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बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप: फाइनल में शी यूकी से हारे आयुष शेट्टी, रजत पदक से करना पड़ा संतोष; पर रचा इतिहास
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, निंगबो (चीन)
Published by: Swapnil Shashank
Updated Sun, 12 Apr 2026 04:09 PM IST
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सार
आयुष ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया। हालांकि फाइनल में वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए। फाइनल मुकाबला 42 मिनट तक चला और आयुष को शिकस्त मिली। हालांकि, वह बैडमिंटन में भारत की नई सनसनी बनकर उभरे हैं।
आयुष शेट्टी और शी यूकी
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत के 20 साल के युवा शटलर आयुष शेट्टी को बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में रजत पदक से संतोष करना पड़ा है। रविवार को खेले गए फाइनल में उन्हें चीन के शी यूकी ने लगातार गेमों में 21-8, 21-10 से हरा दिया। यह मुकाबला 42 मिनट तक चला। हालांकि, हार के बावजूद आयुष ने इतिहास रच दिया।
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आयुष बैडमिंटन में नई सनसनी
आयुष बैडमिंटन में भारत की नई सनसनी बनकर उभरे हैं। वह पिछले 59 साल में इस टूर्नामेंट के एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय और ओवरऑल इतिहास में दूसरे भारतीय बने थे। 1965 में दिनेश खन्ना ने स्वर्ण पदक जीता था। आयुष इतिहास तो नहीं दोहरा सके, लेकिन रजत पदक जरूर दिलाया। वह पिछले 59 साल में इस टूर्नामेंट के पुरुष एकल में कोई पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय भी हैं। 2018 में एचएस प्रणय ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। भारत के लिए इस टूर्नामेंट में पिछला पदक 2023 में आया था, जब सात्विक और चिराग ने पुरुष युगल का खिताब जीता था।
आयुष बैडमिंटन में भारत की नई सनसनी बनकर उभरे हैं। वह पिछले 59 साल में इस टूर्नामेंट के एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय और ओवरऑल इतिहास में दूसरे भारतीय बने थे। 1965 में दिनेश खन्ना ने स्वर्ण पदक जीता था। आयुष इतिहास तो नहीं दोहरा सके, लेकिन रजत पदक जरूर दिलाया। वह पिछले 59 साल में इस टूर्नामेंट के पुरुष एकल में कोई पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय भी हैं। 2018 में एचएस प्रणय ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। भारत के लिए इस टूर्नामेंट में पिछला पदक 2023 में आया था, जब सात्विक और चिराग ने पुरुष युगल का खिताब जीता था।
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शानदार फॉर्म में हैं आयुष
वर्ल्ड नंबर-25 आयुष का फाइनल में पहुंचना महज संयोग नहीं है, बल्कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का नतीजा है। वह हाल फिलहाल में शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में वर्ल्ड नंबर-चार जोनाथन क्रिस्टी को 23-21, 21-17 से हराया था। इसके अलावा उन्होंने चीनी ताइपे के चिन यू जेन और चीन के ली शी फेंग जैसे मजबूत खिलाड़ियों को भी मात दी। सेमीफाइनल में आयुष ने वर्ल्ड नंबर-1 कुनलावुत वितिदसरन को 10-21, 21-19, 21-17 से हराया था। यह मुकाबला 75 मिनट तक चला और इस दौरान भारतीय खिलाड़ी ने पहला सेट गंवाने के बावजूद दबाव में शानदार खेल दिखाया था।
वर्ल्ड नंबर-25 आयुष का फाइनल में पहुंचना महज संयोग नहीं है, बल्कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का नतीजा है। वह हाल फिलहाल में शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में वर्ल्ड नंबर-चार जोनाथन क्रिस्टी को 23-21, 21-17 से हराया था। इसके अलावा उन्होंने चीनी ताइपे के चिन यू जेन और चीन के ली शी फेंग जैसे मजबूत खिलाड़ियों को भी मात दी। सेमीफाइनल में आयुष ने वर्ल्ड नंबर-1 कुनलावुत वितिदसरन को 10-21, 21-19, 21-17 से हराया था। यह मुकाबला 75 मिनट तक चला और इस दौरान भारतीय खिलाड़ी ने पहला सेट गंवाने के बावजूद दबाव में शानदार खेल दिखाया था।
दूसरे भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
टूर्नामेंट में भारत के अन्य स्टार खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। पीवी सिंधू दूसरे दौर में बाहर हो गईं, जबकि लक्ष्य सेन पहले ही राउंड में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे।
टूर्नामेंट में भारत के अन्य स्टार खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। पीवी सिंधू दूसरे दौर में बाहर हो गईं, जबकि लक्ष्य सेन पहले ही राउंड में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे।