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CWG 2026: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का अभियान समाप्त, कुल कितने पदक जीते? देर रात होगा समापन समारोह
Sun, 02 Aug 2026 10:21 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ग्लास्गो
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ग्लास्गो
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 02 Aug 2026 10:21 PM IST
सार
भारत ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में दमदार प्रदर्शन किया। अंतिम दिन भारत की झोली में एक भी पदक नहीं आया। इस तरह भारत ने इन खेलों में कुल 39 पदकों के साथ अपने अभियान का अंत किया। आइए जानते हैं ग्लास्गो में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा...
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राष्ट्रमंडल खेल 2026
- फोटो : SAI Media/PTI/IANS
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विस्तार
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का अभियान समाप्त हो गया है। भारत ने इन खेलों में 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदकों के साथ कुल 39 पदक अपने नाम किए। भारत राष्ट्रमंडल खेल के अंतिम दिन रविवार को कोई पदक नहीं जीत सका। अब देर रात समापन समारोह का आयोजन होगा। अंतिम दिन ट्रैक साइकिलिंग और जूडो में भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करने उतरे थे, लेकिन सफल नहीं रहे।
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रात में होगा समापन समारोह
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों का समापन समारोह भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे से होगा। मौजूदा विश्व चैंपियन और दो बार की पदक विजेता मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया रविवार देर रात ग्लास्गो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह में भारतीय दल की ध्वजवाहक होंगी। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह के दौरान खेलों की मेजबानी का औपचारिक ‘हैंडओवर’ भारत को किया जाएगा। ग्लास्गो स्थित द हाइड्रो में आयोजित होने वाले समापन समारोह के ‘हैंडओवर सेगमेंट’ में भारत की समृद्ध संस्कृति और राष्ट्रमंडल परिवार के साथ उसकी साझा मूल्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार ‘हैंडओवर सेगमेंट’ तीन चरणों में आयोजित होगा, जिसमें दर्शकों को साझा मूल्यों, संस्कृति और आपसी जुड़ाव की यात्रा से रूबरू कराया जाएगा।
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों का समापन समारोह भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे से होगा। मौजूदा विश्व चैंपियन और दो बार की पदक विजेता मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया रविवार देर रात ग्लास्गो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह में भारतीय दल की ध्वजवाहक होंगी। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह के दौरान खेलों की मेजबानी का औपचारिक ‘हैंडओवर’ भारत को किया जाएगा। ग्लास्गो स्थित द हाइड्रो में आयोजित होने वाले समापन समारोह के ‘हैंडओवर सेगमेंट’ में भारत की समृद्ध संस्कृति और राष्ट्रमंडल परिवार के साथ उसकी साझा मूल्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार ‘हैंडओवर सेगमेंट’ तीन चरणों में आयोजित होगा, जिसमें दर्शकों को साझा मूल्यों, संस्कृति और आपसी जुड़ाव की यात्रा से रूबरू कराया जाएगा।
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जूडो और ट्रैक साइकिलिंग में मिली निराशा
भारत को राष्ट्रमंडल खेलों के अंतिम दिन जूडो, ट्रैक साइकिलिंग और पैरा साइकिलिंग में पदक आने की उम्मीद थी। जूडोका ईशरूप नारंग कांस्य पदक लाने से चूक गईं। ईशरूप का महिला 78 किग्रा के कांस्य पदक मुकाबले में कनाडा की कोरोली गॉडबाउट से सामना हुआ। ईशरूप हालांकि, भारत के खाते में एक और पदक नहीं जोड़ सकीं। अंतिम दिन जूडो में भारत की ओर से ईशरूप के अलावा अवतार सिंह और यश घंघास भी चुनौती पेश करने उतरे थे। अवतार और यश शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए थे, जबकि ईशरूप ने रेपचेज के जरिये कांस्य पदक मुकाबले में जगह बनाई थी।
ट्रैक साइकिलिंग स्पर्धा में हर्षवीर सिंह सेखों और दिनेश कुमार ने पुरुषों की 40 किमी प्वाइंट्स रेस में हिस्सा लिया, जबकि रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम पुरुषों की 1000 मीटर टाइम ट्रायल स्पर्धा में चुनौती पेश करते हुए नजर आए। दोनों ही इवेंट में भारतीय राइडर्स का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। हर्षवीर सिंह सेखों और दिनेश कुमार क्वालिफाइंग दौर में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गए। भारतीय साइकिलिस्ट रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम पुरुषों की 1000 मीटर टाइम ट्रायल स्पर्धा में 20वें स्थान पर रहे। रोनाल्डो ने 1000 मीटर टाइम ट्रायल में एक मिनट 4.191 सेकेंड का समय निकाला और 20वां स्थान हासिल किया।
भारत को राष्ट्रमंडल खेलों के अंतिम दिन जूडो, ट्रैक साइकिलिंग और पैरा साइकिलिंग में पदक आने की उम्मीद थी। जूडोका ईशरूप नारंग कांस्य पदक लाने से चूक गईं। ईशरूप का महिला 78 किग्रा के कांस्य पदक मुकाबले में कनाडा की कोरोली गॉडबाउट से सामना हुआ। ईशरूप हालांकि, भारत के खाते में एक और पदक नहीं जोड़ सकीं। अंतिम दिन जूडो में भारत की ओर से ईशरूप के अलावा अवतार सिंह और यश घंघास भी चुनौती पेश करने उतरे थे। अवतार और यश शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए थे, जबकि ईशरूप ने रेपचेज के जरिये कांस्य पदक मुकाबले में जगह बनाई थी।
ट्रैक साइकिलिंग स्पर्धा में हर्षवीर सिंह सेखों और दिनेश कुमार ने पुरुषों की 40 किमी प्वाइंट्स रेस में हिस्सा लिया, जबकि रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम पुरुषों की 1000 मीटर टाइम ट्रायल स्पर्धा में चुनौती पेश करते हुए नजर आए। दोनों ही इवेंट में भारतीय राइडर्स का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। हर्षवीर सिंह सेखों और दिनेश कुमार क्वालिफाइंग दौर में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गए। भारतीय साइकिलिस्ट रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम पुरुषों की 1000 मीटर टाइम ट्रायल स्पर्धा में 20वें स्थान पर रहे। रोनाल्डो ने 1000 मीटर टाइम ट्रायल में एक मिनट 4.191 सेकेंड का समय निकाला और 20वां स्थान हासिल किया।
मुक्केबाजी में रिकॉर्ड प्रदर्शन
खास बात यह है कि इस बार भारत ने कुश्ती, बैडमिंटन और हॉकी जैसे अपने मजबूत खेलों के बिना भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मुक्केबाजी में रिकॉर्ड सात स्वर्ण, जूडो में पहली बार दो स्वर्ण और एथलेटिक्स में कई ऐतिहासिक उपलब्धियों ने भारत के अभियान को यादगार बना दिया। भारत की सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजी में रही जिसमें कुल 10 पदक आए। जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता बने। यामिनी मौर्य ने रजत और उन्नति शर्मा ने कांस्य जीतकर भारत को इस खेल में रिकॉर्ड चार पदक दिलाए। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में कांस्य जीतकर इतिहास रचा। वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स के दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। इससे पहले वह 10,000 मीटर में रजत जीत चुके थे। वहीं प्रवीण चित्रावेल ने ट्रिपल जंप में रजत और सेल्वा प्रभु ने कांस्य पदक जीता। पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा ने पुरुष F57 शॉटपुट में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का खाता और मजबूत किया। इसी स्पर्धा में शुभम जुयाल ने रजत पदक हासिल किया। इससे पहले शर्मिला धनखड़ और दिलीप महादू गावित भी स्वर्ण जीत चुके हैं।
खास बात यह है कि इस बार भारत ने कुश्ती, बैडमिंटन और हॉकी जैसे अपने मजबूत खेलों के बिना भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मुक्केबाजी में रिकॉर्ड सात स्वर्ण, जूडो में पहली बार दो स्वर्ण और एथलेटिक्स में कई ऐतिहासिक उपलब्धियों ने भारत के अभियान को यादगार बना दिया। भारत की सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजी में रही जिसमें कुल 10 पदक आए। जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता बने। यामिनी मौर्य ने रजत और उन्नति शर्मा ने कांस्य जीतकर भारत को इस खेल में रिकॉर्ड चार पदक दिलाए। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में कांस्य जीतकर इतिहास रचा। वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स के दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। इससे पहले वह 10,000 मीटर में रजत जीत चुके थे। वहीं प्रवीण चित्रावेल ने ट्रिपल जंप में रजत और सेल्वा प्रभु ने कांस्य पदक जीता। पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा ने पुरुष F57 शॉटपुट में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का खाता और मजबूत किया। इसी स्पर्धा में शुभम जुयाल ने रजत पदक हासिल किया। इससे पहले शर्मिला धनखड़ और दिलीप महादू गावित भी स्वर्ण जीत चुके हैं।
भारत के सभी पदक विजेता (39 पदक)
भारत: 13 स्वर्ण, 17 रजत, 9 कांस्य
भारत: 13 स्वर्ण, 17 रजत, 9 कांस्य
| क्रम | खिलाड़ी | स्पर्धा | खेल | पदक |
|---|---|---|---|---|
| 1 | झंडू कुमार | पुरुष हेवीवेट | पैरा पावरलिफ्टिंग | कांस्य |
| 2 | ऋषिकांत सिंह | पुरुष 60 किग्रा | भारोत्तोलन | रजत |
| 3 | मीराबाई चानू | महिला 48 किग्रा | भारोत्तोलन | स्वर्ण |
| 4 | राजा मुथुपांडी | पुरुष 65 किग्रा | भारोत्तोलन | रजत |
| 5 | ज्ञानेश्वरी यादव | महिला 53 किग्रा | भारोत्तोलन | रजत |
| 6 | बिंदियारानी देवी | महिला 58 किग्रा | भारोत्तोलन | कांस्य |
| 7 | शर्मिला धनखड़ | महिला शॉटपुट F57 | पैरा एथलेटिक्स | स्वर्ण |
| 8 | सरवेश कुशारे | पुरुष हाई जंप | एथलेटिक्स | रजत |
| 9 | शिल्पा के. शायला | महिला शॉटपुट F57 | पैरा एथलेटिक्स | कांस्य |
| 10 | वल्लुरी अजया बाबू | पुरुष 79 किग्रा | भारोत्तोलन | रजत |
| 11 | हरजिंदर कौर | महिला 69 किग्रा | भारोत्तोलन | रजत |
| 12 | गुलवीर सिंह | पुरुष 10,000 मीटर | एथलेटिक्स | रजत |
| 13 | मुरली श्रीशंकर | पुरुष लंबी कूद | एथलेटिक्स | रजत |
| 14 | दिलीप महादू गावित | पुरुष 100 मीटर T47 | पैरा एथलेटिक्स | स्वर्ण |
| 15 | मोहम्मद बासिल | पुरुष 100 मीटर T47 | पैरा एथलेटिक्स | रजत |
| 16 | लवप्रीत सिंह | पुरुष +110 किग्रा | भारोत्तोलन | रजत |
| 17 | सीमा कालीरामना | महिला डिस्कस थ्रो | एथलेटिक्स | कांस्य |
| 18 | अस्मिता डे | महिला 48 किग्रा | जूडो | स्वर्ण |
| 19 | हर्ष सिंह | पुरुष 60 किग्रा | जूडो | स्वर्ण |
| 20 | यामिनी मौर्य | महिला 57 किग्रा | जूडो | रजत |
| 21 | नीरज चोपड़ा | पुरुष भालाफेंक | एथलेटिक्स | रजत |
| 22 | यशवीर सिंह | पुरुष भालाफेंक | एथलेटिक्स | कांस्य |
| 23 | तेजस्विन शंकर | पुरुष डेकाथलॉन | एथलेटिक्स | कांस्य |
| 24 | प्रीति पवार | महिला 54 किग्रा | मुक्केबाजी | स्वर्ण |
| 25 | जैस्मिन लंबोरिया | महिला 57 किग्रा | मुक्केबाजी | स्वर्ण |
| 26 | प्रवीण चित्रावेल | पुरुष ट्रिपल जंप | एथलेटिक्स | रजत |
| 27 | सेल्वा प्रभु तिरुमरन | पुरुष ट्रिपल जंप | एथलेटिक्स | कांस्य |
| 28 | जादूमणि सिंह | पुरुष 55 किग्रा | मुक्केबाजी | रजत |
| 29 | सोमन राणा | पुरुष शॉटपुट F57 | पैरा एथलेटिक्स | स्वर्ण |
| 30 | शुभम जुयाल | पुरुष शॉटपुट F57 | पैरा एथलेटिक्स | रजत |
| 31 | गुलवीर सिंह | पुरुष 5000 मीटर | एथलेटिक्स | कांस्य |
| 32 | साक्षी चौधरी | महिला 51 किग्रा | मुक्केबाजी | स्वर्ण |
| 33 | अरुंधति चौधरी | महिला 70 किग्रा | मुक्केबाजी | स्वर्ण |
| 34 | प्रिया घंघास | महिला 60 किग्रा | मुक्केबाजी | स्वर्ण |
| 35 | सचिन सिवाच | पुरुष 60 किग्रा | मुक्केबाजी | स्वर्ण |
| 36 | अंकुश | पुरुष 70 किग्रा | मुक्केबाजी | स्वर्ण |
| 37 | लवलीना बोरगोहेन | महिला 75 किग्रा | मुक्केबाजी | रजत |
| 38 | नरेंद्र बेरवाल | पुरुष +90 किग्रा | मुक्केबाजी | रजत |
| 39 | उन्नति शर्मा | महिला 63 किग्रा | जूडो | कांस्य |
खेलवार भारत का प्रदर्शन
| खेल | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
|---|---|---|---|---|
| भारोत्तोलन | 1 | 6 | 1 | 8 |
| एथलेटिक्स | 0 | 5 | 5 | 10 |
| पैरा एथलेटिक्स | 3 | 2 | 1 | 6 |
| पैरा पावरलिफ्टिंग | 0 | 0 | 1 | 1 |
| जूडो | 2 | 1 | 1 | 4 |
| मुक्केबाजी | 7 | 3 | 0 | 10 |
| कुल | 13 | 17 | 9 | 39 |