AI Search Mode: गूगल को टक्कर देने निकला Facebook! Meta AI अब देगा आपकी भाषा में हर सवाल का जवाब!
Facebook Is Becoming an AI Search Engine: मेटा ने फेसबुक में नया एआई सर्च मोड लॉन्च कर दिया है, जिससे अब यूजर्स अपनी भाषा में सवाल पूछकर सीधे एआई से जवाब पा सकेंगे। यह नया फीचर फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर मौजूद पब्लिक कंटेंट के आधार पर जवाब तैयार करता है और ट्रैवल, शॉपिंग व सामान्य जानकारी जैसे सवालों में मदद करेगा।
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विस्तार
मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म फेसबुक को एक बहुत बड़ा अपडेट दिया है। अब फेसबुक सिर्फ दोस्तों की तस्वीरें या रील्स देखने की जगह नहीं रहा, बल्कि यह गूगल की तरह एक एआई सर्च इंजन बनने की राह पर है।
अगर आपको नया स्मार्टफोन खरीदना है, ट्रिप प्लान करनी है, या अपनी कार के लिए एक्सेसरी ढूंढनी है, तो अब गूगल पर जाकर दर्जनों वेबसाइट्स छानने की जरूरत नहीं है। फेसबुक का नया एआई सर्च मोड आपकी अपनी भाषा में पूछे गए सवालों के सीधे और डिटेल जवाब देगा। यह फीचर सोशल मीडिया के अनुभव को पूरी तरह से बदलने वाला है।
क्या है फेसबुक एआई सर्च और कैसे बदलेगा आपका अनुभव?
पहले फेसबुक के सर्च बार में कुछ टाइप करने पर आपको सिर्फ पेज, ग्रुप या पोस्ट दिखाई देते थे। लेकिन अब, आप पूरा सवाल पूछ सकते हैं। मेटा का एआई अब सीधे इन सवालों के जवाब देगा।
यह कैसे काम करेगा?
इसे इस्तेमाल करना बेहद आसान है:
- अपने फोन में फेसबुक एप ओपन करें।
- ऊपर दिए गए सर्च बार में अपना सवाल टाइप करें।
- सवाल लिखते ही एआई मोड खुद एक्टिव हो जाएगा और आपको जवाब दे देगा।
- चैटजीपीटी की तरह ही, आप इस एआई से बातचीत को आगे बढ़ाते हुए उसी विषय पर और भी सवाल पूछ सकते हैं।
जवाबों के लिए जानकारी कहां से आएगी?
गूगल पूरे इंटरनेट से जानकारी निकालता है, लेकिन फेसबुक का एआई मोड मुख्य रूप से मेटा के अपने प्लेटफॉर्म्स से डेटा इकट्ठा करेगा:
- फेसबुक की पब्लिक पोस्ट्स
- फेसबुक ग्रुप्स की चर्चाएं
- फेसबुक और इंस्टाग्राम रील्स
- इंस्टाग्राम पर मौजूद पब्लिक कंटेंट
किन कामों में होगा सबसे ज्यादा मददगार?
ट्रैवल: अगर आप पूछते हैं, "उदयपुर में 2 दिन घूमने की बेस्ट जगहें?" तो एआई उन असली लोगों के अनुभव बताएगा जो पहले वहां जा चुके हैं।
शॉपिंग: फेसबुक ग्रुप्स और पोस्ट्स में लोगों के जरिए शेयर किए गए रिव्यूज के आधार पर आपको सही प्रोडक्ट चुनने में मदद मिलेगी।
इन मामलों में एआई का इस्तेमाल बिल्कुल न करें
चूंकि एआई के जवाब लोगों की सोशल मीडिया पोस्ट्स पर आधारित होंगे, इसलिए कुछ गंभीर मामलों में इस पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए:
- बीमारी और दवाइयों से जुड़ी सलाह
- कानूनी मामले
- निवेश और फाइनेंस से जुड़े फैसले
- ब्रेकिंग न्यूज
- सरकारी नियम और कानून
गूगल और चैटजीपीटी से कितना अलग है?
| फीचर | गूगल/चैटजीपीटी | फेसबुक एआई मोड |
| जानकारी का सोर्स | पूरी दुनिया की वेबसाइट्स, रिसर्च पेपर और वीडियोज | सिर्फ मेटा का पब्लिक कंटेंट |
| उद्देश्य | हर तरह की ग्लोबल और फैक्ट-बेस्ड जानकारी देना | लोगों के सोशल मीडिया अनुभवों और चर्चाओं के आधार पर जवाब देना |
इसकी सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
फेसबुक पर मीम्स, पुरानी खबरें, अफवाहें और गलत जानकारियां भी बहुत मौजूद हैं। ऐसे में एआई के लिए एकदम सटीक और सही जानकारी देना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा, अगर एआई सीधे जवाब दे देगा, तो क्या लोग ओरिजिनल क्रिएटर की पोस्ट तक जाएंगे? मेटा ने अभी यह साफ नहीं किया है कि जवाबों में ओरिजिनल सोर्स का जिक्र होगा या नहीं।
क्या इसमें विज्ञापन दिखेंगे?
राहत की बात यह है कि एआई के जरिए दिए गए सीधे जवाबों में कोई अलग से विज्ञापन नहीं दिखाया जाएगा। हालांकि, जिन पोस्ट्स या रील्स से जानकारी ली गई है, वे स्पॉन्सर्ड हो सकती हैं।
भारत में कब होगी एंट्री?
मेटा ने इस नए एआई मोड को कुछ देशों में रोल आउट करना शुरू कर दिया है। चूंकि भारत मेटा के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है, इसलिए उम्मीद है कि यह शानदार फीचर बहुत जल्द भारतीय यूजर्स के लिए भी उपलब्ध हो जाएगा।