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'मुझे बलि का बकरा बनाया': मेसी के कार्यक्रम में तोड़फोड़ मामले पर बोले शताद्रु दत्ता, पूर्व खेल मंत्री को घेरा
आईएएनएस, कोलकाता
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 11 May 2026 09:43 PM IST
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सार
लियोनल मेसी के भारत दौरे के दौरान कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में तोड़फोड़ हुई थी। अब इस इवेंट के आयोजक शताद्रु दत्ता ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इस घटना और अव्यवस्था के लिए तत्कालीन खेल मंत्री अरूप बिस्वास को जिम्मेदार ठहराया है।
शताद्रु दत्ता
- फोटो : IANS/ANI
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विस्तार
अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुई तोड़फोड़ के मामले में इवेंट के आयोजक शताद्रु दत्ता ने चुप्पी तोड़ी है। शताद्रु ने खुद को 'बलि का बकरा' बताते हुए कहा है कि उन्हें मेसी को कोलकाता लाने का अफसोस है। शताद्रु ने पश्चिम बंगाल के तत्कालीन खेल मंत्री अरूप बिस्वास की मैदान पर मौजूदगी को लेकर सवाल उठाते हुए खुलासा किया है कि जब पुलिस ने उन्हें विमान के अंदर गिरफ्तार किया था, तो मेसी और उनके मैनेजर ने इसका विरोध किया।
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क्या था मामला?
- दरअसल, 13 दिसंबर 2025 को दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम आए थे, जहां भारी अव्यवस्था देखने को मिली।
- जब फैंस को अपने पसंदीदा फुटबॉलर की एक झलक तक नसीब नहीं हुई, तो नाराज फैंस ने स्टेडियम में तोड़फोड़ की।
- इस घटना के बाद आयोजक शताद्रु दत्ता को गिरफ्तार किया गया था।
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दत्ता बोले- मुझे मेसी को कोलकाता लाने का अफसोस
शताद्रु दत्ता ने कहा, मुझे मेसी को कोलकाता लाने का अफसोस है। कोलकाता से मेरा एक भावनात्मक जुड़ाव है। मैं चाहता था कि यह शहर मेसी को देखे। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। यह पुलिस की पूरी तरह से नाकामी थी। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने इसके लिए बंगाल सरकार को जेड प्लस श्रेणी दी थी। तत्कालीन सीएम ममता बनर्जी भी आने वाली थीं, लेकिन इवेंट में मची भगदड़ पुलिस की बहुत बड़ी नाकामी थी। मुझे तकनीकी बातों की ज्यादा जानकारी नहीं है। मुझे एक चिट्ठी मिली थी, जिसमें लिखा था कि यह एक जेड प्लस श्रेणी का कार्यक्रम है। शाहरुख खान, मेसी, सौरव गांगुली की मौजूदगी में यह एक बहुत ही कड़ी सुरक्षा वाला कार्यक्रम था। हमने कई बैठकें कीं। कार्यक्रम के दौरान मैदान पर कौन-कौन मौजूद रहेगा, इसकी पूरी रूपरेखा पुलिस ने मंजूर की थी।
शताद्रु दत्ता ने कहा, मुझे मेसी को कोलकाता लाने का अफसोस है। कोलकाता से मेरा एक भावनात्मक जुड़ाव है। मैं चाहता था कि यह शहर मेसी को देखे। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। यह पुलिस की पूरी तरह से नाकामी थी। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने इसके लिए बंगाल सरकार को जेड प्लस श्रेणी दी थी। तत्कालीन सीएम ममता बनर्जी भी आने वाली थीं, लेकिन इवेंट में मची भगदड़ पुलिस की बहुत बड़ी नाकामी थी। मुझे तकनीकी बातों की ज्यादा जानकारी नहीं है। मुझे एक चिट्ठी मिली थी, जिसमें लिखा था कि यह एक जेड प्लस श्रेणी का कार्यक्रम है। शाहरुख खान, मेसी, सौरव गांगुली की मौजूदगी में यह एक बहुत ही कड़ी सुरक्षा वाला कार्यक्रम था। हमने कई बैठकें कीं। कार्यक्रम के दौरान मैदान पर कौन-कौन मौजूद रहेगा, इसकी पूरी रूपरेखा पुलिस ने मंजूर की थी।
अरूप बिस्वास की मौजूदगी पर उठाए सवाल
शताद्रु दत्ता ने तत्कालीन खेल मंत्री अरूप बिस्वास की मैदान पर मौजूदगी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, पुलिस ने सिर्फ 8-10 लोगों को ही मैदान पर जाने की इजाजत दी थी। एक अनुभवहीन खेल मंत्री ने फैंस की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया और इल्जाम मुझ पर आया। उनके इस रवैये से पूरा कार्यक्रम ही खतरे में पड़ गया। उन्होंने अपने रसूख का गलत इस्तेमाल किया। अरूप बिस्वास कार्यक्रम की रूपरेखा का हिस्सा नहीं थे। मेरे पास कार्यक्रम की रूपरेखा मौजूद है। पुलिस को अच्छी तरह पता था कि मैदान पर किसे होना चाहिए और किसे नहीं। तीन दिन पहले ही हमने डीजी पुलिस के साथ इस बारे में चर्चा की थी। मैदान पर सिर्फ शाहरुख खान, लियोनेल मेसी, मेसी की टीम के अन्य सदस्य, सुआरेज, मैं, कुछ बच्चे, ममता बनर्जी और सौरव गांगुली को ही जाने की अनुमति थी। कार्यक्रम की रूपरेखा को मेसी और उनकी टीम ने भी मंजूरी दी थी।
शताद्रु दत्ता ने तत्कालीन खेल मंत्री अरूप बिस्वास की मैदान पर मौजूदगी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, पुलिस ने सिर्फ 8-10 लोगों को ही मैदान पर जाने की इजाजत दी थी। एक अनुभवहीन खेल मंत्री ने फैंस की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया और इल्जाम मुझ पर आया। उनके इस रवैये से पूरा कार्यक्रम ही खतरे में पड़ गया। उन्होंने अपने रसूख का गलत इस्तेमाल किया। अरूप बिस्वास कार्यक्रम की रूपरेखा का हिस्सा नहीं थे। मेरे पास कार्यक्रम की रूपरेखा मौजूद है। पुलिस को अच्छी तरह पता था कि मैदान पर किसे होना चाहिए और किसे नहीं। तीन दिन पहले ही हमने डीजी पुलिस के साथ इस बारे में चर्चा की थी। मैदान पर सिर्फ शाहरुख खान, लियोनेल मेसी, मेसी की टीम के अन्य सदस्य, सुआरेज, मैं, कुछ बच्चे, ममता बनर्जी और सौरव गांगुली को ही जाने की अनुमति थी। कार्यक्रम की रूपरेखा को मेसी और उनकी टीम ने भी मंजूरी दी थी।
उन्होंने कहा, अगर तत्कालीन खेल मंत्री ने मेरा इवेंट हाईजैक कर लिया, तो मैं क्या कर सकता हूं? मैंने कोई स्कैम नहीं किया। मैं चाहता हूं कि नई सरकार बिना किसी भेदभाव के जांच करे। मैं वहां रहूंगा। एसआईटी की जांच एक मजाक थी। किसी ने अरूप को पूछताछ के लिए नहीं बुलाया। सभी को बुलाओ, सिर्फ मुझे ही क्यों? मैं कोर्ट जाऊंगा और जांच की मांग करूंगा। मुझे किसी को बचाने के लिए जेल भेजा गया। अगर पुलिस सख्त होती तो ऐसा नहीं होता। हम किस तरह की जेड प्लस सिक्योरिटी की बात कर रहे हैं? मुझे डराया गया कि मेरा परिवार बाहर है। ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। मुझे चुप रहने का हिंट दिया गया था।