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FIFA World Cup: जीत का जश्न या बवाल? अर्जेंटीना के 'फॉकलैंड बैनर' पर भड़का ब्रिटेन; फीफा पर फैसले का दबाव
Fri, 17 Jul 2026 04:56 PM IST
शिवम गर्ग
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अटलांटा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अटलांटा
Published by: शिवम गर्ग
Updated Fri, 17 Jul 2026 04:56 PM IST
सार
फीफा विश्व कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के फॉकलैंड से जुड़े बैनर दिखाने पर विवाद खड़ा हो गया है। फीफा ने कहा है कि वह मैच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।
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अर्जेंटीना की टीम बैनर के साथ
- फोटो : FIFA.COM
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विस्तार
फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों का जश्न विवादों में आ गया है। खिलाड़ियों ने मैदान पर फॉकलैंड से जुड़ा बैनर लहराया, जिसके बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। अब फीफा ने कहा है कि वह मैच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।
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विवाद की वजह क्या है?
इंग्लैंड पर 2-1 की जीत के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने "Las Malvinas son Argentinas" (फॉकलैंड अर्जेंटीना का है) लिखा बैनर प्रदर्शित किया। इसके बाद ब्रिटेन के एक मंत्री ने फीफा से इस मामले की जांच करने की मांग की। फीफा ने देर रात जारी बयान में कहा कि वह मैच रिपोर्ट का आकलन कर रहा है। संगठन के अनुसार, स्वतंत्र अनुशासन समिति सभी परिस्थितियों की समीक्षा करने के बाद फीफा अनुशासन संहिता के तहत आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।
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बैनर दिखाती अर्जेंटीना की टीम और अर्जेंटीना के फैंस
- फोटो : The Sun/AP
ब्रिटेन ने क्या प्रतिक्रिया दी?
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के डाउनिंग स्ट्रीट कार्यालय ने बिजनेस मंत्री पीटर काइल की उस मांग का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने इस घटना को फीफा नियमों का गंभीर उल्लंघन बताया था। उनका कहना था कि खेल के मैदान पर राजनीतिक प्रतीकों की अनुमति नहीं है। डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने कहा कि विश्व कप भले हमारा न हो, लेकिन फॉकलैंड द्वीप निश्चित रूप से हमारे हैं।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
साल 2014 में भी अर्जेंटीना फुटबॉल संघ पर इसी तरह के बैनर के साथ तस्वीर खिंचवाने के मामले में फीफा ने 20 हजार पाउंड का जुर्माना लगाया था। उस समय फीफा ने इसे राजनीतिक गतिविधि और टीम के अनुचित आचरण से जुड़े नियमों का उल्लंघन माना था।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के डाउनिंग स्ट्रीट कार्यालय ने बिजनेस मंत्री पीटर काइल की उस मांग का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने इस घटना को फीफा नियमों का गंभीर उल्लंघन बताया था। उनका कहना था कि खेल के मैदान पर राजनीतिक प्रतीकों की अनुमति नहीं है। डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने कहा कि विश्व कप भले हमारा न हो, लेकिन फॉकलैंड द्वीप निश्चित रूप से हमारे हैं।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
साल 2014 में भी अर्जेंटीना फुटबॉल संघ पर इसी तरह के बैनर के साथ तस्वीर खिंचवाने के मामले में फीफा ने 20 हजार पाउंड का जुर्माना लगाया था। उस समय फीफा ने इसे राजनीतिक गतिविधि और टीम के अनुचित आचरण से जुड़े नियमों का उल्लंघन माना था।
अर्जेंटीना की टीम बैनर के साथ
- फोटो : FIFA.COM
अर्जेंटीना का क्या कहना है?
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने खिलाड़ियों के इस कदम को पूरी तरह वैध बताया। उन्होंने कहा कि यह भावना हर अर्जेंटीनी के मन में है और माल्विनास (फॉकलैंड्स) अर्जेंटीना का है। उन्होंने कहा कि उनका देश इसे कूटनीतिक माध्यमों से वापस हासिल करने का प्रयास करेगा। वहीं, उपराष्ट्रपति विक्टोरिया विलारुएल ने मैच से पहले अंग्रेजों को "कब्जा करने वाले समुद्री डाकू" बताया था।
मैच के बाद और क्या हुआ?
विश्व कप सेमीफाइनल के बाद अर्जेंटीना के विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी सरकार ने फॉकलैंड द्वीपों के पास ब्रिटिश युद्धपोत एचएमएस मेडवे की आवाजाही को लेकर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इसे अर्जेंटीना के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से बिना अनुमति और अवैध गुजरना बताया।
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने खिलाड़ियों के इस कदम को पूरी तरह वैध बताया। उन्होंने कहा कि यह भावना हर अर्जेंटीनी के मन में है और माल्विनास (फॉकलैंड्स) अर्जेंटीना का है। उन्होंने कहा कि उनका देश इसे कूटनीतिक माध्यमों से वापस हासिल करने का प्रयास करेगा। वहीं, उपराष्ट्रपति विक्टोरिया विलारुएल ने मैच से पहले अंग्रेजों को "कब्जा करने वाले समुद्री डाकू" बताया था।
मैच के बाद और क्या हुआ?
विश्व कप सेमीफाइनल के बाद अर्जेंटीना के विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी सरकार ने फॉकलैंड द्वीपों के पास ब्रिटिश युद्धपोत एचएमएस मेडवे की आवाजाही को लेकर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इसे अर्जेंटीना के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से बिना अनुमति और अवैध गुजरना बताया।