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एशियाड में स्तर विश्व चैंपियनशिप जैसा?: टीम इवेंट में कांस्य के बाद आया प्रणय और आयुष का बयान, जानें क्या बोले
Thu, 24 Sep 2026 12:42 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, इचिनोमिया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, इचिनोमिया
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:42 PM IST
सार
भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीता। एचएस प्रणय, हरिहरन अम्साकारुनन, थारुन मन्नेपल्ली और आयुष शेट्टी ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई। खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स के कठिन स्तर, टीम की एकजुटता और कांस्य पदक को लेकर अपनी भावनाएं साझा कीं।
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आयुष और प्रणय
- फोटो : IANS
विस्तार
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। टीम इवेंट में भारत का यह लगातार दूसरा एशियन गेम्स पदक है। खिलाड़ियों ने जीत के बाद खुशी जताते हुए कहा कि एशियन गेम्स में पदक जीतना आसान नहीं होता, क्योंकि इस प्रतियोगिता में एशिया की लगभग सभी मजबूत टीमें हिस्सा लेती हैं। टीम के सदस्यों ने कांस्य पदक को लेकर संतोष जताया और व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य बताया।
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भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम
- फोटो : IANS
एशियाड में पदक जीतना आसान नहीं: प्रणय
स्टार शटलर एचएस प्रणय ने कहा कि लगातार दो एशियन गेम्स में पदक जीतना टीम की निरंतरता को दिखाता है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि दो एशियन गेम्स में लगातार दो मेडल जीतना कभी आसान नहीं होता। हमने पहले कभी टीम इवेंट में कोई एशियन गेम्स मेडल नहीं जीता था, लेकिन पिछली बार 2023 एशियन गेम्स में आकर सिल्वर मेडल जीतना बहुत बड़ी बात थी। कुछ बड़ी टीमों को हराना और एक बार फिर उस पोडियम पर पहुंचना, मुझे लगता है, बड़े इवेंट्स में, खासकर टीम इवेंट्स में खेलने के लिए इस टीम की निरंतरता को दिखाता है।'
प्रणय ने एशियन गेम्स के स्तर को बेहद ऊंचा बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे सच में गर्व और खुशी है कि मैं एक बार फिर इसका हिस्सा बन सका। मुझे उम्मीद है कि आगे भी हम मेडल जीतते रहेंगे, खासकर टीम इवेंट्स में। हमारे लिए एशियन गेम्स सच में एक मुश्किल इवेंट है। यह लगभग वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसा है, जहां बस कुछ खिलाड़ी या शायद कुछ देश यूरोपीय पक्ष से नहीं खेल रहे हैं। एशिया के सभी मजबूत देश एशियन गेम्स के लिए आते हैं।'
स्टार शटलर एचएस प्रणय ने कहा कि लगातार दो एशियन गेम्स में पदक जीतना टीम की निरंतरता को दिखाता है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि दो एशियन गेम्स में लगातार दो मेडल जीतना कभी आसान नहीं होता। हमने पहले कभी टीम इवेंट में कोई एशियन गेम्स मेडल नहीं जीता था, लेकिन पिछली बार 2023 एशियन गेम्स में आकर सिल्वर मेडल जीतना बहुत बड़ी बात थी। कुछ बड़ी टीमों को हराना और एक बार फिर उस पोडियम पर पहुंचना, मुझे लगता है, बड़े इवेंट्स में, खासकर टीम इवेंट्स में खेलने के लिए इस टीम की निरंतरता को दिखाता है।'
प्रणय ने एशियन गेम्स के स्तर को बेहद ऊंचा बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे सच में गर्व और खुशी है कि मैं एक बार फिर इसका हिस्सा बन सका। मुझे उम्मीद है कि आगे भी हम मेडल जीतते रहेंगे, खासकर टीम इवेंट्स में। हमारे लिए एशियन गेम्स सच में एक मुश्किल इवेंट है। यह लगभग वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसा है, जहां बस कुछ खिलाड़ी या शायद कुछ देश यूरोपीय पक्ष से नहीं खेल रहे हैं। एशिया के सभी मजबूत देश एशियन गेम्स के लिए आते हैं।'
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एचएस प्रणय
- फोटो : PTI
'ब्रॉन्ज मेडल पर गर्व करना होगा'
आयुष शेट्टी ने कहा कि टीम इससे आगे जाना चाहती थी, लेकिन कांस्य पदक को भी सम्मान के साथ स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा, 'यह टीम का बहुत अच्छा प्रयास था। निश्चित रूप से हम और आगे जाना चाहते थे, लेकिन हमें ब्रॉन्ज मेडल पर गर्व करना होगा। हम अपनी गलतियों से सीखते हुए आगे कड़ी मेहनत करेंगे और बेहतर करने का प्रयास करेंगे। हम व्यक्तिगत स्पर्धा में श्रेष्ठ प्रदर्शन की कोशिश करेंगे।' टीम के साथ खेलने के अनुभव पर आयुष ने कहा, 'टीम के साथ खेलना हमेशा रोमांचक रहा है। आपको हमेशा टीम का समर्थन मिलता है। साथी खिलाड़ी हमेशा बेहतर करने की प्रेरणा देते हैं। इसलिए टीम के साथ होना शानदार होता है। हम कोर्ट के बाहर भी मस्ती करते हैं।'
आयुष शेट्टी ने कहा कि टीम इससे आगे जाना चाहती थी, लेकिन कांस्य पदक को भी सम्मान के साथ स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा, 'यह टीम का बहुत अच्छा प्रयास था। निश्चित रूप से हम और आगे जाना चाहते थे, लेकिन हमें ब्रॉन्ज मेडल पर गर्व करना होगा। हम अपनी गलतियों से सीखते हुए आगे कड़ी मेहनत करेंगे और बेहतर करने का प्रयास करेंगे। हम व्यक्तिगत स्पर्धा में श्रेष्ठ प्रदर्शन की कोशिश करेंगे।' टीम के साथ खेलने के अनुभव पर आयुष ने कहा, 'टीम के साथ खेलना हमेशा रोमांचक रहा है। आपको हमेशा टीम का समर्थन मिलता है। साथी खिलाड़ी हमेशा बेहतर करने की प्रेरणा देते हैं। इसलिए टीम के साथ होना शानदार होता है। हम कोर्ट के बाहर भी मस्ती करते हैं।'
आयुष शेट्टी
- फोटो : ANI
पहली बार एशियाड टीम का हिस्सा बने हरिहरन
हरिहरन अम्साकारुनन के लिए यह पहला एशियन गेम्स था। कांस्य पदक जीतने के बाद उन्होंने खुशी जताई। उन्होंने कहा, 'मैं एशियन गेम्स की टीम का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। यह मेरा पहला एशियन गेम्स है। मुझे लगता है कि यह टीम सच में बहुत अच्छी टीम थी। मैं टीम का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। हमने अपनी पूरी कोशिश की। यह एशियन गेम्स का एक प्रतिष्ठित इवेंट है। हमने ब्रॉन्ज जीता। मैं अपने देश के लिए यह जीतकर बहुत खुश हूं।'
हरिहरन अम्साकारुनन के लिए यह पहला एशियन गेम्स था। कांस्य पदक जीतने के बाद उन्होंने खुशी जताई। उन्होंने कहा, 'मैं एशियन गेम्स की टीम का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। यह मेरा पहला एशियन गेम्स है। मुझे लगता है कि यह टीम सच में बहुत अच्छी टीम थी। मैं टीम का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। हमने अपनी पूरी कोशिश की। यह एशियन गेम्स का एक प्रतिष्ठित इवेंट है। हमने ब्रॉन्ज जीता। मैं अपने देश के लिए यह जीतकर बहुत खुश हूं।'
सात्विक-चिराग और आयुष
- फोटो : ANI
टीम के साथियों और कोच को दिया श्रेय
थारुन मन्नेपल्ली ने कांस्य पदक को अपने लिए खास पल बताया और टीम के साथियों, कोच तथा सपोर्ट स्टाफ का आभार जताया। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले, मैं अपने सभी साथियों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जो इस सफर का हिस्सा रहे हैं। ब्रॉन्ज मेडल जीतना मेरे लिए बहुत खास पल है। एक टीम के तौर पर भारत के लिए मेडल जीतना बहुत मायने रखता है। हम एक टीम के तौर पर एक साथ खड़े रहे, एक साथ लड़े और टीम इवेंट में मेडल हासिल किया। मैं अपनी टीम के साथियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने मेरा साथ दिया।'
थारुन मन्नेपल्ली ने कांस्य पदक को अपने लिए खास पल बताया और टीम के साथियों, कोच तथा सपोर्ट स्टाफ का आभार जताया। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले, मैं अपने सभी साथियों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जो इस सफर का हिस्सा रहे हैं। ब्रॉन्ज मेडल जीतना मेरे लिए बहुत खास पल है। एक टीम के तौर पर भारत के लिए मेडल जीतना बहुत मायने रखता है। हम एक टीम के तौर पर एक साथ खड़े रहे, एक साथ लड़े और टीम इवेंट में मेडल हासिल किया। मैं अपनी टीम के साथियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने मेरा साथ दिया।'
सात्विक चिराग मैच के दौरान
- फोटो : Twitter
कोच ने कहा- मेडल से मिलेगा आत्मविश्वास
भारतीय बैडमिंटन कोच आर. एम. वी. गुरुसाईदत्त ने कहा कि टीम के लिए यह पदक काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'यह मेडल एक टीम के तौर पर हमारे लिए बहुत जरूरी है। इससे खिलाड़ियों को व्यक्तिगत इवेंट्स में मोमेंटम बनाए रखने का आत्मविश्वास मिलेगा। बैडमिंटन में एशियन गेम्स ओलंपिक्स जितने ही अच्छे हैं। इसलिए, मेडल जीतना हमेशा मुश्किल होता है। इसे लगातार करना सच में ऐतिहासिक है। लड़के तारीफ के काबिल हैं, जो इतने वर्षों से इतना अच्छा कर रहे हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि पिछले चार वर्षों से वे एक टीम के तौर पर बहुत अच्छा कर रहे हैं, खासकर थॉमस कप जीतना, वहां फिर से मेडल जीतना, इस साल ब्रॉन्ज मेडल जीतना और पिछले एशियन गेम्स एडिशन में मेडल हासिल करना। इस बार, हम चीन को हराने के बहुत करीब आ गए थे।' भारतीय टीम अब व्यक्तिगत स्पर्धाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। खिलाड़ियों ने टीम इवेंट के अनुभव और कांस्य पदक से मिले आत्मविश्वास को आगे के मुकाबलों में इस्तेमाल करने की उम्मीद जताई है।
भारतीय बैडमिंटन कोच आर. एम. वी. गुरुसाईदत्त ने कहा कि टीम के लिए यह पदक काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'यह मेडल एक टीम के तौर पर हमारे लिए बहुत जरूरी है। इससे खिलाड़ियों को व्यक्तिगत इवेंट्स में मोमेंटम बनाए रखने का आत्मविश्वास मिलेगा। बैडमिंटन में एशियन गेम्स ओलंपिक्स जितने ही अच्छे हैं। इसलिए, मेडल जीतना हमेशा मुश्किल होता है। इसे लगातार करना सच में ऐतिहासिक है। लड़के तारीफ के काबिल हैं, जो इतने वर्षों से इतना अच्छा कर रहे हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि पिछले चार वर्षों से वे एक टीम के तौर पर बहुत अच्छा कर रहे हैं, खासकर थॉमस कप जीतना, वहां फिर से मेडल जीतना, इस साल ब्रॉन्ज मेडल जीतना और पिछले एशियन गेम्स एडिशन में मेडल हासिल करना। इस बार, हम चीन को हराने के बहुत करीब आ गए थे।' भारतीय टीम अब व्यक्तिगत स्पर्धाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। खिलाड़ियों ने टीम इवेंट के अनुभव और कांस्य पदक से मिले आत्मविश्वास को आगे के मुकाबलों में इस्तेमाल करने की उम्मीद जताई है।