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Sawan 2026: सावन में रुद्राभिषेक का महत्व और शिव आराधना के लिए कौन-कौन सा दिन खास
Fri, 31 Jul 2026 06:26 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 31 Jul 2026 06:26 PM IST
सार
Sawan 2026: शिवलिंग का वैदिक मंत्रों के साथ उच्चारण करने और विशेष द्रव्यों को अर्पित करने को रुद्राभिषेक कहा जाता है। रुद्राभिषेक करने से जीवन में सुख-शांति और तनावों से मुक्ति मिलती है।
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sawan 2026
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Sawan 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र और अच्छा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा करने से महादेव जल्द प्रसन्न होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूरे महीने शिवलिंग की पूजा होता है और भगवान भोलेनाथ को जल, दूध, दही, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित किया जाता है। इससे भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं। सावन में वैसे तो हर दिन पूजा का विशेष महत्व होता है लेकिन विशेष रूप से सावन सोमवार, प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि के दिन शिवजी की पूजा करने से महत्व काफी बढ़ जाता है। इस दिन रुद्राभिषेक करने करने से जीवन में सुख, धन, समृद्धि और सेहत और उन्नति के अवसर मिलते हैं। इस वर्ष सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक श्रावण पूर्णिमा तक चलेगा। सावन में 4 सोमवार व्रत रखे जाएंगे।
सावन का पहला सोमवार- 03 अगस्त 2026 को इसमें व्रत और जलाभिषेक करना बहुत ही शुभ और लाभकारी होता है।
सावन का दूसरा सोमवार- 10 अगस्त 2026, इस दिन सर्वार्थ सिद्धि का योग बनेगा जिसमें शिवजी का पूजन करना श्रेष्ठ होगा।
सावन का तीसरा सोमवार- 17 अगस्त 2026 को पड़ेगा इस दिन व्रत रखने से आर्थि स्थिति में सुधार होगा और मानसिक शांति मिलेगी।
सावन का चौथा सोमवार- 24 अगस्त को और यह अंतिम सावन सोमवार होगा जिसमें हर तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होगी।
नाग पंचमी- 17 अगस्त 2026 को इसमें कालसर्प दोष और नाग भय से मुक्ति मिलती है।
सावन प्रदोष व्रत- 10 और 25 अगस्त को इसमें भगवान शिव की पूजा से सभी तरह की मनोकामना पूरी होती है।
सावन में रुद्राभिषेक का महत्व और लाभ
भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने का विशेष महत्व होता है। शिवलिंग का वैदिक मंत्रों के साथ उच्चारण करने और विशेष द्रव्यों को अर्पित करने को रुद्राभिषेक कहा जाता है। रुद्राभिषेक करने से जीवन में सुख-शांति और तनावों से मुक्ति मिलती है। अलग-अलग चीजों से रुद्राभिषेक करने से लाभ मिलता है।
जल और गंगाजल- सावन में शिवलिंग पर जल और गंगाजल से रुद्राभिषेक करने से मानसिक शांति, तनावों से मुक्ति और सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है।
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गाय का दूध- भगवान भोलेनाथ का गाय के दूध से रुदाभिषेक करने से आरोग्य लाभ, अच्छी सेहत और दीर्घायु की प्राति होती है।
दही- सावन में दही से रुद्राभिषेक करने से गृह क्लेश दूर होता है। इसके अलावा वाहन और संपत्ति सुख की प्राप्ति होती है।
पंचामृत- सावन में पंचामृत से रुद्राभिषेक करने से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति और आर्थिक सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
गन्ने का रस- सावन में दरिद्रता का नाश और अटके हुए धन की प्राप्ति के लिए सावन में गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करना चाहिए।Sawan Shivratri 2026: कब है सावन शिवरात्रि? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और भगवान शिव को प्रसन्न करने के उपाय
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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सावन का पहला सोमवार- 03 अगस्त 2026 को इसमें व्रत और जलाभिषेक करना बहुत ही शुभ और लाभकारी होता है।
सावन का दूसरा सोमवार- 10 अगस्त 2026, इस दिन सर्वार्थ सिद्धि का योग बनेगा जिसमें शिवजी का पूजन करना श्रेष्ठ होगा।
सावन का तीसरा सोमवार- 17 अगस्त 2026 को पड़ेगा इस दिन व्रत रखने से आर्थि स्थिति में सुधार होगा और मानसिक शांति मिलेगी।
सावन का चौथा सोमवार- 24 अगस्त को और यह अंतिम सावन सोमवार होगा जिसमें हर तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होगी।
नाग पंचमी- 17 अगस्त 2026 को इसमें कालसर्प दोष और नाग भय से मुक्ति मिलती है।
सावन प्रदोष व्रत- 10 और 25 अगस्त को इसमें भगवान शिव की पूजा से सभी तरह की मनोकामना पूरी होती है।
सावन में रुद्राभिषेक का महत्व और लाभ
भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने का विशेष महत्व होता है। शिवलिंग का वैदिक मंत्रों के साथ उच्चारण करने और विशेष द्रव्यों को अर्पित करने को रुद्राभिषेक कहा जाता है। रुद्राभिषेक करने से जीवन में सुख-शांति और तनावों से मुक्ति मिलती है। अलग-अलग चीजों से रुद्राभिषेक करने से लाभ मिलता है।
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जल और गंगाजल- सावन में शिवलिंग पर जल और गंगाजल से रुद्राभिषेक करने से मानसिक शांति, तनावों से मुक्ति और सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है।
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गाय का दूध- भगवान भोलेनाथ का गाय के दूध से रुदाभिषेक करने से आरोग्य लाभ, अच्छी सेहत और दीर्घायु की प्राति होती है।
दही- सावन में दही से रुद्राभिषेक करने से गृह क्लेश दूर होता है। इसके अलावा वाहन और संपत्ति सुख की प्राप्ति होती है।
पंचामृत- सावन में पंचामृत से रुद्राभिषेक करने से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति और आर्थिक सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
गन्ने का रस- सावन में दरिद्रता का नाश और अटके हुए धन की प्राप्ति के लिए सावन में गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करना चाहिए।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।