पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Mobile Apps ›   NPCI Bets on AI and BHIM to Challenge PhonePe and Google Pay Dominance

UPI का नया मास्टरप्लान: PhonePe-Google Pay को टक्कर देने की तैयारी, AI से स्वदेशी BHIM एप को मिलेगा बड़ा बूस्ट

Sun, 28 Jun 2026 06:15 PM IST
Suyash Pandey टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीे
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीे Published by: Suyash Pandey Updated Sun, 28 Jun 2026 06:15 PM IST
सार

NPCI's Big UPI Plan: NPCI ने यूपीआई के लिए बड़ा लक्ष्य तय करते हुए रोजाना 1 अरब ट्रांजैक्शन और 50 करोड़ नए यूजर्स जोड़ने की योजना बनाई है। इस मिशन में एआई की अहम भूमिका होगी, जिससे फ्रॉड रोकने, नए यूजर्स को जोड़ने, भारतीय भाषाओं और वॉयस-आधारित सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। 

विज्ञापन
NPCI Bets on AI and BHIM to Challenge PhonePe and Google Pay Dominance
AI के दम पर BHIM एप को मिलेगा बूस्ट - फोटो : एआई

विस्तार

भारत में डिजिटल पेमेंट का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। मौजूदा समय में यूपीआई पर हर दिन करीब 75 करोड़ ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। लेकिन, अब NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के चीफ दिलीप असबे ने इससे भी बड़ा विजन पेश किया है।

विज्ञापन


उनका नया लक्ष्य रोजाना 1 अरब ट्रांजैक्शन का आंकड़ा छूना और 50 करोड़ नए यूजर्स को जोड़ना है। इस महात्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सबसे अहम भूमिका निभाने वाला है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि NPCI का यह नया मास्टरप्लान क्या है।

विज्ञापन


यूपीआई को कैसे सुपरचार्ज करेगा एआई?

NPCI, रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार मिलकर एआई तकनीक का भरपूर इस्तेमाल करने की तैयारी में हैं। एआई मुख्य रूप से इन तीन क्षेत्रों में गेम-चेंजर साबित होगा:

विज्ञापन
विज्ञापन
  • फ्रॉड से सुरक्षा: नए यूजर्स का भरोसा जीतने के लिए सिक्योरिटी सबसे जरूरी है। एआई का इस्तेमाल फर्जी खातों को पकड़ने, धोखाधड़ी को तुरंत रोकने और यूजर्स के पैसे को सुरक्षित रखने के लिए किया जाएगा।
  • आसानी से मिलेगा लोन: एआई डेटा का विश्लेषण करके मर्चेंट्स और आम यूजर्स के लिए लोन लेना बहुत आसान बना देगा।
  • वॉयस कमांड और क्षेत्रीय भाषाएं: जो लोग टाइपिंग नहीं कर सकते, उनके लिए भारतीय भाषाओं और आवाज से चलने वाले पेमेंट सॉल्यूशन तैयार किए जा रहे हैं।


फिनटेक के लिए स्मॉल लैंग्वेज मॉडल (SLM)

डिजिटल ट्रांजैक्शन की बढ़ती संख्या को देखते हुए मजबूत नियमों की जरूरत है। असबे के मुताबिक, भारत के पास डेटा की कोई कमी नहीं है। यह फिनटेक कंपनियों के लिए एआई आधारित स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स (SLM) बनाने का बेहतरीन मौका है।



इससे यह आसानी से चेक किया जा सकेगा कि यूजर ने एआई को क्या कमांड दी थी और कोई गड़बड़ी होने पर उसे तुरंत ट्रैक किया जा सकेगा। NPCI का अपना एआई टूल FIMI मॉडल पहले से ही एक्टिव है, जो लाखों ग्राहकों की पेमेंट से जुड़ी दिक्कतों को चुटकियों में सुलझा रहा है।


फोनपे और गूगल पे को मिलेगी कड़ी टक्कर

वर्तमान में भारत के यूपीआई मार्केट के 80 प्रतिशत हिस्से पर सिर्फ दो एप्स- वॉलमार्ट के फोनपे और गूगल पे का कब्जा है। NPCI चाहता है कि बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे और किसी एक या दो कंपनियों का एकाधिकार न हो। इसके लिए NPCI दो बड़े कदम उठा रहा है:

  • 30% मार्केट शेयर कैपिंग: 31 दिसंबर 2026 से एक नया नियम लागू होगा। इसके तहत कोई भी यूपीआई एप पूरे मार्केट के 30% से ज्यादा हिस्से पर कब्जा नहीं कर सकेगा।
  • BHIM एप की वापसी: इन प्राइवेट एप्स को टक्कर देने के लिए NPCI अपने सरकारी BHIM एप को एक बेहद सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प के रूप में पेश कर रहा है।


एक नजर में NPCI का मास्टरप्लान

लक्ष्य / योजना विवरण
नया टार्गेट रोजाना 1 अरब ट्रांजैक्शन और 50 करोड़ नए यूजर्स जोड़ना
एआई का रोल फ्रॉड रोकना, आसान लोन और वॉयस/लोकल भाषा सपोर्ट
नया नियम 31 दिसंबर 2026 से किसी भी ऐप का मार्केट शेयर 30% से ज्यादा नहीं होगा
मुख्य प्रतिद्वंद्वी फोनपे और गूगल पे को भीम एप से मिलेगी टक्कर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed