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Messi Ronaldo Rivalry: क्या फुटबॉल में फिर कभी दिखेगी मेसी-रोनाल्डो जैसी टक्कर? दिग्गज ओलिवर कान ने बताई वजह

Tue, 30 Jun 2026 05:43 PM IST
शिवम गर्ग स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 30 Jun 2026 05:43 PM IST
सार

ओलिवर कान ने कहा कि लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसी प्रतिद्वंदिता फुटबॉल में दोबारा शायद ही देखने को मिले। कान ने दोनों की प्रतिद्वंदिता और अपने वर्ल्ड कप अनुभवों पर बड़ा बयान दिया है।

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Will Football Ever Witness Another Messi vs Ronaldo Rivalry? Oliver Kahn Shares His View
मेसी बनाम रोनाल्डो - फोटो : ANI

विस्तार

जर्मनी फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान ओलिवर कान का मानना है कि लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने फुटबॉल इतिहास में ऐसी प्रतिद्वंदिता कायम की है, जिसे दोहराना बेहद मुश्किल होगा। उनके मुताबिक, दोनों खिलाड़ियों ने करीब दो दशकों तक एक-दूसरे को लगातार बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया और खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

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मेसी और रोनाल्डो ने एक-दूसरे को महान बनने के लिए प्रेरित किया?
ओलिवर कान ने कहा कि मेसी और रोनाल्डो की प्रतिस्पर्धा केवल नाम की नहीं थी, बल्कि उनके प्रदर्शन ने इसे खास बनाया। उन्होंने कहा कि हर सीजन दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती दी। यही वजह है कि उन्होंने लंबे समय तक विश्व फुटबॉल पर अपना दबदबा बनाए रखा। कान का मानना है कि इतनी लंबी, लगातार और उच्च स्तर की प्रतिद्वंदिता भविष्य में शायद ही देखने को मिले।

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2002 फीफा वर्ल्ड कप: ओलिवर कान के लिए सबसे खास याद है?
ओलिवर कान ने अपने करियर को याद करते हुए कहा कि फीफा विश्व कप 2002 उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में शामिल है। हालांकि, फाइनल में मिली हार का दर्द आज भी उन्हें महसूस होता है क्योंकि हर खिलाड़ी का सपना विश्व कप जीतना होता है। उन्होंने कहा कि समय के साथ उन्हें उस सफर, टीम भावना और साथियों के साथ बिताए गए पलों की अहमियत और ज्यादा समझ आई। गोलकीपर के रूप में गोल्डन बॉल जीतना उनके लिए गर्व की बात थी, लेकिन अगर मौका मिले तो वह इस सम्मान को विश्व कप ट्रॉफी के बदले खुशी-खुशी छोड़ देंगे।

क्या युवा गोलकीपरों को दबाव से डरना चाहिए?
युवा खिलाड़ियों को सलाह देते हुए कान ने कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को लगातार सीखते रहना चाहिए और बड़े मंच पर मिलने वाले दबाव को बोझ नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखना चाहिए। कान के मुताबिक, विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में पूरी दुनिया की नजर खिलाड़ियों पर होती है। ऐसे में हर छोटे पल और हर फैसले पर पूरा ध्यान देना जरूरी है क्योंकि एक क्षण पूरे टूर्नामेंट का रुख बदल सकता है।

फीफा विश्व कप में मेसी और रोनाल्डो आमने-सामने आ पाएंगे?
लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने क्लब फुटबॉल में वर्षों तक एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि दोनों दिग्गजों की भिड़ंत कभी फीफा विश्व कप में नहीं हुई। मौजूदा विश्व कप को दोनों खिलाड़ियों का आखिरी टूर्नामेंट माना जा रहा है। ऐसे में फुटबॉल प्रशंसकों को उम्मीद रहेगी कि दोनों दिग्गज एक बार फिर अपने शानदार खेल से यादगार प्रदर्शन करें और अपने शानदार करियर में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ें।
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