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Angad Bajwa: निशानेबाज अंगद बाजवा ने ली कनाडा की नागरिकता, एशियन गेम्स 2023 में दिला चुके भारत को कांस्य
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Wed, 07 Jan 2026 04:45 PM IST
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सार
एशियन गेम्स 2023 में भारत को पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य पदक दिलाने वाले अंगद बाजवा ने कनाडा की नागरिकता हासिल कर ली है।
अंगद बाजवा
- फोटो : Angad Bajwa (instagram)
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विस्तार
एशियन गेम्स 2023 में भारत को पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य पदक दिलाने वाले शॉटगन निशानेबाज अंगद वीर सिंह बाजवा ने कनाडा की नागरिकता ले ली है। अब वह आगामी एशियन गेम्स में कनाडा का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे। इसकी जानकारी अंगद ने सोशल मीडिया के जरिए दी।
एनआरएआई ने जारी की एनओसी
टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अंगद को भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) की तरफ से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) दे दी गई। इसके बाद वह भविष्य में बिना किसी रुकावट के कनाडा के लिए प्रतियोगिताओं में खेलते नजर आ सकते हैं।
क्यों बदली नागरिकता?
अंगद ने अपने फैसले का कारण नहीं बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका पूरा परिवार कनाडा में ही रहता है। अंगद के पिता गुरपाल हॉस्पिटैलिटी का बिजनेस चलाते हैं। एनआरएआई के सेक्रेटरी जनरल पवन सिंह ने ट्रिब्यून को बताया, 'हां, हमें उनका एनओसी मांगने वाला आवेदन मिला था। हम उन्हें रोक नहीं सकते, क्योंकि इस देश में पसंद की आजादी है, इसलिए हमने उन्हें एनओसी जारी कर दिया है।' उन्होंने आगे कहा, 'इसमें कोई शक नहीं कि उनका जाना एनआरएआई फेडरेशन और हमारे देश दोनों के लिए एक बड़ा नुकसान है, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, हम उन्हें जाने से रोक नहीं सकते थे। हमारे देश में उनकी कमी को पूरा करने के लिए टैलेंट है।'
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टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अंगद को भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) की तरफ से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) दे दी गई। इसके बाद वह भविष्य में बिना किसी रुकावट के कनाडा के लिए प्रतियोगिताओं में खेलते नजर आ सकते हैं।
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क्यों बदली नागरिकता?
अंगद ने अपने फैसले का कारण नहीं बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका पूरा परिवार कनाडा में ही रहता है। अंगद के पिता गुरपाल हॉस्पिटैलिटी का बिजनेस चलाते हैं। एनआरएआई के सेक्रेटरी जनरल पवन सिंह ने ट्रिब्यून को बताया, 'हां, हमें उनका एनओसी मांगने वाला आवेदन मिला था। हम उन्हें रोक नहीं सकते, क्योंकि इस देश में पसंद की आजादी है, इसलिए हमने उन्हें एनओसी जारी कर दिया है।' उन्होंने आगे कहा, 'इसमें कोई शक नहीं कि उनका जाना एनआरएआई फेडरेशन और हमारे देश दोनों के लिए एक बड़ा नुकसान है, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, हम उन्हें जाने से रोक नहीं सकते थे। हमारे देश में उनकी कमी को पूरा करने के लिए टैलेंट है।'