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Kylian Mbappe: एमबाप्पे पर नस्लीय टिप्पणी को लेकर बवाल! मैक्रों की आई प्रतिक्रिया, पराग्वे सरकार लेगी एक्शन?
Tue, 07 Jul 2026 12:11 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 07 Jul 2026 12:11 PM IST
सार
पराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला की नस्लीय टिप्पणी के खिलाफ आवाज उठाने पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने किलियन एमबाप्पे का समर्थन किया। मैक्रों ने कहा कि एमबाप्पे ने इस बार नस्लवाद के खिलाफ एक और गोल किया है।
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
- फोटो : ANI/Reuters
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विस्तार
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कप्तान किलियन एमबाप्पे का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठाकर एक और गोल किया है। यह प्रतिक्रिया तब आई जब पराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला ने एमबाप्पे पर नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें 'उपनिवेशित कैमरूनी, जो खुद को फ्रांसीसी साबित करने की कोशिश कर रहा है', 'घमंडी, नया अमीर और बदसूरत' बताया था।
अमारिला ने यह भी दावा किया कि फ्रांस की जीत महज किस्मत थी और पूरे मैच के दौरान एमबाप्पे डरे हुए और घबराए हुए दिखे थे, ठीक अपनी टीम की तरह। इसके जवाब में एमबाप्पे ने अमारिला को 'घृणित महिला' बताते हुए कहा था कि वह अपने पद के योग्य नहीं हैं।
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अमारिला ने यह भी दावा किया कि फ्रांस की जीत महज किस्मत थी और पूरे मैच के दौरान एमबाप्पे डरे हुए और घबराए हुए दिखे थे, ठीक अपनी टीम की तरह। इसके जवाब में एमबाप्पे ने अमारिला को 'घृणित महिला' बताते हुए कहा था कि वह अपने पद के योग्य नहीं हैं।
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मैक्रों ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा?
मैक्रों ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'किलियन एमबाप्पे का एक और गोल। इस बार नस्लवाद के खिलाफ। मेरा पूरा समर्थन उनके साथ है। जब शब्द अपमानित करते हैं, तब हमारे मूल्य जवाब देते हैं- गरिमा, सम्मान और भाईचारा।' विश्व कप के इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच काफी आक्रामक और शारीरिक फुटबॉल देखने को मिली। मैच के दौरान कई बार खिलाड़ियों के बीच तनाव भी देखने को मिला। मुकाबले के बाद एमबाप्पे ने पराग्वे के खिलाड़ियों के डर्टी गेम खेलने की रणनीति की आलोचना की थी, जिसके बाद अमारिला ने सोशल मीडिया पर फ्रांस की टीम और एमबाप्पे के खिलाफ विवादित टिप्पणियां कीं।
मैक्रों ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'किलियन एमबाप्पे का एक और गोल। इस बार नस्लवाद के खिलाफ। मेरा पूरा समर्थन उनके साथ है। जब शब्द अपमानित करते हैं, तब हमारे मूल्य जवाब देते हैं- गरिमा, सम्मान और भाईचारा।' विश्व कप के इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच काफी आक्रामक और शारीरिक फुटबॉल देखने को मिली। मैच के दौरान कई बार खिलाड़ियों के बीच तनाव भी देखने को मिला। मुकाबले के बाद एमबाप्पे ने पराग्वे के खिलाड़ियों के डर्टी गेम खेलने की रणनीति की आलोचना की थी, जिसके बाद अमारिला ने सोशल मीडिया पर फ्रांस की टीम और एमबाप्पे के खिलाफ विवादित टिप्पणियां कीं।
पराग्वे सरकार ने भी बयान से बनाई दूरी
इस विवाद के बाद पराग्वे सरकार ने भी आधिकारिक बयान जारी कर सीनेटर की टिप्पणियों की निंदा की। सरकार ने कहा, 'पराग्वे गणराज्य की सरकार सीनेटर सेलेस्टे अमारिला द्वारा फ्रांस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कप्तान किलियन एमबाप्पे के खिलाफ दिए गए बयानों की निंदा करती है और उन्हें पूरी तरह अस्वीकार करती है। ये टिप्पणियां शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और मानव गरिमा के सम्मान जैसे उन मूल्यों और सिद्धांतों के खिलाफ हैं, जिन्हें हमारा देश बढ़ावा देता है।'
सरकार ने आगे कहा, 'पराग्वे एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां शासन व्यवस्था स्वतंत्रता के सिद्धांतों पर आधारित है। ऐसे में संबंधित सांसद द्वारा दिए गए बयान पूरी तरह उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी हैं और किसी भी तरह से पराग्वे सरकार या पराग्वे की जनता का आधिकारिक रुख नहीं दर्शाते।' सरकार ने यह भी दोहराया कि वह 'मानवाधिकारों, समानता, सभी लोगों के प्रति सम्मान और नस्लवाद, विदेशी-विरोध, असहिष्णुता और हर प्रकार की नफरत और भेदभाव के खिलाफ लड़ाई' के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस विवाद के बाद पराग्वे सरकार ने भी आधिकारिक बयान जारी कर सीनेटर की टिप्पणियों की निंदा की। सरकार ने कहा, 'पराग्वे गणराज्य की सरकार सीनेटर सेलेस्टे अमारिला द्वारा फ्रांस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कप्तान किलियन एमबाप्पे के खिलाफ दिए गए बयानों की निंदा करती है और उन्हें पूरी तरह अस्वीकार करती है। ये टिप्पणियां शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और मानव गरिमा के सम्मान जैसे उन मूल्यों और सिद्धांतों के खिलाफ हैं, जिन्हें हमारा देश बढ़ावा देता है।'
सरकार ने आगे कहा, 'पराग्वे एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां शासन व्यवस्था स्वतंत्रता के सिद्धांतों पर आधारित है। ऐसे में संबंधित सांसद द्वारा दिए गए बयान पूरी तरह उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी हैं और किसी भी तरह से पराग्वे सरकार या पराग्वे की जनता का आधिकारिक रुख नहीं दर्शाते।' सरकार ने यह भी दोहराया कि वह 'मानवाधिकारों, समानता, सभी लोगों के प्रति सम्मान और नस्लवाद, विदेशी-विरोध, असहिष्णुता और हर प्रकार की नफरत और भेदभाव के खिलाफ लड़ाई' के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन भी आया समर्थन में
फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन (FFF) ने भी एमबाप्पे का समर्थन करते हुए अमारिला की टिप्पणियों को आपराधिक और निंदनीय बताया। फेडरेशन ने कहा कि वह 'कानूनी कार्रवाई शुरू कराने के उद्देश्य से सरकारी अभियोजक के कार्यालय में शिकायत दर्ज करा रहा है।' एफएफएफ ने एमबाप्पे, पूरी फ्रांसीसी टीम और दुनिया भर में इस तरह की घृणित टिप्पणियों का शिकार होने वाले सभी लोगों के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया।
फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन (FFF) ने भी एमबाप्पे का समर्थन करते हुए अमारिला की टिप्पणियों को आपराधिक और निंदनीय बताया। फेडरेशन ने कहा कि वह 'कानूनी कार्रवाई शुरू कराने के उद्देश्य से सरकारी अभियोजक के कार्यालय में शिकायत दर्ज करा रहा है।' एफएफएफ ने एमबाप्पे, पूरी फ्रांसीसी टीम और दुनिया भर में इस तरह की घृणित टिप्पणियों का शिकार होने वाले सभी लोगों के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया।