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FIFA World Cup 2026: वर्ल्ड कप खेलेगा ईरान, लेकिन रखीं 10 शर्तें! मेजबान देशों के सामने बड़ी चुनौती
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 10 May 2026 10:09 AM IST
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सार
ईरान फुटबॉल महासंघ ने पुष्टि कर दी है कि राष्ट्रीय टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगी, लेकिन इसके साथ ही उसने मेजबान देशों अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के सामने 10 शर्तें रखी हैं। इनमें वीजा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान, प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीमित सवाल जैसे मुद्दे शामिल हैं।
ट्रंप और इनफैनटिनो वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ
- फोटो : IANS
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विस्तार
ईरान फुटबॉल महासंघ ने शनिवार को साफ कर दिया कि राष्ट्रीय टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगी। पिछले कुछ हफ्तों से टीम की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी, लेकिन अब इस पर विराम लग गया है। 2026 फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेला जाएगा। ईरान ने क्वालिफिकेशन राउंड के जरिए सीधे टूर्नामेंट में जगह बनाई थी।
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ईरान ने रखीं 10 अहम शर्तें
फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने कहा कि टीम हिस्सा जरूर लेगी, लेकिन मेजबान देशों को उनकी चिंताओं पर ध्यान देना होगा। सबसे बड़ी मांग वीजा से जुड़ी है। ईरान चाहता है कि खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ, पत्रकारों और समर्थकों को बिना किसी परेशानी के वीजा दिया जाए। एयरपोर्ट पर अतिरिक्त पूछताछ या इमिग्रेशन अड़चनें नहीं होनी चाहिए। मेहदी ताज ने खास तौर पर स्टार खिलाड़ियों मेहदी तारेमी और एहसान हजसाफी का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें भी बिना रुकावट प्रवेश मिलना चाहिए।
फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने कहा कि टीम हिस्सा जरूर लेगी, लेकिन मेजबान देशों को उनकी चिंताओं पर ध्यान देना होगा। सबसे बड़ी मांग वीजा से जुड़ी है। ईरान चाहता है कि खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ, पत्रकारों और समर्थकों को बिना किसी परेशानी के वीजा दिया जाए। एयरपोर्ट पर अतिरिक्त पूछताछ या इमिग्रेशन अड़चनें नहीं होनी चाहिए। मेहदी ताज ने खास तौर पर स्टार खिलाड़ियों मेहदी तारेमी और एहसान हजसाफी का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें भी बिना रुकावट प्रवेश मिलना चाहिए।
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सुरक्षा और सम्मान पर जोर
- ईरान ने सुरक्षा व्यवस्था को भी अहम मुद्दा बताया है। टीम ने मांग की है कि एयरपोर्ट, होटल, यात्रा मार्ग और स्टेडियम में विशेष सुरक्षा दी जाए।
- इसके अलावा ईरान ने कहा है कि उनके मैचों के दौरान स्टेडियम में केवल मुकाबला खेल रही दोनों टीमों के आधिकारिक राष्ट्रीय ध्वज ही लाने की अनुमति होनी चाहिए।
- ईरान ने यह भी मांग रखी कि हर मैच से पहले उनका राष्ट्रगान सही तरीके से और बिना किसी व्यवधान के बजाया जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी शर्त
ईरानी महासंघ चाहता है कि मैच से पहले और बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल केवल फुटबॉल से जुड़े हों। राजनीतिक या बाहरी मुद्दों पर सवाल न पूछे जाएं।
महासंघ ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'हम निश्चित रूप से 2026 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेंगे, लेकिन मेजबानों को हमारी चिंताओं का ध्यान रखना होगा। कोई बाहरी शक्ति हमें उस टूर्नामेंट से वंचित नहीं कर सकती, जिसके लिए हमने योग्यता के दम पर जगह बनाई है।'
ईरानी महासंघ चाहता है कि मैच से पहले और बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल केवल फुटबॉल से जुड़े हों। राजनीतिक या बाहरी मुद्दों पर सवाल न पूछे जाएं।
महासंघ ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'हम निश्चित रूप से 2026 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेंगे, लेकिन मेजबानों को हमारी चिंताओं का ध्यान रखना होगा। कोई बाहरी शक्ति हमें उस टूर्नामेंट से वंचित नहीं कर सकती, जिसके लिए हमने योग्यता के दम पर जगह बनाई है।'
ग्रुप स्टेज में कड़ी चुनौती
ईरान को ग्रुप G में न्यूजीलैंड, बेल्जियम और मिस्र के साथ रखा गया है। टीम अपना पहला मैच 15 जून को लॉस एंजेलिस में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 21 जून को बेल्जियम और 26 जून को सिएटल में मिस्र से मुकाबला होगा।
ईरान को ग्रुप G में न्यूजीलैंड, बेल्जियम और मिस्र के साथ रखा गया है। टीम अपना पहला मैच 15 जून को लॉस एंजेलिस में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 21 जून को बेल्जियम और 26 जून को सिएटल में मिस्र से मुकाबला होगा।
अब मेजबानों पर नजर
टूर्नामेंट शुरू होने में पांच हफ्ते से भी कम समय बचा है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको ईरान की शर्तों पर क्या रुख अपनाते हैं। अगर इन मांगों पर सहमति बनती है, तो ईरान की तैयारियां बिना किसी विवाद के आगे बढ़ सकती हैं। लेकिन अगर मतभेद बने रहे, तो वर्ल्ड कप से पहले यह मामला और गर्मा सकता है।
टूर्नामेंट शुरू होने में पांच हफ्ते से भी कम समय बचा है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको ईरान की शर्तों पर क्या रुख अपनाते हैं। अगर इन मांगों पर सहमति बनती है, तो ईरान की तैयारियां बिना किसी विवाद के आगे बढ़ सकती हैं। लेकिन अगर मतभेद बने रहे, तो वर्ल्ड कप से पहले यह मामला और गर्मा सकता है।