डूरंड कप: पांच जुलाई से शुरू होगा टूर्नामेंट, 23 अगस्त को खेला जाएगा फाइनल; पहली बार रांची को मिली मेजबानी
एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट 'डूरंड कप' के नए सीजन का आगाज 25 जुलाई से होने जा रहा है, जबकि इसका फाइनल मुकाबला 23 अगस्त को खेला जाएगा। इस बार टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार रांची भी मैचों की मेजबानी करेगा।
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एशिया के सबसे पुराने और 138 साल के समृद्ध इतिहास वाले फुटबॉल टूर्नामेंट 'डूरंड कप' के आगामी सीजन का आगाज आगामी 25 जुलाई से होने जा रहा है। आयोजकों ने गुरुवार को इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला (फाइनल) 23 अगस्त को खेला जाना तय हुआ है।
5 शहरों के 6 मैदानों पर आमने-सामने होंगी 24 टीमें
इस बार टूर्नामेंट में कुल 24 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें दो विदेशी टीमें भी शामिल हैं। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले देश के पांच प्रमुख शहरों- कोलकाता, रांची, गुवाहाटी, इंफाल और शिलांग में आयोजित किए जाएंगे। इस प्रतियोगिता के इतिहास में यह पहला मौका है जब रांची एक मेजबान शहर के रूप में अपना डेब्यू करने जा रहा है।
टूर्नामेंट के सभी मैच कुल छह अलग-अलग स्टेडियमों (वेन्यू) में खेले जाएंगे। कोलकाता अपने दो मैदानों- विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन और किशोर भारती क्रीड़ांगन में मैचों की मेजबानी करेगा। इसके अलावा रांची का बिरसा मुंडा स्टेडियम, गुवाहाटी का इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम, इंफाल का खुमान लम्पक स्टेडियम और शिलांग का जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम अन्य मैचों के आयोजन स्थल होंगे।
युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का मंच
पीढ़ियों से यह टूर्नामेंट एक ऐसे मंच के रूप में काम करता आया है, जहाँ उभरते हुए खिलाड़ियों को देश की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ खुद को परखने और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का मौका मिलता है। सेना (सर्विसेज) की टीमों और पारंपरिक क्लबों से लेकर उभरती हुई अकादमियों और राज्यों की टीमों तक, डूरंड कप उन सभी महत्वाकांक्षी खिलाड़ियों के लिए एक मार्ग बना हुआ है जो भारतीय फुटबॉल में अपनी अमिट छाप छोड़ना चाहते हैं।
वर्ष 2019 में पूर्वी भारत में स्थानांतरित होने के बाद से डूरंड कप ने देश की अग्रणी फुटबॉल प्रतियोगिताओं में से एक के रूप में खुद को नए सिरे से स्थापित किया है। इसके साथ ही इसका विस्तार 16 टीमों के टूर्नामेंट से बढ़ाकर अब 24 टीमों की प्रतियोगिता के रूप में किया जा चुका है।
तीनों सेनाओं की ओर से भारतीय सेना की पूर्वी कमान (ईस्टर्न कमांड) द्वारा आयोजित किया जाने वाला यह टूर्नामेंट, सेना की टीमों और भारत के कुछ शीर्ष फुटबॉल क्लबों को एक साथ एक मंच पर लेकर आता है। हाल के कुछ सीजन में इस प्रतियोगिता में पड़ोसी देशों की सेना की टीमों सहित विदेशी टीमों की भागीदारी भी देखने को मिली है। उल्लेखनीय है कि इस प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट की मौजूदा डिफेंडिंग चैंपियन नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी है।