FIFA World Cup: अमेरिका की हार पर ईरान और बेल्जियम का तंज, ट्रंप और फीफा को लेकर उठे बड़े सवाल; क्या है विवाद?
फीफा विश्व कप 2026 से अमेरिका के बाहर होने के बाद विवाद और गहरा गया है। बेल्जियम ने 4-1 की जीत के बाद सोशल मीडिया पर ट्रंप और फीफा पर तंज कसा, जबकि ईरान ने भी अमेरिकी टीम की हार को फुटबॉल की राजनीति पर जीत बताया। इस पूरे विवाद की शुरुआत फोलारिन बालोगुन का निलंबन हटाए जाने से हुई थी।
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विस्तार
विवाद की शुरुआत तब हुई जब फीफा ने अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन का एक मैच का स्वत: निलंबन हटा दिया। उन्हें बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ रेड कार्ड मिलने के बाद अगले मैच से बाहर रहना था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेल्जियम के खिलाफ खेलने की अनुमति दे दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले को लेकर फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बातचीत की थी। इसके बाद कई देशों और फुटबॉल विशेषज्ञों ने इस फैसले को राजनीतिक हस्तक्षेप से जोड़ते हुए सवाल उठाए।
The only man who can save USA against Belgium pic.twitter.com/y0gwPQftT6
— Troll Football (@TrollFootball) July 7, 2026
President Trump takes the podium at Lumen Field after the USA’s loss to Belgium:
— Sovey (@SoveyX) July 7, 2026
• does the loss even count?
• is Belgium just a Walmart parking lot with waffles?
• are the people who call it “football” all somehow French?
• is soccer… fired? pic.twitter.com/GTsqWRmQ0s
अमेरिका की हार के बाद ईरान फुटबॉल महासंघ के एक प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'अब पूरी दुनिया फुटबॉल के हाथों राजनीति की अपमानजनक हार का जश्न मना रही है।' ईरान पहले भी टूर्नामेंट के दौरान अपने साथ हुए व्यवहार को लेकर नाराजगी जता चुका था। टीम के मुख्य कोच आमिर घालेनोई ने अपनी टीम को विश्व कप की "सबसे ज्यादा उत्पीड़ित टीम" बताया था। उनका आरोप था कि वीजा में देरी, यात्रा संबंधी प्रतिबंध और अन्य व्यवस्थागत समस्याओं ने टीम की तैयारियों को प्रभावित किया। ईरान का मानना था कि भू-राजनीतिक तनावों का असर टूर्नामेंट पर भी पड़ा और सभी टीमों को समान परिस्थितियां नहीं मिल सकीं।
🚨 BREAKING: Trump imposing 10x tariffs on Belgium for doing the Trump Dance to mock Team USA, on U.S. soil. pic.twitter.com/dCzAHghg0q
— Christian Ziegler 🇺🇸 (@ChrisMZiegler) July 7, 2026
अमेरिका को हराने के बाद बेल्जियम ने भी अपने अंदाज में जवाब दिया। इंजरी टाइम में रोमेलू लुकाकू के गोल के बाद कई बेल्जियम खिलाड़ियों ने डोनाल्ड ट्रंप के चर्चित डांस स्टेप की नकल करते हुए जश्न मनाया। इतना ही नहीं, बेल्जियम की आधिकारिक सोशल मीडिया टीम ने जीत के बाद कुछ शब्द लिखे, 'अब इसे भी पलटकर दिखाओ।' इसे बालोगुन का निलंबन हटाए जाने पर सीधा तंज माना गया।
Lukaku é sujeito homem pra caralho.
— Ceo Da Acarajé (@AcarajeCeo) July 7, 2026
Fez o Quarto Gol da goleada em cima dos Estados Unidos, na casa dos caras.
E a comemoração foi como?
imitando a dancinha do verme do Trump, que interviu na copa pra favorecer os Estados Unidos.
Foda Kkkkkkkkkkkkkk pic.twitter.com/n6a7r1mBIQ
बेल्जियम के कप्तान यूरी टीलमांस ने स्वीकार किया कि बालोगुन विवाद ने उनकी टीम को अतिरिक्त प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो जब हमें इस फैसले की जानकारी मिली तो हमने टीम मीटिंग की। हमने तय किया कि इसका जवाब मैदान पर अपने खेल से देंगे और हमने वही किया। मुझे अपनी टीम पर बहुत गर्व है।'
हार के बाद सोशल मीडिया पर अमेरिकी प्रशंसकों ने भी अपनी टीम की जमकर आलोचना की। कई लोगों ने प्रदर्शन को "शर्मनाक" और "बेहद निराशाजनक" बताया। कुछ प्रशंसकों ने तो बेल्जियम को बेहतर खेल के लिए बधाई देते हुए कहा कि जीत पूरी तरह उसकी हकदार थी।
US Soccer is not ready for primetime. I dont wanna be mean but this team is embarrassing. We’re never gonna actually be good at this sport as long as out D tier athletes play it. What a clown show
— Dave Portnoy (@stoolpresidente) July 7, 2026
omg Lukaku and Belgium just did the Trump dance after that last goal 😂😂😂 pic.twitter.com/DrFSXraA2R
— Tork Penderloin (@P8erade4u) July 7, 2026
As a proud American let me be the first to congratulate Belgium. You guys were the far superior team. Granted I can’t tell if you guys are any good cause we are so pathetic but you beat us fair and square. Now in hindsight doesn’t all the bellyaching about Balogun playing…
— Dave Portnoy (@stoolpresidente) July 7, 2026
अमेरिका की हार के बावजूद बालोगुन के निलंबन को हटाने का विवाद खत्म नहीं हुआ है। उल्टा इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर फीफा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था बड़े टूर्नामेंटों में राजनीतिक दबाव से पूरी तरह मुक्त रह सकती है या नहीं। अमेरिका के विश्व कप से बाहर होने के बाद यह विवाद फिलहाल शांत होता नहीं दिख रहा, बल्कि और गहराता जा रहा है।