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Foldable Phones: फोल्डेबल स्मार्टफोन इतने महंगे क्यों होते हैं? जानिए कैसे तक होती है इनकी कीमत
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:14 AM IST
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सार
Why Foldable Smartphones Are Expensive: फोल्डेबल स्मार्टफोन देखने में जितने स्टाइलिश और प्रीमियम होते हैं, कीमत के मामले में भी उतने ही भारी पड़ते हैं। आखिर क्यों मुड़ने वाले ये फोन साधारण स्मार्टफोन के मुकाबले दोगुने महंगे होते हैं? आइए जानते हैं इसके पीछे की वजहें।
फोल्डेबल स्मार्टफोन
- फोटो : Samsung
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विस्तार
पिछले कुछ वर्षों में फोल्डेबल स्मार्टफोन तेजी से पॉपुलर हुए हैं। अलग डिजाइन और नई टेक्नोलॉजी के चलते ये फोन लोगों का ध्यान खींचते हैं, लेकिन इनकी ऊंची कीमत अक्सर यूजर्स को सोचने पर मजबूर कर देती है। दरअसल, फोल्डेबल फोन की कीमत का अधिक होने के पीछे की वजह सिर्फ ब्रांड वैल्यू ही नहीं, बल्कि कई तकनीकी कारण भी होते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि आखिर क्यों फोल्डेबल स्मार्टफोन्स इतने महंगे क्यों होते हैं।
खास डिस्प्ले टेक्नोलॉजी बनाती है इन्हें महंगा
फोल्डेबल फोन की सबसे बड़ी पहचान उसकी मुड़ने वाली डिस्प्ले है। यह सामान्य ग्लास नहीं, बल्कि अल्ट्रा-थिन और फ्लेक्सिबल मटेरियल से बनी होती है। इस स्क्रीन को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह बार-बार मोड़ने पर भी खराब न हो। इसके लिए खास लेयर्स और कोटिंग का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसकी लागत काफी बढ़ जाती है।
हिंज सिस्टम में होती है एडवांस इंजीनियरिंग
फोन को फोल्ड और अनफोल्ड करने वाला हिंज मैकेनिज्म बेहद जटिल होता है। यह सिस्टम हजारों बार इस्तेमाल के बाद भी स्मूद बना रहे, इसके लिए कंपनियों को लंबी टेस्टिंग और हाई-लेवल इंजीनियरिंग करनी पड़ती है। यही वजह है कि हिंज पर किया गया खर्च सीधे फोन की कीमत में जुड़ जाता है।
यह भी पढ़ें: महंगे होंगे स्मार्टफोन और लैपटॉप: AI की भूख ने बिगाड़ा मेमोरी चिप का बजट, 70% तक बढ़ सकते हैं दाम
रिसर्च और डेवलपमेंट पर भारी निवेश
फोल्डेबल स्मार्टफोन अभी भी नई कैटेगरी माने जाते हैं। इन्हें ज्यादा टिकाऊ और भरोसेमंद बनाने के लिए कंपनियां वर्षों तक रिसर्च और डेवलपमेंट करती हैं। इस दौरान होने वाला बड़ा खर्च आखिरकार ग्राहकों से वसूली गई कीमत में शामिल होता है।
प्रोडक्शन में ज्यादा लागत
साधारण स्मार्टफोन के मुकाबले फोल्डेबल फोन सीमित संख्या में बनाए जाते हैं। बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन न होने से इनकी प्रति यूनिट लागत बढ़ जाती है। साथ ही इनमें इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स भी आम स्मार्टफोन से कहीं ज्यादा महंगे होते हैं।
प्रीमियम मटेरियल और मजबूत बॉडी
फोल्डेबल फोन में मजबूत एल्यूमिनियम फ्रेम, खास ग्लास और हाई-क्वालिटी कंपोनेंट्स लगाए जाते हैं। फोन को बार-बार मोड़ने की वजह से मजबूती बेहद जरूरी होती है, और यही प्रीमियम मटेरियल इसकी कीमत को और ऊपर ले जाता है।
यह भी पढ़ें: टेक मेले में Wi-Fi 8 राउटर ने खींचा सबका ध्यान, जानिए Wi-Fi 7 से कितना होगा अलग, कब तक खरीद पाएंगे?
सीमित विकल्प और प्रीमियम इमेज
फिलहाल फोल्डेबल फोन हर कंपनी नहीं बनाती। बाजार में सीमित विकल्प होने के कारण इन्हें प्रीमियम कैटेगरी में रखा जाता है। नया और अलग डिजाइन होने की वजह से इन्हें स्टेटस सिंबल भी माना जाता है, जिसका असर कीमत पर पड़ता है।
क्या आगे चलकर सस्ते होंगे फोल्डेबल फोन?
जैसे-जैसे तकनीक पुरानी होगी और प्रोडक्शन बढ़ेगा, फोल्डेबल स्मार्टफोन की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल यह टेक्नोलॉजी महंगी है, इसलिए इन फोन्स का प्राइस टैग भी ऊंचा बना हुआ है।
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खास डिस्प्ले टेक्नोलॉजी बनाती है इन्हें महंगा
फोल्डेबल फोन की सबसे बड़ी पहचान उसकी मुड़ने वाली डिस्प्ले है। यह सामान्य ग्लास नहीं, बल्कि अल्ट्रा-थिन और फ्लेक्सिबल मटेरियल से बनी होती है। इस स्क्रीन को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह बार-बार मोड़ने पर भी खराब न हो। इसके लिए खास लेयर्स और कोटिंग का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसकी लागत काफी बढ़ जाती है।
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हिंज सिस्टम में होती है एडवांस इंजीनियरिंग
फोन को फोल्ड और अनफोल्ड करने वाला हिंज मैकेनिज्म बेहद जटिल होता है। यह सिस्टम हजारों बार इस्तेमाल के बाद भी स्मूद बना रहे, इसके लिए कंपनियों को लंबी टेस्टिंग और हाई-लेवल इंजीनियरिंग करनी पड़ती है। यही वजह है कि हिंज पर किया गया खर्च सीधे फोन की कीमत में जुड़ जाता है।
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रिसर्च और डेवलपमेंट पर भारी निवेश
फोल्डेबल स्मार्टफोन अभी भी नई कैटेगरी माने जाते हैं। इन्हें ज्यादा टिकाऊ और भरोसेमंद बनाने के लिए कंपनियां वर्षों तक रिसर्च और डेवलपमेंट करती हैं। इस दौरान होने वाला बड़ा खर्च आखिरकार ग्राहकों से वसूली गई कीमत में शामिल होता है।
प्रोडक्शन में ज्यादा लागत
साधारण स्मार्टफोन के मुकाबले फोल्डेबल फोन सीमित संख्या में बनाए जाते हैं। बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन न होने से इनकी प्रति यूनिट लागत बढ़ जाती है। साथ ही इनमें इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स भी आम स्मार्टफोन से कहीं ज्यादा महंगे होते हैं।
प्रीमियम मटेरियल और मजबूत बॉडी
फोल्डेबल फोन में मजबूत एल्यूमिनियम फ्रेम, खास ग्लास और हाई-क्वालिटी कंपोनेंट्स लगाए जाते हैं। फोन को बार-बार मोड़ने की वजह से मजबूती बेहद जरूरी होती है, और यही प्रीमियम मटेरियल इसकी कीमत को और ऊपर ले जाता है।
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सीमित विकल्प और प्रीमियम इमेज
फिलहाल फोल्डेबल फोन हर कंपनी नहीं बनाती। बाजार में सीमित विकल्प होने के कारण इन्हें प्रीमियम कैटेगरी में रखा जाता है। नया और अलग डिजाइन होने की वजह से इन्हें स्टेटस सिंबल भी माना जाता है, जिसका असर कीमत पर पड़ता है।
क्या आगे चलकर सस्ते होंगे फोल्डेबल फोन?
जैसे-जैसे तकनीक पुरानी होगी और प्रोडक्शन बढ़ेगा, फोल्डेबल स्मार्टफोन की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल यह टेक्नोलॉजी महंगी है, इसलिए इन फोन्स का प्राइस टैग भी ऊंचा बना हुआ है।