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Yogini Ekadashi: कब रखा जाएगा योगिनी एकादशी का व्रत, जानिए तिथि और महत्व

Fri, 03 Jul 2026 04:56 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Fri, 03 Jul 2026 04:56 PM IST
सार

Yogini Ekadashi: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। 

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Yogini Ekadashi Date Time Know the Correct Date Tithi And Puja Vidhi
योगिनी एकादशी का धार्मिक महत्व - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Yogini Ekadashi 2026: आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व होता है। इस एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और और जीवन में सुख-समृद्दि आती है। पुराणों के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से 88 हजार ब्राह्राणों के बराबर का पुण्य लाभ मिलता है। आइए जानते हैं योगिनी एकादशी व्रत की तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व। 

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योगिनी एकादशी व्रत तिथि 2026
आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 10 जुलाई को सुबह 08 बजकर 16 मिनट से होगी और एकादशी तिथि की समाप्ति 11 जुलाई को सुबह 5 बजकर 22 मिनट पर होगी। हिंदू धर्म में उदया तिथि के अनुसार ही व्रत-त्योहार रखे जाते हैं। लेकिन इस एकादशी पर दोनों ही दिन उदया तिथि नहीं मिल पा रही है। ऐसे में पहले दिन यानी 10 जुलाई को एकादशी रखना शुभ होता है।
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योगिनी एकादशी व्रत पूजा विधि
- हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। ऐसे में जो लोग एकादशी का व्रत रखते हैं उनको एकादशी तिथि के पहले और बाद यानी दशमी तिथि तक नियमों को पालन करना चाहिए। 
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- एकादशी तिथि के दिन व्रत रखने वाले जातकों को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और साफ-सुथरे कपड़े पहनकर सूर्यदेव अर्घ्य दें। 
- इसके बाद व्रत का संकल्प लें और भगवान विष्णु की प्रतिमा को स्थापित कर विधि-विधान के साथ पूजन करें। 
- एकादशी पर दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। एकादशी तिथि के बाद द्वादशी तिथि पर पारण करने के बाद दान जरूर करना चाहिए।
- इससे अलावा व्रत रखने वालों को एकादशी और द्वादशी के दिन तुलसी के पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए। 
- एकादशी के दिन चावल का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि एकादशी पर चावल खाना वर्जित होता है। 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

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