सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   china develops supercooling tech can freeze liquid in 20 seconds ai data centre

Innovation: सिर्फ 20 सकेंड में जम जाएगी बर्फ, इस जादुई लिक्विड से दूर होगा डेटा सेंटर का सबसे बड़ा सिरदर्द

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Mon, 02 Feb 2026 06:17 PM IST
विज्ञापन
सार

Rapid Cooling Salt Liquid: चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई कूलिंग तकनीक विकसित की है, जो कुछ ही सेकंड में तापमान को शून्य से नीचे पहुंचा सकती है। यह तकनीक तेजी से बढ़ते AI डेटा सेंटर्स की हीट मैनेजमेंट की सबसे बड़ी समस्या को पूरी तरह दूर कर सकती है।

china develops supercooling tech can freeze liquid in 20 seconds  ai data centre
चीन ने तैयार किया खास कूलिंग लिक्विड - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

चीन के वैज्ञानिकों ने थर्मल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। उन्होंने ऐसी लिक्विड कूलिंग तकनीक पेश की है, जो कमरे के तापमान से कुछ ही सेकंड में सब-जीरो स्तर तक ठंडक पैदा कर सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तकनीक AI आधारित डेटा सेंटर्स के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है, जहां अत्यधिक कंप्यूटिंग पावर के कारण हीट मैनेजमेंट एक बड़ी चुनौती बन चुका है।
Trending Videos


इस तकनीक की खासियत यह है कि इसमें पानी में घुले एक खास नमक अमोनियम थायोसाइनेट के अनोखे व्यवहार का इस्तेमाल किया गया है। दबाव डालने और छोड़ने की प्रक्रिया को वैज्ञानिक “गीले स्पंज को निचोड़ने” जैसा बताते हैं। जैसे ही दबाव छोड़ा जाता है, नमक तेजी से दोबारा घुलता है और आसपास की गर्मी को तुरंत सोख लेता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


20 सकेंड में जमा देगा बर्फ
रिसर्च के दौरान पाया गया कि कमरे के तापमान पर यह घोल सिर्फ 20 सेकंड में करीब 30 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा हो गया। वहीं, अधिक गर्म वातावरण में तापमान में 50 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। यह क्षमता मौजूदा कूलिंग सिस्टम्स से कहीं ज्यादा प्रभावी मानी जा रही है। यह रिसर्च 22 जनवरी को प्रतिष्ठित जर्नल 'नेचर' में प्रकाशित हुई थी। रिसर्च टीम में चीनी विज्ञान अकादमी के इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल रिसर्च से ली बिंग, सेंटर फॉर हाई प्रेशर साइंस एंड टेक्नोलॉजी एडवांस्ड रिसर्च सहित कई वैज्ञानिक शामिल थे। उनका कहना है कि यह तकनीक AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए न केवल तेज कूलिंग देगी, बल्कि ऊर्जा की खपत भी काफी कम कर सकती है।

AI रेस में यह तकनीक बन सकती है अहम
दरअसल, अमेरिका और चीन के बीच AI रेस के साथ-साथ डेटा सेंटर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 2024 में अमेरिका की कमर्शियल बिजली खपत में 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जिसमें डेटा सेंटर्स की भूमिका अहम रही। OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन भी यह स्वीकार कर चुके हैं कि AI सिस्टम्स को चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली और कूलिंग की जरूरत पड़ती है।

हालांकि चीन के पास अमेरिका से ज्यादा बिजली उत्पादन क्षमता है, लेकिन वह अब ज्यादा ऊर्जा-कुशल डेटा सेंटर्स पर भी काम कर रहा है। इसी कड़ी में वैज्ञानिकों ने पारंपरिक ‘बारोकैलोरिक इफेक्ट’ को आगे बढ़ाते हुए इसे लिक्विड सॉल्यूशन तक लागू किया है, जिसे उन्होंने “डिसॉल्यूशन पर आधारित बारोकैलोरिक इफेक्ट” नाम दिया है।

तेजी से ठंडा करता है लिक्विड
इस तकनीक के आधार पर वैज्ञानिकों ने चार चरणों वाला कूलिंग साइकिल तैयार किया है, जिसमें दबाव डालना, गर्मी बाहर निकालना, दबाव छोड़कर तेजी से ठंडा करना और फिर उस ठंडे तरल से मशीनों की गर्मी सोखना शामिल है। एक साइकिल में हर ग्राम लिक्विड लगभग 67 जूल गर्मी सोख सकता है और इसकी सैद्धांतिक दक्षता 77 फीसदी तक बताई गई है, जो सामान्य फ्रिज की तुलना में कहीं बेहतर है।

चीन की सरकारी मीडिया CCTV के मुताबिक, डेटा सेंटर्स की कुल बिजली खपत का लगभग 40 फीसदी हिस्सा सिर्फ कूलिंग में खर्च होता है। ऐसे में यह नई खोज न सिर्फ बिजली की बचत कर सकती है, बल्कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गैसों के इस्तेमाल को भी खत्म कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest gadget news and mobile reviews, apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news in hindi from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed