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Swapna Burman: एथलीट स्वप्ना बर्मन ने लिया संन्यास, फैसले के पीछे बताई ये वजह; एशियाड में जीत चुकी हैं स्वर्ण
Fri, 31 Jul 2026 06:23 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 31 Jul 2026 06:23 PM IST
सार
भारत की स्टार एथलीट स्वप्ना बर्मन ने एथलेटिक्स से संन्यास लेने का फैसला लिया है। बर्मन पिछले कुछ समय से चोट की समस्या से जूझ रही हैं और इसे ही उन्होंने संन्यास के फैसले का कारण बताया है।
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स्वप्ना बर्मन
- फोटो : IANS
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विस्तार
एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली हेप्टाथलीट स्वप्ना बर्मन ने शुक्रवार को एथलेटिक्स से संन्यास की घोषणा कर दी। स्वप्ना ने लगातार चोटिल होने को अपने संन्यास की वजह बताई।
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इंस्टाग्राम पर किया भावुक पोस्ट
स्वप्ना बर्मन ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, यह मेरी जिंदगी के सबसे मुश्किल फैसलों में से एक है। एथलेटिक्स मेरे लिए सिर्फ एक खेल से कहीं ज्यादा रहा है। यह मेरी पहचान, मेरा जुनून, मेरा सपना और अनगिनत त्याग, संघर्ष, आंसुओं और कभी न भूलने वाली यादों से भरा एक सफर रहा है। इतने वर्षों में मुझे कई चोटें लगी हैं, जिसमें स्लिप्ड डिस्क और घुटने की चोटें शामिल हैं। मैंने दर्द से लड़ने और आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन अब मेरा शरीर पहले की तरह मेरा साथ नहीं दे रहा है।
उन्होंने लिखा, आपने पूरी जिंदगी जिस चीज से प्यार किया है, उससे दूर जाना कभी आसान नहीं होता। मेरा दिल अब भी मुकाबला करना, कूदना और अपने सपनों का पीछा करना चाहता है, लेकिन मुझे यह मानना होगा कि मेरी जिंदगी का यह अध्याय खत्म हो गया है। मैं उन सभी की हमेशा शुक्रगुजार रहूंगी जो इस शानदार सफर में मेरे साथ खड़े रहे। मैं एथलेटिक्स को शुक्रगुजार दिल और उन यादों के साथ छोड़ रही हूं जिन्हें मैं हमेशा संजो कर रखूंगी। एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट और अर्जुन अवॉर्डी होना एक सम्मान की बात है जिसे मैं हमेशा बहुत गर्व के साथ रखूंगी।
स्वप्ना बर्मन ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, यह मेरी जिंदगी के सबसे मुश्किल फैसलों में से एक है। एथलेटिक्स मेरे लिए सिर्फ एक खेल से कहीं ज्यादा रहा है। यह मेरी पहचान, मेरा जुनून, मेरा सपना और अनगिनत त्याग, संघर्ष, आंसुओं और कभी न भूलने वाली यादों से भरा एक सफर रहा है। इतने वर्षों में मुझे कई चोटें लगी हैं, जिसमें स्लिप्ड डिस्क और घुटने की चोटें शामिल हैं। मैंने दर्द से लड़ने और आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन अब मेरा शरीर पहले की तरह मेरा साथ नहीं दे रहा है।
उन्होंने लिखा, आपने पूरी जिंदगी जिस चीज से प्यार किया है, उससे दूर जाना कभी आसान नहीं होता। मेरा दिल अब भी मुकाबला करना, कूदना और अपने सपनों का पीछा करना चाहता है, लेकिन मुझे यह मानना होगा कि मेरी जिंदगी का यह अध्याय खत्म हो गया है। मैं उन सभी की हमेशा शुक्रगुजार रहूंगी जो इस शानदार सफर में मेरे साथ खड़े रहे। मैं एथलेटिक्स को शुक्रगुजार दिल और उन यादों के साथ छोड़ रही हूं जिन्हें मैं हमेशा संजो कर रखूंगी। एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट और अर्जुन अवॉर्डी होना एक सम्मान की बात है जिसे मैं हमेशा बहुत गर्व के साथ रखूंगी।
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स्वप्ना बर्मन का करियर
स्वप्ना बर्मन पहली बार 2017 में भारतीय एथलेटिक्स की दुनिया में उभरकर सामने आईं। उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हेप्टाथलॉन में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने जकार्ता में 2018 में आयोजित एशियाई खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण जीता था। जबड़े की चोट के बावजूद स्वप्ना ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था और एशियन गेम्स में हेप्टाथलॉन में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनी थीं। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।
चोटों से लगातार प्रभावित रहने के बावजूद उन्होंने 2019 और 2023 एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। उन्होंने 2023 एशियन इंडोर चैंपियनशिप में पेंटाथलॉन में भी रजत पदक जीता था। वह हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में चौथे स्थान पर रही थीं। उनका आखिरी मुकाबला बंगलूरू में 2025 नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में था, जहां उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया था।
स्वप्ना बर्मन पहली बार 2017 में भारतीय एथलेटिक्स की दुनिया में उभरकर सामने आईं। उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हेप्टाथलॉन में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने जकार्ता में 2018 में आयोजित एशियाई खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण जीता था। जबड़े की चोट के बावजूद स्वप्ना ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था और एशियन गेम्स में हेप्टाथलॉन में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनी थीं। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।
चोटों से लगातार प्रभावित रहने के बावजूद उन्होंने 2019 और 2023 एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। उन्होंने 2023 एशियन इंडोर चैंपियनशिप में पेंटाथलॉन में भी रजत पदक जीता था। वह हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में चौथे स्थान पर रही थीं। उनका आखिरी मुकाबला बंगलूरू में 2025 नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में था, जहां उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया था।