FIFA WC: पराग्वे की सीनेटर ने पार की सारी हदें! नस्लीय टिप्पणी के बाद एमबाप्पे को संसद में दी गाली; मचा बवाल
फ्रांस और पैराग्वे के बीच फीफा विश्व कप मैच के बाद किलियन एम्बाप्पे और पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। सीनेटर ने संसद में फ्रांसीसी स्टार पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की, जबकि फ्रांस के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने कहा कि एम्बाप्पे का पूरा ध्यान क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर है।
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विस्तार
- रिपोर्ट के मुताबिक, यह विवाद फ्रांस और पराग्वे के बीच विश्व कप मुकाबले के बाद शुरू हुआ। पराग्वे के खिलाड़ियों ने इस मैच में काफी रफ खेल दिखाया था और फ्रांस के खिलाड़ियों पर गलत तरीके से टैकल करने की कोशिश की थी।
- वो टैकल इतने घातक थे कि फ्रांस के खिलाड़ियों के पैर भी टूट सकते थे या कोई गंभीर चोट लग सकती थी। सबसे चौंकाने वाली बात तो तब हुई कि रेफरी ने पराग्वे के खिलाड़ियों को मैच के दौरान कोई कार्ड तक नहीं दिखाया।
- मैच समाप्त होने के बाद एमबाप्पे ने पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर सीनेटर अमारिला लगातार एमबाप्पे की आलोचना कर रही हैं। उन्होंने मैच के बाद एमबाप्पे पर नस्लीय टिप्पणी भी की थी।
- इसके बाद एम्बाप्पे ने भी अमारिला को 'पद के योग्य नहीं बताया था' और साथ ही घृणित महिला कहा था। इसके बाद दोनों के बीच बयानबाजी और तेज हो गई। अब अमारिला ने नया बयान देकर और गाली देकर इस विवाद को और आगे बढ़ाया है।
पराग्वे की संसद में बोलते हुए अमारिला ने एम्बाप्पे पर फिर निशाना साधा। उन्होंने फ्रांसीसी स्टार के लिए ऐसी घटिया और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जिसका यहां उल्लेख नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, 'जब ऑरलैंडो गिल, जो शायद पहली बार विश्व कप खेल रहे थे, पहली बार यूरोप आए थे और पूरी विनम्रता के साथ हाथ बढ़ाते हैं, तब एमबाप्पे उनका हाथ मिलाने से इनकार कर देते हैं और उनके चेहरे पर चिल्लाते हैं। यह फ्रांसीसी संस्कृति नहीं है। कोई सच्चा फ्रांसीसी ऐसा कभी नहीं करता।'
Celeste Amarilla, Senadora do Paraguai, volta atacar Kylian Mbappé:
— LIBERTA DEPRE (@liberta___depre) July 8, 2026
"Esse filho de um put# nega um aperto de mão de Orlando Gill e ainda grita na sua cara. Isso não é francês... Ele não é francês, nunca."
📽️TV Senado
pic.twitter.com/JCJChqlr2m
अमारिला, जो ऑथेंटिक रेडिकल लिबरल पार्टी से जुड़ी हैं, ने दावा किया कि पराग्वे की हार के बाद गंभीर नस्लीय टिप्पणियां भी की गईं। उन्होंने फ्रांस की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि वे पूरे फ्रांस की पहचान को किसी एक खिलाड़ी के व्यवहार से नहीं जोड़ना चाहतीं। उन्होंने फ्रांस के महान विचारकों और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की विरासत इससे कहीं बड़ी है।
इससे पहले अमारिला ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एम्बाप्पे के नाम खुला पत्र लिखकर सार्वजनिक माफी की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था, 'एमबाप्पे, पराग्वे के लोगों को कम मत आंकिए। यहां पहले भी बड़े फुटबॉल सितारों पर कार्रवाई हो चुकी है। अगर आपने माफी नहीं मांगी तो मैं आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कर सकती हूं।'
फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशॉ से मोरक्को के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस विवाद पर सवाल पूछा गया। उन्होंने साफ किया कि एम्बाप्पे इस विवाद से प्रभावित नहीं हैं। डेशॉ ने कहा, 'किलियन मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हैं। उनका पूरा ध्यान क्वार्टर फाइनल मैच पर है।' अब देखना होगा कि यह विवाद यहीं थमता है या विश्व कप के दौरान मैदान के बाहर भी यह जुबानी जंग आगे बढ़ती है।