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Sports News: खेल मंत्रालय ने बीएफआई को थमाया कारण बताओ नोटिस, चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मयंक त्रिपाठी Updated Mon, 11 May 2026 11:11 PM IST
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सार

खेल मंत्रालय ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और नियमों के उल्लंघन को लेकर बीएफआई को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही, खिलाड़ियों के चयन, हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर की नियुक्ति और कोचिंग पैनल को लेकर भी बीएफआई पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

Sports ministry show-causes BFI for ambiguous selection policy, other violations know details
बॉक्सिंग - फोटो : amar ujala
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विस्तार

भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) और खेल मंत्रालय ने भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) की चयन प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। खेल मंत्रालय ने सोमवार को बीएफआई को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
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बीएफआई की चयन नीति पर उठे सवाल
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया, मंत्रालय ने बीएफआई की चयन नीति को अस्पष्ट और पारदर्शिता से रहित बताया है। यह नोटिस ऐसे समय में जारी हुआ है जब एक दिन पहले ही साई ने पटियाला में आयोजित होने वाले मूल्यांकन शिविर को रोकने के निर्देश दिए थे। यह शिविर आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए मुक्केबाजों के चयन के उद्देश्य से आयोजित किया जाना था।
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चयन प्रक्रिया पर सवाल
मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय शिविर में खिलाड़ियों को शामिल करने के लिए अपनाए गए “दूसरे रास्ते” यानी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) कप के मानदंड स्पष्ट नहीं हैं। यह टूर्नामेंट अप्रैल में पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में आयोजित हुआ था। आरोप है कि इसमें कुछ ऐसे मुक्केबाजों को हिस्सा लेने से रोक दिया गया जो सशस्त्र बलों से जुड़े नहीं थे। सीओएएस कप के 40 पदक विजेताओं को राष्ट्रीय कैंप में मूल्यांकन के लिए बुलाया जाना था, लेकिन साई ने इस पर आपत्ति जताई। साई का कहना है कि बंद टूर्नामेंट के खिलाड़ियों को ऐसे कोचिंग पैनल के तहत शामिल किया जा रहा था जो अनुभव और योग्यता के मानकों पर खरे नहीं उतरते।

हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर की नियुक्ति नहीं
खेल मंत्रालय ने बीएफआई पर यह आरोप भी लगाया कि उसने कई बार याद दिलाने के बावजूद अभी तक हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर की नियुक्ति नहीं की है। मंत्रालय ने पिछले वर्ष सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के लिए इस पद हेतु 10 करोड़ रुपये अलग रखने को अनिवार्य किया था।

नियमों के उल्लंघन का आरोप
नोटिस में यह भी कहा गया है कि बीएफआई ने कोच और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति के लिए बनाई गई चयन समिति में साई के महानिदेशक या उनके प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया, जबकि मंत्रालय के नियमों के तहत यह अनिवार्य है।इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं से संबंधित प्रस्ताव तय समयसीमा के भीतर जमा नहीं किए जा रहे हैं। नियमों के अनुसार, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के प्रस्ताव खिलाड़ियों के नाम के बिना कम से कम 90 दिन पहले और खिलाड़ियों के नाम सहित 60 दिन पहले भेजे जाने चाहिए।

सूत्रों के अनुसार, साइ को कई शिकायतें मिली हैं कि मूल्यांकन शिविर के दौरान मुकाबलों के नतीजे तुरंत घोषित नहीं किए जाने थे। आरोप है कि बीएफआई की तथाकथित हाई परफॉर्मेंस यूनिट और चयन समिति आपसी चर्चा के बाद खिलाड़ियों के चयन पर फैसला लेने वाली थी। साइ के एक सूत्र ने कहा, 'यह निष्पक्ष खेल भावना के खिलाफ है। यदि मामला अदालत तक जाता है तो साई को भी जवाब देना पड़ेगा, लेकिन बीएफआई हमारी पूछताछ का जवाब नहीं दे रहा है।' फिलहाल खेल मंत्रालय के नोटिस के बाद बीएफआई की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
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