Winter Olympics: शीतकालीन ओलंपिक में एक हेलमेट पर क्यों मचा बवाल? यूक्रेनी एथलीट ने वीडियो जारी कर IOC को घेरा
यूक्रेन के स्केलेटन एथलीट व्लादिस्लाव हेरास्केविच को आईओसी ने युद्ध में मारे गए खिलाड़ियों की तस्वीरों वाला हेलमेट पहनने से रोक दिया है। 'नियम 50' का हवाला दिया गया है। एथलीट ने फैसले को चुनौती देने और अनुमति के लिए आधिकारिक अपील करने की बात कही है।
विस्तार
रॉयटर्स से बातचीत में हेरास्केविच ने बताया कि उन्हें यह फैसला सीधे आईओसी के प्रतिनिधि ने एथलीट्स विलेज में आकर सुनाया। हेरास्केविच ने कहा, 'आईओसी ने कहा कि ऐसा नियम 50 की वजह से किया गया है।' ओलंपिक चार्टर का नियम 50.2 कहता है कि ओलंपिक स्थलों पर किसी भी तरह का राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय प्रचार की अनुमति नहीं है।
I race for them / Я змагаюсь за них ❤️🩹
— Vladyslav Heraskevych OLY (@heraskevych) February 9, 2026
Сьогодні розкажу про шолом, в якому я збираюсь виступати на Олімпійських іграх вже через кілька днів. На шоломі намальовані спортсмени які були вбиті під час війни, а точніше лише маленька їх частина.
Це несправедливо, й ці люди не мали б… pic.twitter.com/Gra2g42cgy
हेरास्केविच के हेलमेट पर उन यूक्रेनी खिलाड़ियों के चेहरे हैं, जो 2022 में रूस के हमले के बाद से जान गंवा चुके हैं। इनमें ओलंपियन और यूथ ओलंपिक पदक विजेता भी शामिल हैं। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में हेरास्केविच ने कहा कि ये तस्वीरें उन खिलाड़ियों का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा दिखाती हैं, जिन्हें देश ने खो दिया।
МОК забороняє використання мого шолома на офіційних тренуваннях та змаганнях 💔
— Vladyslav Heraskevych OLY (@heraskevych) February 9, 2026
Рішення, яке просто розбиває серце. Відчуття, що МОК зраджує тих спортсменів, які були частиною Олімпійського руху, не даючи можливості вшанувати їх на спортивній арені, куди ці спортсмени більше… pic.twitter.com/rCAoeTxcUn
आईओसी की रोक के बावजूद हेरास्केविच पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने साफ किया है कि वह आधिकारिक अपील करेंगे और अनुमति लेने की कोशिश जारी रखेंगे। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने बताया कि प्रतिबंध ट्रेनिंग और मुकाबले दोनों पर लागू किया गया है, हालांकि आईओसी ने अभी तक सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है।
4 years ago at the 2022 Olympic Games.
— Vladyslav Heraskevych OLY (@heraskevych) February 10, 2026
Unfortunately, over these years this call for peace has only become even more relevant.
Also over these 4 years, the IOC has changed dramatically. Back then, in that action, they saw a call for peace and did not apply any sanctions against… pic.twitter.com/1w9nvmtIzF
यह उनका तीसरा शीतकालीन ओलंपिक है और वह लंबे समय से यूक्रेन की तरफ से मुखर आवाज रहे हैं। हाल ही में मिलान में ओपनिंग सेरेमनी में उन्होंने 46 यूक्रेनी खिलाड़ियों के दल का नेतृत्व भी किया।