FIFA WC: टीमें न करें होशियारी, इसलिए फीफा की बड़ी चाल! ग्रुप चरण के आखिरी दौर में एकसाथ क्यों हो रहे 2-2 मैच?
फीफा विश्वकप 2026 के ग्रुप चरण के अंतिम दौर में एक ही समय पर दो मुकाबले खेले जा रहे हैं। इसका मकसद टूर्नामेंट की निष्पक्षता बनाए रखना और किसी भी टीम को दूसरे मैच के नतीजे का फायदा उठाने से रोकना है। फीफा कई दशकों से इस नियम का पालन कर रहा है। इस बार 48 टीमों वाले विस्तारित विश्वकप में भी यही व्यवस्था अपनाई गई है, जहां हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमों के अलावा तीसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ आठ टीमें भी राउंड ऑफ 32 में पहुंचेंगी।
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विस्तार
फीफा विश्वकप 2026 अब ग्रुप चरण के निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। जैसे-जैसे नॉकआउट चरण करीब आ रहा है, दर्शकों के मन में एक सवाल भी उठ रहा है कि आखिर ग्रुप के अंतिम दौर के मुकाबले एक ही समय पर क्यों खेले जा रहे हैं? यानी एक ग्रुप के दोनों मैच एक ही समय पर शुरू हो रहे हैं। जैसे 14वें दिन ग्रुप बी और ग्रुप सी के दोनों मुकाबले एक ही समय पर हुए। आगे भी इसी तरह हर ग्रुप के मुकाबले होंगे। इस तरह फैंस को एक समय पर दो मैच देखने में कठिनाई हो रही है और उन्हें अपने पसंदीदा मैच चुनना पड़ रहा है। दरअसल, इसके पीछे फीफा की एक सोची-समझी रणनीति है, जिसका उद्देश्य प्रतियोगिता की निष्पक्षता बनाए रखना है।
फीफा विश्वकप 2026: 14वें दिन के मैचों के नतीजे
| ग्रुप | मुकाबला | परिणाम | भारतीय समय |
|---|---|---|---|
| B | स्विट्जरलैंड vs कनाडा | 2-1 | रात 12:30 बजे शुरू हुआ |
| B | बोस्निया-हर्जेगोविना vs कतर | 3-1 | रात 12:30 बजे शुरू हुआ |
| C | मोरक्को vs हैती | 4-2 | सुबह 3:30 बजे शुरू हुआ |
| C | स्कॉटलैंड vs ब्राजील | 0-3 | सुबह 3:30 बजे शुरू हुआ |
| A | दक्षिण अफ्रीका vs दक्षिण कोरिया | 0-0 | सुबह 6:30 बजे से जारी है |
| A | चेकिया vs मेक्सिको | 0-0 | सुबह 6:30 बजे से जारी है |
फीफा विश्वकप 2026: 15वें दिन का शेड्यूल (भारतीय समय)
| ग्रुप | मुकाबला | समय (IST) |
|---|---|---|
| E | कुरासाओ vs कोट डी आइवर | रात 1:30 बजे (26 जून) |
| E | इक्वाडोर vs जर्मनी | रात 1:30 बजे (26 जून) |
| F | ट्यूनीशिया vs नीदरलैंड्स | सुबह 4:30 बजे (26 जून) |
| F | जापान vs स्वीडन | सुबह 4:30 बजे (26 जून) |
| D | तुर्किये vs अमेरिका | सुबह 7:30 बजे (26 जून) |
| D | पराग्वे vs ऑस्ट्रेलिया | सुबह 7:30 बजे (26 जून) |
फीफा विश्वकप 2026: 16वें दिन का शेड्यूल (भारतीय समय)
| ग्रुप | मुकाबला | समय (IST) |
|---|---|---|
| I | नॉर्वे vs फ्रांस | रात 12:30 बजे (27 जून) |
| I | सेनेगल vs इराक | रात 12:30 बजे (27 जून) |
| H | काबो वर्डे vs सऊदी अरब | सुबह 5:30 बजे (27 जून) |
| H | उरुग्वे vs स्पेन | सुबह 5:30 बजे (27 जून) |
| G | न्यूजीलैंड vs बेल्जियम | सुबह 8:30 बजे (27 जून) |
| G | मिस्र vs ईरान | सुबह 8:30 बजे (27 जून) |
फीफा विश्वकप 2026:17वें दिन का शेड्यूल (भारतीय समय)
| ग्रुप | मुकाबला | समय (IST) |
|---|---|---|
| L | पनामा vs इंग्लैंड | रात 2:30 बजे (28 जून) |
| L | क्रोएशिया vs घाना | रात 2:30 बजे (28 जून) |
| K | कोलंबिया vs पुर्तगाल | सुबह 5:00 बजे (28 जून) |
| K | डीआर कांगो vs उजबेकिस्तान | सुबह 5:00 बजे (28 जून) |
| J | अल्जीरिया vs ऑस्ट्रिया | सुबह 7:30 बजे (28 जून) |
| J | जॉर्डन vs अर्जेंटीना | सुबह 7:30 बजे (28 जून) |
दूसरे मैच का फायदा न उठा सके कोई टीम
- अगर किसी ग्रुप का एक मुकाबला पहले और दूसरा बाद में खेला जाए तो बाद में मैदान पर उतरने वाली टीम को पहले मैच का परिणाम पता होता है। ऐसे में वह अपनी रणनीति उसी हिसाब से बना सकती है।
- उदाहरण के लिए यदि किसी टीम को पता चल जाए कि ड्रॉ से उसका काम चल जाएगा, तो वह आक्रामक खेलने के बजाय रक्षात्मक खेल अपना सकती है। इससे प्रतियोगिता की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
- इतना ही नहीं कोई टीम अगर क्वालिफाई कर चुकी है और उसे पता है कि अगले यानी नॉकआउट में उसका सामना किस टीम से होने वाला है, तो वह अपने आखिरी दौर के मुकाबले के परिणाम को अपने हिसाब से टीम चुनने के लिए बदल सकती है।
- यानी अगर एक ही ग्रुप में अलग-अलग समय पर मुकाबले हों, और स्पेन को अगर जर्मनी का सामना नहीं करना है नॉकआउट में तो वह अपने आखिरी दौर के मुकाबले का नतीजा अपने हिसाब से हेरफेर कर सकती है।
- इसी कारण फीफा ने ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबलों को एक साथ कराने का नियम बनाया, ताकि सभी टीमें समान परिस्थितियों में खेलें और कोई भी टीम दूसरे मैच के नतीजे का लाभ न उठा सके।
इस नियम की शुरुआत 1982 विश्वकप के बाद हुई थी। उस टूर्नामेंट में पश्चिम जर्मनी और ऑस्ट्रिया के बीच खेले गए मुकाबले को लेकर काफी विवाद हुआ था। दोनों टीमों को पता था कि किस परिणाम से वे अगले दौर में पहुंच जाएंगी और मैच में बेहद रक्षात्मक खेल देखने को मिला। इसके बाद फीफा ने फैसला किया कि ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले एक ही समय पर खेले जाएंगे। तब से यह नियम विश्वकप का स्थायी हिस्सा बना हुआ है।
फीफा विश्वकप 2026 में पहली बार 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इन टीमों को 12 ग्रुपों में बांटा गया है। हर ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सीधे राउंड ऑफ 32 में पहुंचेंगी। इसके अलावा सभी 12 ग्रुपों में तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों में से सर्वश्रेष्ठ आठ टीमों को भी नॉकआउट चरण का टिकट मिलेगा। यानी कुल 24 टीमों के साथ आठ सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमें मिलकर राउंड ऑफ 32 का गठन करेंगी।
ग्रुप चरण के अंतिम दौर में हर गोल, हर अंक और यहां तक कि गोल अंतर भी बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। यही वजह है कि फीफा किसी भी तरह की रणनीतिक गणना या संभावित मिलीभगत की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता। इसी सोच के तहत एक ही समय पर दो-दो मुकाबले कराए जा रहे हैं, जिससे विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा टूर्नामेंट पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ सके।