत 4 जुलाई से होगी और इसका समापन 8 जुलाई को होगा। शनिवार के दिन पंचक की शुरुआत होने से इसका नाम मृत्यु पंचक होगा। शास्त्रों के अनुसार पंचक में न ह घर का निर्माण और ना ही छत डलवाई जाती है। इसके अलावा पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करना भी अच्छा नहीं माना जाता है। अगर कोई बहुत ही जरूर शुभ कार्य करना है तो उसके पहले किसी ज्योतिषाचार्य से सलाह जरूर लें और उसी के बाद ही कार्य करें।
पंचक का ज्योतिषीय विधान
आइए जानते हैं पंचक कब लगता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब चंद्रमा 27 नक्षत्रों की यात्रा के दौरान 5 विशेष नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं तो पंचक लगता है। ये नक्षत्र धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र है। चूंकि चंद्रमा सभी ग्रहों में सबसे तेजी से राशि और नक्षत्र परिवर्तन करता है जिसके कारण पंचक पूरे वर्ष में कई बार आता है।
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पंचक के दौरान क्या करें
- पंचक के दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
- कुछ शुभ कार्यों को पंचक के दौरान किए जा सकते हैं। जब पंचक के दौरान चंद्रमा धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र में हो इस दौरान कुछ शुभ कार्य शुरू कर सकते हैं।
- पंचक जब उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में हो तो इसे स्थिर संज्ञक माना जाता है। इसमें वाहन आदि की खरीदारी कर सकते हैं।
- पंचक के दौरान जब चंद्रमा रेवती नक्षत्र में हो तो इस दौरान नए कपड़े और गहने आदि की खरीदारी कर सकते हैं। इसके अलावा नया व्यापार भी शुरू कर सकते हैं।
- पंचक के दौरान घर में लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करने से बचना चाहिए
- पंचक काल में चारपाई बनवाना, खरीदना, जोड़ना या खोलना शुभ नहीं माना जाता है।
- पंचक के दिनों में घर की छत, लेंटर या निर्माण से जुड़े बड़े कार्यों को टाल देना चाहिए।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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जुलाई में पंचक
इस महीने जुलाई में पंचक की शुरुआत 4 जुलाई से होगी और इसका समापन 8 जुलाई को होगा। शनिवार के दिन पंचक की शुरुआत होने से इसका नाम मृत्यु पंचक होगा। शास्त्रों के अनुसार पंचक में न ह घर का निर्माण और ना ही छत डलवाई जाती है। इसके अलावा पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करना भी अच्छा नहीं माना जाता है। अगर कोई बहुत ही जरूर शुभ कार्य करना है तो उसके पहले किसी ज्योतिषाचार्य से सलाह जरूर लें और उसी के बाद ही कार्य करें।
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पंचक का ज्योतिषीय विधान
आइए जानते हैं पंचक कब लगता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब चंद्रमा 27 नक्षत्रों की यात्रा के दौरान 5 विशेष नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं तो पंचक लगता है। ये नक्षत्र धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र है। चूंकि चंद्रमा सभी ग्रहों में सबसे तेजी से राशि और नक्षत्र परिवर्तन करता है जिसके कारण पंचक पूरे वर्ष में कई बार आता है।
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पंचक के दौरान क्या करें
- पंचक के दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
- कुछ शुभ कार्यों को पंचक के दौरान किए जा सकते हैं। जब पंचक के दौरान चंद्रमा धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र में हो इस दौरान कुछ शुभ कार्य शुरू कर सकते हैं।
- पंचक जब उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में हो तो इसे स्थिर संज्ञक माना जाता है। इसमें वाहन आदि की खरीदारी कर सकते हैं।
- पंचक के दौरान जब चंद्रमा रेवती नक्षत्र में हो तो इस दौरान नए कपड़े और गहने आदि की खरीदारी कर सकते हैं। इसके अलावा नया व्यापार भी शुरू कर सकते हैं।
- पंचक के दौरान घर में लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करने से बचना चाहिए
- पंचक काल में चारपाई बनवाना, खरीदना, जोड़ना या खोलना शुभ नहीं माना जाता है।
- पंचक के दिनों में घर की छत, लेंटर या निर्माण से जुड़े बड़े कार्यों को टाल देना चाहिए।
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