{"_id":"699820b967df46750a0805aa","slug":"pakistan-government-revokes-hockey-captain-ammad-butt-two-year-ban-after-australia-tour-fiasco-2026-02-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बवाल के बाद पाकिस्तान सरकार की खुली आंख: हॉकी कप्तान पर लगाया दो साल का प्रतिबंध हटाया, गैरकानूनी फैसला बताया","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
बवाल के बाद पाकिस्तान सरकार की खुली आंख: हॉकी कप्तान पर लगाया दो साल का प्रतिबंध हटाया, गैरकानूनी फैसला बताया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कराची
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 20 Feb 2026 02:22 PM IST
विज्ञापन
सार
ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान कुप्रबंधन पर आवाज उठाने के बाद पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील बट पर लगाया गया दो साल का प्रतिबंध सरकार ने रद्द कर दिया है। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) के तत्कालीन अध्यक्ष तारिक बुगती ने बट को निलंबित किया था, लेकिन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा नियुक्त अंतरिम अध्यक्ष मुहयुद्दीन वानी ने इसे गैरकानूनी और असंवैधानिक करार देते हुए फैसला पलट दिया।
पाकिस्तान में हॉकी में बवाल
- फोटो : Twitter
विज्ञापन
विस्तार
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पाकिस्तान हॉकी टीम और खिलाड़ियों की हुई किरकिरी पर पाकिस्तान सरकार की आंखें खुल गई हैं। पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील बट ने देश वापसी पर विरोध जताया था और पाकिस्तान हॉकी संघ (पीएचएफ) की आलोचना की थी। इसके बाद पीएचएफ अध्यक्ष ने उन पर दो साल का बैन लगा दिया था और खुद भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब इस पूरे बवाल के एक दिन बाद शहबाज शरीफ सरकार ने उन पर लगा प्रतिबंध का फैसला रद्द कर दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा नियुक्त पीएचएफ के अंतरिम अध्यक्ष मुहूयदिन अहमद वानी ने इस प्रतिबंध को गैरकानूनी और असंवैधानिक कदम बताते हुए तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
Trending Videos
क्या था पूरा मामला?
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलिया दौरे में अव्यवस्था और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। ऑस्ट्रेलिया में एफआईएच प्रो लीग मुकाबलों के दौरान पाकिस्तान टीम को गंभीर लॉजिस्टिक समस्याओं का सामना करना पड़ा। हालांकि पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (PSB) ने टीम के पांच सितारा होटल में ठहरने के लिए एक करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन खिलाड़ियों को होटल की बजाय एयरबीएनबी में रहना पड़ा। बताया गया कि होटल ने अग्रिम भुगतान न मिलने के कारण टीम को प्रवेश देने से इनकार कर दिया था। खिलाड़ियों को घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा, कप्तान बट ने आरोप लगाया कि खिलाड़ियों को एक साल से दैनिक भत्ते नहीं मिले थे।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलिया दौरे में अव्यवस्था और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। ऑस्ट्रेलिया में एफआईएच प्रो लीग मुकाबलों के दौरान पाकिस्तान टीम को गंभीर लॉजिस्टिक समस्याओं का सामना करना पड़ा। हालांकि पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (PSB) ने टीम के पांच सितारा होटल में ठहरने के लिए एक करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन खिलाड़ियों को होटल की बजाय एयरबीएनबी में रहना पड़ा। बताया गया कि होटल ने अग्रिम भुगतान न मिलने के कारण टीम को प्रवेश देने से इनकार कर दिया था। खिलाड़ियों को घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा, कप्तान बट ने आरोप लगाया कि खिलाड़ियों को एक साल से दैनिक भत्ते नहीं मिले थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहबाज शरीफ और पाकिस्तान हॉकी टीम
- फोटो : ANI/Instagram
कप्तान का खुला आरोप
स्वदेश लौटने के बाद एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में अम्माद बट ने फेडरेशन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को रसोई साफ करने और बर्तन धोने तक के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि खिलाड़ियों को मीडिया से बात न करने की धमकी दी गई थी। इन बयानों के बाद तत्कालीन पीएचएफ अध्यक्ष तारिक बुगती ने बट पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया, यह कहते हुए कि उन्होंने पाकिस्तान हॉकी की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
स्वदेश लौटने के बाद एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में अम्माद बट ने फेडरेशन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को रसोई साफ करने और बर्तन धोने तक के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि खिलाड़ियों को मीडिया से बात न करने की धमकी दी गई थी। इन बयानों के बाद तत्कालीन पीएचएफ अध्यक्ष तारिक बुगती ने बट पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया, यह कहते हुए कि उन्होंने पाकिस्तान हॉकी की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
इस्तीफा और पलटवार
विवाद बढ़ने के बाद तारिक बुगती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया और मुहयुद्दीन वानी को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, वानी और ब्रिगेडियर मुसरतुल्लाह (डायरेक्टर जनरल) अब अस्थायी तौर पर हॉकी मामलों को संभालेंगे और हुए नुकसान की भरपाई की कोशिश करेंगे।
विवाद बढ़ने के बाद तारिक बुगती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया और मुहयुद्दीन वानी को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, वानी और ब्रिगेडियर मुसरतुल्लाह (डायरेक्टर जनरल) अब अस्थायी तौर पर हॉकी मामलों को संभालेंगे और हुए नुकसान की भरपाई की कोशिश करेंगे।
शहबाज शरीफ और पाकिस्तान हॉकी टीम
- फोटो : ANI/Instagram
मैदान पर भी निराशाजनक प्रदर्शन
विवाद के बीच पाकिस्तान टीम का प्रदर्शन भी बेहद खराब रहा है। एफआईएच प्रो लीग में पाकिस्तान अब तक अपने सभी आठ मैच हार चुका है। टीम नीदरलैंड्स, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी से पराजित हुई और नौ टीमों की तालिका में आखिरी स्थान पर है। अब पाकिस्तान को चार महीने बाद विश्व कप क्वालीफायर के लिए मिस्र जाना है, जहां उसे अपनी प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती होगी।
विवाद के बीच पाकिस्तान टीम का प्रदर्शन भी बेहद खराब रहा है। एफआईएच प्रो लीग में पाकिस्तान अब तक अपने सभी आठ मैच हार चुका है। टीम नीदरलैंड्स, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी से पराजित हुई और नौ टीमों की तालिका में आखिरी स्थान पर है। अब पाकिस्तान को चार महीने बाद विश्व कप क्वालीफायर के लिए मिस्र जाना है, जहां उसे अपनी प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती होगी।
जिम्मेदारी किसकी?
तारिक बुगती ने पूरे घटनाक्रम के लिए पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड को जिम्मेदार ठहराया था। उनका कहना था कि दौरे की व्यवस्थाएं पीएसबी ने संभाली थीं, लेकिन खिलाड़ियों के आरोप और सरकार की त्वरित कार्रवाई से साफ है कि मामला केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि विश्वास के संकट तक पहुंच चुका है।
तारिक बुगती ने पूरे घटनाक्रम के लिए पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड को जिम्मेदार ठहराया था। उनका कहना था कि दौरे की व्यवस्थाएं पीएसबी ने संभाली थीं, लेकिन खिलाड़ियों के आरोप और सरकार की त्वरित कार्रवाई से साफ है कि मामला केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि विश्वास के संकट तक पहुंच चुका है।
पाकिस्तानी हॉकी खिलाड़ी
- फोटो : Instagram
पाकिस्तान हॉकी के लिए चेतावनी
एक समय विश्व हॉकी की महाशक्ति रहा पाकिस्तान आज प्रशासनिक अव्यवस्था और खराब प्रदर्शन के दोहरे संकट से जूझ रहा है। अम्माद बट पर प्रतिबंध और फिर उसका रद्द होना इस बात का संकेत है कि खेल से ज्यादा चर्चा अब प्रबंधन की हो रही है। सरकार की दखल से फिलहाल विवाद थम गया है, लेकिन असली चुनौती अब मैदान पर प्रदर्शन सुधारने और खिलाड़ियों का भरोसा वापस जीतने की है। अगर सुधारात्मक कदम तुरंत नहीं उठाए गए, तो पाकिस्तान हॉकी का पतन और गहरा सकता है।
एक समय विश्व हॉकी की महाशक्ति रहा पाकिस्तान आज प्रशासनिक अव्यवस्था और खराब प्रदर्शन के दोहरे संकट से जूझ रहा है। अम्माद बट पर प्रतिबंध और फिर उसका रद्द होना इस बात का संकेत है कि खेल से ज्यादा चर्चा अब प्रबंधन की हो रही है। सरकार की दखल से फिलहाल विवाद थम गया है, लेकिन असली चुनौती अब मैदान पर प्रदर्शन सुधारने और खिलाड़ियों का भरोसा वापस जीतने की है। अगर सुधारात्मक कदम तुरंत नहीं उठाए गए, तो पाकिस्तान हॉकी का पतन और गहरा सकता है।