फीफा विश्वकप 2026 सिर्फ दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच मुकाबले का मंच नहीं है, बल्कि यह भविष्य के सुपरस्टार खिलाड़ियों को पहचान दिलाने का भी सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। ग्रुप चरण के पहले दौर में कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी छाप छोड़ी थी, वहीं दूसरे दौर के मुकाबलों में भी नई प्रतिभाओं ने शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।
कौन बनेगा विश्व फुटबॉल का अगला बड़ा चेहरा?: यमाल से मंजाम्बी तक, यंग प्लेयर अवॉर्ड की रेस में ये छह नए सितारे
फीफा विश्वकप 2026 के ग्रुप चरण के दूसरे दौर के मुकाबलों में कई युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर यंग प्लेयर अवॉर्ड की दौड़ को और रोमांचक बना दिया है। इन युवाओं ने अपने प्रदर्शन से खास पहचान बनाई। आइए देखते हैं कि लिस्ट में कौन-कौन से खिलाड़ी हैं...
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जोहान मंजाम्बी (स्विट्जरलैंड)
स्विट्जरलैंड और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच मुकाबला बेहद करीबी चल रहा था, लेकिन जोहान मंजाम्बी ने बेंच से उतरकर मैच का रुख बदल दिया।
- स्कोर बराबर होने पर मैदान में उतरे।
- दो गोल दागकर स्विट्जरलैंड को 4-1 की शानदार जीत दिलाई।
- 20 वर्षीय यह मिडफील्डर टूर्नामेंट में अब तक सबसे प्रभावशाली सब्स्टीट्यूट का किरदार निभाया।
- फ्राइबर्ग के लिए शानदार सीजन के बाद उन्हें फीफा विश्वकप टीम में जगह मिली थी।
- उन्होंने बुंदेसलीगा में पांच गोल किए और पांच गोल बनाने में मदद की थी।
अल्जीरिया की जॉर्डन पर वापसी करते हुए मिली जीत में इब्राहिम माजा की भूमिका बेहद अहम रही।
- आक्रामक मिडफील्डर के रूप में टीम के खेल को दिशा दी।
- उनकी रचनात्मकता और समझदारी ने अल्जीरिया को पिछड़ने के बाद जीत दिलाने में मदद की।
- 20 वर्षीय खिलाड़ी को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
- बायर लेवरक्यूसेन के लिए खेलने वाले माजा को अल्जीरिया की सबसे बड़ी युवा प्रतिभाओं में गिना जाता है।
- उनका जन्म बर्लिन में हुआ और उन्होंने हर्था बीएससी में फुटबॉल सीखा।
ब्राजील के स्टार खिलाड़ी रापिन्हा के चोटिल होने के बाद कोच कार्लो एंसेलोटी ने युवा रायन पर भरोसा जताया और उन्होंने अब तक निराश नहीं किया है।
- 19 वर्षीय खिलाड़ी ने हैती के खिलाफ 3-0 की जीत में शानदार प्रदर्शन किया।
- मार्च में पदार्पण करने के बाद यह उनका केवल तीसरा अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था।
- विश्वकप जैसे बड़े मंच पर उन्होंने बिना किसी दबाव के खेल दिखाया।
- जनवरी में वास्को दा गामा से बॉर्नमाउथ पहुंचने के बाद से उनके प्रतिभाशाली होने की झलक मिल चुकी है।
आइवरी कोस्ट जर्मनी से 2-1 से हार गया, लेकिन क्रिस्ट इनाओ औलाई ने फिर भी प्रभावित किया।
- इक्वाडोर के खिलाफ पहले मैच में बेंच से उतरकर अच्छा प्रदर्शन किया था।
- इसके बाद जर्मनी के खिलाफ उन्हें शुरुआती प्लेइंग-11 में मौका मिला।
- उन्होंने पूरे 90 मिनट मैदान पर बिताए।
- मिडफील्ड में उनका प्रदर्शन टीम की सबसे सकारात्मक बातों में से एक रहा।
- औलाई का प्रदर्शन यह दिखाता है कि आइवरी कोस्ट की युवा टीम में कितनी प्रतिभा मौजूद है।