FIFA WC: स्पेन या बेल्जियम में किसकी होगी जीत? रॉबिन सिंह ने की भविष्यवाणी; बताया जीत का सबसे बड़ा फैक्टर
भारत के पूर्व फुटबॉलर रॉबिन सिंह ने स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 क्वार्टर फाइनल को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने बताया कि इस मुकाबले में सेमीफाइनल का टिकट किस फैक्टर पर निर्भर करेगा।
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फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर भारत के पूर्व फुटबॉलर रॉबिन सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि इस हाई-वोल्टेज मुकाबले का नतीजा काफी हद तक मिडफील्ड पर नियंत्रण पर निर्भर करेगा। उनके अनुसार, जो टीम बीच के हिस्से में अपना दबदबा बनाए रखेगी, उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना सबसे ज्यादा होगी।
स्पेन की पजेशन और बेल्जियम का काउंटर-अटैक आमने-सामने होगा
फीफा विश्व कप 2026 कवरेज एक्सपर्ट पैनल के सदस्य रॉबिन सिंह ने कहा कि यह मुकाबला स्पेन की गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने वाली शैली और बेल्जियम के तेज काउंटर-अटैक के बीच होगा। ऐसे में दोनों टीमों की रणनीति और मिडफील्ड खिलाड़ियों का प्रदर्शन निर्णायक साबित हो सकता है।
स्पेन के पास रोड्री और पेड्री जैसे मजबूत मिडफील्डर हैं, जबकि युवा खिलाड़ी लैमिन यामल टीम के आक्रमण को धार देते हैं। दूसरी ओर, बेल्जियम के लिए केविन डी ब्रुइन, जेरेमी डोकू और लिएंड्रो ट्रॉसार्ड जैसे खिलाड़ी किसी भी समय मैच का पासा पलटने की क्षमता रखते हैं। रॉबिन सिंह के मुताबिक, यह टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक हो सकता है।
क्या स्पेन को सिर्फ गेंद अपने पास रखना ही काफी होगा?
रॉबिन सिंह का कहना है कि स्पेन को केवल गेंद पर कब्जा बनाए रखने से काम नहीं चलेगा। टीम को मिडफील्ड से तेज खेल दिखाना होगा और बेल्जियम के मजबूत डिफेंस को भेदने के रास्ते तलाशने होंगे। उन्होंने कहा कि पेड्री को मिडफील्ड में अधिक सक्रिय रहना होगा, जबकि लैमिन यामल को ऐसी जगह गेंद मिलनी चाहिए जहां वह एक-के-बनाम-एक की स्थिति में अपनी गति और कौशल का पूरा फायदा उठा सकें।
स्पेन के फुल-बैक बेल्जियम के लिए मौका बन सकते हैं?
रॉबिन सिंह के अनुसार, जब स्पेन के फुल-बैक आक्रमण में आगे बढ़ते हैं तो पीछे खाली जगह बन जाती है। बेल्जियम के ट्रॉसार्ड और डोकू जैसे तेज खिलाड़ी इन जगहों का फायदा उठा सकते हैं। उनका मानना है कि अगर बेल्जियम शुरुआती गोल कर देता है तो स्पेन को और अधिक आक्रामक होना पड़ेगा, जिससे उसके डिफेंस में और जगह बन सकती है।
क्या रोमेलू लुकाकू और स्पेन की रीढ़ बनेंगे निर्णायक फैक्टर?
रॉबिन सिंह ने कहा कि अगर दूसरे हाफ में रोमेलू लुकाकू मैदान पर उतरते हैं तो बेल्जियम का आक्रमण और मजबूत हो जाएगा। उनकी ताकत और अनुभव स्पेन के युवा डिफेंडरों के लिए चुनौती बन सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े मुकाबलों में टीम की मजबूत रीढ़ सबसे ज्यादा मायने रखती है। उनके मुताबिक, स्पेन के लिए रोड्री, पेड्री और पाउ क्यूबार्सी अहम खिलाड़ी हैं। रोड्री खेल की गति नियंत्रित करते हैं, जबकि पेड्री गेंद को तेजी से आगे बढ़ाने में माहिर हैं। यदि स्पेन बेल्जियम को काउंटर-अटैक के मौके नहीं देता तो उसे बढ़त मिल सकती है।
बेल्जियम को संतुलित खेल के साथ आक्रमण भी करना होगा?
रॉबिन सिंह ने बेल्जियम के कोच रूडी गार्सिया की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने टीम को पहले से अधिक संतुलित बनाया है। हालांकि, उनका मानना है कि बेल्जियम पूरे मैच में सिर्फ रक्षात्मक रणनीति नहीं अपना सकता। टीम को सही समय पर आक्रमण करना होगा, विंग्स से मौके बनाने होंगे और सेट-पीस व क्रॉस का पूरा फायदा उठाना होगा। उनके अनुसार, दोनों टीमों के पास मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं, लेकिन अंत में वही टीम बाजी मारेगी जो मिडफील्ड पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगी और अपनी रणनीति को बेहतर तरीके से लागू करेगी।