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FIFA WC: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मुफ्त प्रसारण की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और प्रसार भारती को नोटिस भेजा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 12 May 2026 04:49 PM IST
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सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के भारत में मुफ्त प्रसारण की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार और प्रसार भारती को नोटिस जारी किया है। याचिका में कहा गया है कि अब तक किसी ब्रॉडकास्टर ने मीडिया अधिकार नहीं खरीदे हैं, जिससे करोड़ों भारतीय प्रशंसक टूर्नामेंट से वंचित हो सकते हैं।
फीफा विश्व कप
- फोटो : Instagram
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के भारत में प्रसारण को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार और प्रसार भारती को नोटिस जारी किया है। याचिका में मांग की गई है कि टूर्नामेंट का प्रसारण दूरदर्शन, डीडी स्पोर्ट्स और अन्य फ्री-टू-एयर प्लेटफॉर्म पर कराया जाए, ताकि आम लोग भी मुकाबले देख सकें। यह सुनवाई न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की अदालत में हुई।
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याचिका में क्या कहा गया?
संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दाखिल याचिका अधिवक्ता अवधेश बैरवा ने दायर की है। इसमें कहा गया है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक होना है, लेकिन अभी तक भारत में किसी ब्रॉडकास्टर ने इसके मीडिया अधिकार नहीं खरीदे हैं। याचिका के मुताबिक, अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो भारत के लाखों फुटबॉल प्रशंसक दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक को देखने से वंचित रह जाएंगे।
संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दाखिल याचिका अधिवक्ता अवधेश बैरवा ने दायर की है। इसमें कहा गया है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक होना है, लेकिन अभी तक भारत में किसी ब्रॉडकास्टर ने इसके मीडिया अधिकार नहीं खरीदे हैं। याचिका के मुताबिक, अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो भारत के लाखों फुटबॉल प्रशंसक दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक को देखने से वंचित रह जाएंगे।
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ब्रॉडकास्ट अधिकारों की कीमत घटी, फिर भी नहीं मिला खरीदार
याचिका में दावा किया गया कि फीफा ने भारत के लिए 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकारों की शुरुआती कीमत करीब 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर रखी थी। बाद में ब्रॉडकास्टर्स की कम रुचि को देखते हुए इसे घटाकर लगभग 35 मिलियन डॉलर कर दिया गया। इसके बावजूद अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका है।
याचिका में दावा किया गया कि फीफा ने भारत के लिए 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकारों की शुरुआती कीमत करीब 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर रखी थी। बाद में ब्रॉडकास्टर्स की कम रुचि को देखते हुए इसे घटाकर लगभग 35 मिलियन डॉलर कर दिया गया। इसके बावजूद अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका है।
राष्ट्रीय महत्व का आयोजन बताया गया
याचिका में कहा गया है कि फीफा वर्ल्ड कप को पहले ही राष्ट्रीय महत्व का खेल आयोजन घोषित किया जा चुका है। ऐसे में स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स (अनिवार्य साझाकरण) अधिनियम 2007 के तहत सरकार और प्रसार भारती की जिम्मेदारी बनती है कि इसे जनता तक पहुंचाया जाए।
याचिका में कहा गया है कि फीफा वर्ल्ड कप को पहले ही राष्ट्रीय महत्व का खेल आयोजन घोषित किया जा चुका है। ऐसे में स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स (अनिवार्य साझाकरण) अधिनियम 2007 के तहत सरकार और प्रसार भारती की जिम्मेदारी बनती है कि इसे जनता तक पहुंचाया जाए।
भारत में फुटबॉल दर्शकों की बड़ी संख्या
याचिका में यह भी बताया गया कि फीफा वर्ल्ड कप 2022 के दौरान भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल एंगेजमेंट मार्केट्स में शामिल था। इससे साफ है कि भारत में फुटबॉल देखने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रसार भारती के पास डीडी स्पोर्ट्स, डीडी फ्री डिश और WAVES OTT जैसे प्लेटफॉर्म मौजूद हैं, जिनके जरिए टूर्नामेंट आसानी से दिखाया जा सकता है।
याचिका में यह भी बताया गया कि फीफा वर्ल्ड कप 2022 के दौरान भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल एंगेजमेंट मार्केट्स में शामिल था। इससे साफ है कि भारत में फुटबॉल देखने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रसार भारती के पास डीडी स्पोर्ट्स, डीडी फ्री डिश और WAVES OTT जैसे प्लेटफॉर्म मौजूद हैं, जिनके जरिए टूर्नामेंट आसानी से दिखाया जा सकता है।
मौलिक अधिकारों का भी हवाला
याचिकाकर्ता ने दलील दी कि अगर टूर्नामेंट का प्रसारण नहीं होता है, तो यह नागरिकों के अनुच्छेद 14, 19(1)(a) और 21 के तहत अधिकारों का उल्लंघन होगा। इसमें सूचना पाने और सार्वजनिक प्रसारण मंचों तक पहुंच का अधिकार भी शामिल है।
याचिकाकर्ता ने दलील दी कि अगर टूर्नामेंट का प्रसारण नहीं होता है, तो यह नागरिकों के अनुच्छेद 14, 19(1)(a) और 21 के तहत अधिकारों का उल्लंघन होगा। इसमें सूचना पाने और सार्वजनिक प्रसारण मंचों तक पहुंच का अधिकार भी शामिल है।
अब आगे क्या?
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी होने के बाद अब केंद्र सरकार और प्रसार भारती को अपना पक्ष रखना होगा। आने वाले दिनों में यह तय हो सकता है कि भारतीय फुटबॉल फैंस फीफा वर्ल्ड कप 2026 मुफ्त में देख पाएंगे या नहीं। भारत में फुटबॉल का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है और फीफा वर्ल्ड कप जैसा आयोजन करोड़ों लोगों के लिए खास मायने रखता है। ऐसे में यह मामला सिर्फ प्रसारण अधिकारों का नहीं, बल्कि खेल प्रेमियों की पहुंच और अधिकारों का भी बन गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी होने के बाद अब केंद्र सरकार और प्रसार भारती को अपना पक्ष रखना होगा। आने वाले दिनों में यह तय हो सकता है कि भारतीय फुटबॉल फैंस फीफा वर्ल्ड कप 2026 मुफ्त में देख पाएंगे या नहीं। भारत में फुटबॉल का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है और फीफा वर्ल्ड कप जैसा आयोजन करोड़ों लोगों के लिए खास मायने रखता है। ऐसे में यह मामला सिर्फ प्रसारण अधिकारों का नहीं, बल्कि खेल प्रेमियों की पहुंच और अधिकारों का भी बन गया है।