फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   India at the Men's Hockey World Cup: From 1971 to 2023 Full Journey story will 51 years wait end?

Hockey World Cup 2026: 1975 का वो गौरव, फिर 51 साल का लंब इंतजार; हॉकी विश्वकप में कैसा रहा टीम इंडिया का सफर?

Mon, 10 Aug 2026 11:14 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Mon, 10 Aug 2026 11:14 PM IST
सार

पुरुष हॉकी विश्व कप में भारत का सफर 1971 में कांस्य पदक के साथ शुरू हुआ था। 1973 में टीम उपविजेता रही और 1975 में अजित पाल सिंह की कप्तानी में पाकिस्तान को हराकर पहली और अब तक की एकमात्र विश्व कप ट्रॉफी जीती। इसके बाद भारत कई बार अंतिम चार में पहुंचने में भी नाकाम रहा। 2018 में टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंची, जबकि 2023 में क्रॉसओवर मुकाबले में न्यूजीलैंड से हारकर नौवें स्थान पर रही।

विज्ञापन
India at the Men's Hockey World Cup: From 1971 to 2023 Full Journey story will 51 years wait end?
हॉकी विश्वकप 2026 - फोटो : ANI

विस्तार

पुरुष हॉकी विश्व कप के पांच दशक से अधिक लंबे इतिहास में भारत को अब तक सिर्फ एक बार खिताब जीतने में सफलता मिली है। 1975 में कुआलालंपुर में अजित पाल सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 2-1 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। इसके बाद आठ बार की ओलंपिक चैंपियन भारतीय टीम विश्व कप में पोडियम तक नहीं पहुंच सकी। विश्व कप की सबसे सफल टीम पाकिस्तान है, जिसने चार बार खिताब जीता है। नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी ने तीन-तीन बार ट्रॉफी अपने नाम की है, जबकि बेल्जियम एक बार चैंपियन बना है। इस बार उम्मीद है कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम 51 साल का इंतजार खत्म करेगी और ट्रॉफी जीतने में कामयाब होगी। विश्व कप में भारत के सफर पर एक नजर डालते हैं....
विज्ञापन

1971, बार्सीलोना: कांस्य से हुई शुरुआत
मार्च 1969 में एफआईएच परिषद की बैठक में भारत और पाकिस्तान ने फुटबॉल की तर्ज पर हॉकी विश्व कप कराने का प्रस्ताव रखा था। अगले साल ब्रसेल्स में हुई बैठक में इसे मंजूरी मिली। पहले विश्व कप की मेजबानी पाकिस्तान को मिली थी, लेकिन 1971 में दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव के कारण टूर्नामेंट स्पेन के बार्सीलोना में आयोजित किया गया।

पांच महाद्वीपों की 10 टीमों ने इसमें हिस्सा लिया। भारत पूल ए में फ्रांस, अर्जेंटीना, केन्या और पश्चिम जर्मनी को हराकर शीर्ष पर रहा। सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 2-1 से हराया और बाद में स्पेन को हराकर पहला विश्व कप जीता। भारत ने कांस्य पदक के मुकाबले में केन्या को 2-1 से हराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

1973, एम्सटेलवीन: फाइनल में टूटा सपना
एम्सटेलवीन के वेगनेर स्टेडियम में खेले गए विश्व कप में मेजबान नीदरलैंड ने पेनल्टी शूटआउट में भारत को 4-2 से हराकर खिताब जीता। भारत पूल ए में पांच जीत और तीन ड्रॉ के साथ पश्चिम जर्मनी के बाद दूसरे स्थान पर रहा। सेमीफाइनल में बीपी गोविंदा के गोल की मदद से भारत ने पाकिस्तान को हराकर फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबला अतिरिक्त समय के बाद 2-2 से बराबर रहा, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड ने बाजी मार ली।

1975, कुआलालंपुर: भारत ने रचा इतिहास
भारतीय हॉकी के विश्व कप इतिहास का सबसे सुनहरा अध्याय 15 मार्च 1975 को लिखा गया। कुआलालंपुर में अजित पाल सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को 2-1 से हराकर पहली और अब तक की एकमात्र विश्व कप ट्रॉफी जीती।

पाकिस्तान ने फाइनल में बढ़त बना ली थी, लेकिन सुरजीत सिंह ने 44वें और अशोक कुमार ने 51वें मिनट में गोल करके भारत को खिताब दिला दिया। पूल चरण में शीर्ष पर रहने वाली भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में मलेशिया को हराया था। उस समय तक सात ओलंपिक स्वर्ण जीत चुकी भारतीय टीम के लिए यह पहला विश्व कप खिताब था।
विज्ञापन

1978, ब्यूनस आयर्स: गत चैंपियन छठे स्थान पर
गत चैंपियन भारत 1978 में अपने खिताब का बचाव नहीं कर सका और सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया। पूल चरण में टीम ने छह में से तीन मैच जीते और दो गंवाए। पश्चिम जर्मनी के खिलाफ 0-7 की हार भी इसी चरण में मिली। पाकिस्तान ने फाइनल में नीदरलैंड को 3-2 से हराकर खिताब जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने कांस्य पदक हासिल किया। भारत छठे स्थान पर रहा।

1982, मुंबई: घरेलू मैदान पर पांचवां स्थान
भारत ने पहली बार अपने देश में विश्व कप की मेजबानी में हिस्सा लिया, लेकिन टीम अंतिम चार में जगह नहीं बना सकी और पांचवें स्थान पर रही। पाकिस्तान ने पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रहते हुए वानखेड़े स्टेडियम में फाइनल में पश्चिम जर्मनी को 3-1 से हराकर तीसरी बार खिताब जीता। भारत के राजिंदर सिंह सीनियर टूर्नामेंट में सर्वाधिक 12 गोल करने वाले खिलाड़ी रहे।

1986, लंदन: सबसे खराब टीम प्रदर्शन, शाहिद का जलवा
1986 का विश्व कप भारत के लिए अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन लेकर आया। भारतीय टीम 12वें और आखिरी स्थान पर रही। हालांकि, इसी टीम के स्टार खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद ने अपने शानदार खेल से सभी को प्रभावित किया। ड्रिबलिंग के जादूगर शाहिद को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर खिताब जीता, जबकि पश्चिम जर्मनी तीसरे स्थान पर रहा। तीन बार का चैंपियन पाकिस्तान 11वें स्थान पर रहा।

1990, लाहौर: मुश्किल हालात में फेयरप्ले पुरस्कार
राजनीतिक तनाव, मेजबान दर्शकों की आक्रामकता और सुरक्षा चिंताओं के बीच परगट सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम ने लाहौर में विश्व कप खेला। भारत टूर्नामेंट में 10वें स्थान पर रहा। हालांकि, बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भारतीय टीम ने अपना संयम बनाए रखा, जिसके लिए उसे एफआईएच का ‘फेयरप्ले’ पुरस्कार दिया गया। नीदरलैंड ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता और ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा।

1994, सिडनी: कृत्रिम टर्फ पर पांचवां स्थान
जूड फेलिक्स की कप्तानी में भारत ने कृत्रिम टर्फ पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया। पाकिस्तान ने फाइनल में नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर खिताब जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा।

1998, यूट्रेक्ट: धनराज पिल्लै की टीम नौवें स्थान पर
1998 के विश्व कप में यूरोपीय टीमों का दबदबा रहा। मेजबान नीदरलैंड ने स्पेन को हराकर अपना तीसरा खिताब जीता और जर्मनी तीसरे स्थान पर रहा। धनराज पिल्लै की कप्तानी वाली भारतीय टीम नीदरलैंड की परिस्थितियों से सामंजस्य नहीं बिठा सकी और निराशाजनक नौवें स्थान पर रही।

2002, कुआलालंपुर: 16 टीमों के विश्व कप में भारत 10वें
पहली बार 16 टीमों की भागीदारी वाले विश्व कप में जर्मनी ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर अपना पहला खिताब जीता। नीदरलैंड तीसरे स्थान पर रहा। भारत ने नौ मैचों में तीन जीत, एक ड्रॉ और पांच हार के साथ 10वां स्थान हासिल किया।

2006, मोंशेंग्लाबाख: पूल चरण में एक भी जीत नहीं
दिलीप टिर्की की कप्तानी वाली भारतीय टीम पूल चरण में एक भी मुकाबला नहीं जीत सकी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकमात्र ड्रॉ के साथ टीम पूल चरण के बाद आखिरी स्थान पर रही। क्लासीफिकेशन मैच में राजपाल सिंह के एकमात्र गोल की मदद से भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराया और 12 टीमों के टूर्नामेंट में 11वें स्थान पर रहा। जर्मनी ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता, जबकि स्पेन तीसरे स्थान पर रहा।

2010, दिल्ली: पाकिस्तान पर बड़ी जीत, फिर भी सेमीफाइनल से दूर
दिल्ली में आयोजित विश्व कप में मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम खचाखच भरा रहा। पूल चरण में पाकिस्तान को 4-1 से हराना भारतीय टीम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। हालांकि, पूल चरण में चौथे स्थान पर रहने के कारण भारत सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सका और आठवें स्थान पर रहा। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में जर्मनी को 2-1 से हराकर खिताब जीता, जबकि नीदरलैंड तीसरे स्थान पर रहा।

2014, द हेग: नौवें स्थान पर भारत
भारत को पूल चरण में बेल्जियम, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा। टीम नौवें स्थान पर रही। आकाशदीप सिंह ने टूर्नामेंट में पांच गोल किए। ऑस्ट्रेलिया ने नीदरलैंड को 6-1 से हराकर खिताब जीता, जबकि अर्जेंटीना तीसरे स्थान पर रहा।

2018, भुवनेश्वर: क्वार्टर फाइनल तक पहुंची टीम
हॉकी के गढ़ ओडिशा में पहली बार विश्व कप आयोजित हुआ। भारत ने पूल चरण में बेल्जियम जैसी मजबूत टीम को ड्रॉ पर रोका और दक्षिण अफ्रीका तथा कनाडा को हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया। मनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली मेजबान टीम को क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड के खिलाफ कड़े मुकाबले में 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। भारत छठे स्थान पर रहा, जो कई वर्षों में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। बेल्जियम ने पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड को हराकर पहली बार विश्व कप जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा।

2023, भुवनेश्वर-राउरकेला: फिर क्वार्टर फाइनल से पहले बाहर
भारत ने लगातार दूसरी बार अपनी मेजबानी में विश्व कप की मेजबानी की। पूल चरण में भारतीय टीम दूसरे स्थान पर रही, लेकिन क्रॉसओवर मुकाबले में न्यूजीलैंड ने उसे पेनल्टी शूटआउट में हरा दिया। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम नौवें स्थान पर रही। जर्मनी ने फाइनल में बेल्जियम को शूटआउट में हराकर खिताब जीता, जबकि नीदरलैंड तीसरे स्थान पर रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed